Posted inहिंदी कहानियाँ

हमें सब दिख रहा है…

  हमारी नई-नई शादी हुई थी, मेरे हसबैंड बहुत शर्मीले हैं। जब आसपास बहुत से लोग होते थे तो वो बात नहीं करते थे। शादी के बाद सबने घूमने का प्लान बनाया। चार-पांच बड़ी गाड़ी में गए, हम साथ थे पर ये चुपचाप बैठे रहे। आते समय सबने हम दोनों को एक ही गाड़ी में […]

Posted inहाय मै शर्म से लाल हुई, हिंदी कहानियाँ

जेठ को हाथ मार दिया

  बहुत पुरानी बात है, जब मैं जेठ व ससुरजी के सामने घूंघट किया करती थी। एक दिन मेरे पतिदेव कान पर रख रेडियो का स्विच घुमा रहे थे। फिर बोले, ‘पकौड़ी खाने का मन कर रहा है, जाओ कुछ पकौड़ियां बना लाओ। हमारा किचन ऊपर था। मैंने पकौडिय़ां बना कर ऊपर से ही इनको आवाज लगाई, ‘पकौड़ी […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

पत्नी प्रेगनेंट होने वाली है…

  मैं एक बैंक में कार्यरत हूं। महिला कर्मचारी के तौर पर मैं अकेली हूं। हमारे बैंक का चपरासी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था, परंतु टूटी-फूटी अंग्रेजी खूब बोलता था। उसकी बातों पर हम सभी हमेशा हंसते रहते थे। एक दिन उसने आकर मुझसे कहा, ‘मैडम, मुझे दो-चार दिनों की छुट्टी चाहिए। मैंने पूछा क्या बात है, […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

नतीजा भुगत रहा हूं

हम पति-पत्नी में यूं तो बेहद प्रेम है, परंतु मेरी तुनक मिजाजी की वजह से कभी-कभी ये बहुत परेशान हो जाते हैं और हमारी लड़ाई हो जाती है। मेरे मम्मी-पापा मेरे छोटे भाई के लिए रिश्ता ढूंढ रहे थे। एक दिन हम मियां-बीबी की लड़ाई हुई। हम दोनों एक-दूसरे से बोल नहीं रहे थे। अगले […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

भैया को बनाया लड़की

  मैं जब छोटी थी तो बहुत शरारती थी। मेरी और मेरे भाई की उम्र में ज्यादा फर्क नहीं था। हम दोनों खूब शरारतें करते रहते थे। एक रोज मैंने अपने भाई से कहा कि वो मेरी कोई ड्रेस पहन ले, मैं उसके कपड़े पहन लूंगी। भैया पहले तो झिझका पर बाद में मान गया और मेरी नई […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

कुत्तों की मम्मी आई हैं

मैं तब पांचवी कक्षा में थी। हमारे पड़ोस में संगीता आंटी रहती थी। उनके दो बेटे विदेश में सैटल थे इसलिए अकेलापन दूर करने के लिए उन्होंने 2 कुत्ते पाले हुए थे। उनका बगीचा हमारी छत से साफ दिखाई देता था। हम छत पर खेलते थे और आंटी बगीचे में कुत्ते के साथ खेलती, उनकी […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

नये ब्रांड का पति

मेरी एक बहुत बुरी आदत थी कि मैं एक ही ब्रांड की चीजें बार-बार इस्तेमाल नहीं करती थी। मुझे हर बार दूसरे ब्रांड की वस्तु ही चाहिए। एक दिन सुबह नहाने के लिए गुसलखाने में गई तो देखा साबुन नहीं था। मैंने अपने देवर से कहा कि वह दुकान से नहाने का साबुन ला दे। उनका […]

Gift this article