पैंक्रियाटिक कैंसर भारत में तेजी से बढ़ रहा एक ‘साइलेंट डिज़ीज़’ है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य पाचन समस्या समझकर नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं। आधुनिक प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी, जेनेटिक टेस्टिंग और उम्र आधारित मूल्यांकन अब इसके इलाज और शुरुआती पहचान को अधिक प्रभावी बना रहे हैं।
