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शांति के क्षण – स्वामी चिन्मयानंद

मानसिक शांति के अत्यन्त सशक्त क्षण केवल दुर्बल खालीपन अथवा सत्ताहीन शून्यता प्रतीत होते हैं। ऐसा है नहीं। अनेक दिशाओं में भटकते हुए दुर्बल मन की भाषा में यह शांति निष्क्रियता या मृत्यु भासित हो सकती है, किंतु ये क्षण बड़े सशक्त हैं।

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