यह हर एक मां और बचपन से किशोर की दहलीज पर कदम रखने वाले बच्चों की कहानी है। इस उम्र में आकर हर बच्चा अपने माता-पिता की टोका टाकी से परेशान होता है और जवाब देने लगता है खास करके मां से इस उमर में ज्यादा दूरियां आने लगती हैं। बच्चे इस उम्र तक आते-आते पहचान जाते हैं कि किस तरह से वे अपनी जिद पूरी करवा सकते हैं और मायें इसलिए परेशान होती हैं क्योंकि बच्चा सुनता नहीं।
