एकादशी का व्रत बेहद पुण्यकारी माना जाता है, मान्यता है कि इसे करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है, वहीं पुत्रदा एकादशी व्रत विशेष रूप से पुत्र कामना के लिए रखा जाता है।
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सोमप्रदोष व्रत 2019: जानिए इसका महत्व और पूजा विधि
सोमप्रदोष का व्रत वैवाहिक जीवन के लिए बेहद लाभकारी होता है
आज है भौमवती आमवस्या, इस विधि से पूजा-अर्चना कर पाएं लाभ
हिंदू धर्म में हर माह की पूर्णिमा और आमवस्या का खास महत्व होता है, जैसा की आज मार्गशीष माह की आमवस्या है और सनातन धर्म ये काफी महत्वपूर्ण तिथइ मानी गई है। चूंकि इस बार ये मगंलवार के दिन पड़ रहा है, ऐसे में ये आमवस्या भौमवती आमवस्या कहलाएगी, जोकि पितरों की पूजा-अर्चना के लिए […]
पूजा के दौरान क्यों जलाते हैं धूपबत्ती
दरअसल, सनातन धर्म यानि कि हिंदू धर्म पूर्णतया वैज्ञानिक और व्यवहारिक धर्म है, जिसमें हर कार्य के लिए कुछ नियम विशेष बनाए गए हैं और इन सभी नियमों के पीछे कहीं ना कोई वैज्ञानिक तथ्य छुपा है। पूजा के दौरान धूपबत्ती जलाने के पीछे भी ऐसा ही अभिप्राय छिपा है।
काल भैरव अष्टमी 2019: इस विधि से काल भैरव की पूजा कर पाए जीवन की हर समस्या से मुक्ति
आज काल भेैरव अष्टमी है, जब भगवान शिव के अवतार काल भैरव की पूजा की जाती है और मान्यता है कि काल भैरव की पूजा-अर्चना से व्यक्ति को जीवन के हर समस्याओं से मुक्ति मिलती है
आखिर पूजा और शुभ काम करते समय क्यों ढका जाता है सिर
हिंदू धर्म में हर कार्य के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं, ऐसे में पूजा कर्म के लिए तो कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं। जैसे कि पूजा करते वक्त सिर को ढ़कना जरूरी माना जाता है। खासकर स्त्रियों के लिए ये बेहद जरूरी होता है, कोई भी पूजा या धर्म कर्म करते वक्त […]
आज है गोपाष्टमी है, जानिए क्या है इसका पौराणिक महत्व
कार्तिक मास की अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है
कार्तिक मास में भूलकर भी ना करें ये काम
कार्तिक माह हिंदू धर्म में सबसे पवित्र माह माना जाता है। ऐसे में इस महीने में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता है, क्योंकि आपकी की गई जरा सी भी गलती से आपके पूजा कर्म निष्फल हो सकते हैं।
कब है सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या , जानें इसका महत्त्व
शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष का आरंभ भाद्रपद पूर्णिमा से होता है और पितृ पक्ष का समापन पितृ मोक्ष अमावस्या से हो जाता है। पूर्वजों को समर्पित 16 दिनों का समय ऐसा माना जाता है जिसमें हमारे पितर या पूर्वज धरती पर आते हैं और इसीलिए पूर्वजों को तर्पण किया जाता है। कहा जाता है कि पूर्वजों को जल इसी तर्पण के माध्यम से दिया जाता है।
जानें कब से शुरू है शारदीय नवरात्र , क्या है कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि हिंदुओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। पूरे भारत में लोग नवरात्रि के इन नौ दिनों के अवसर को बेहद ही उत्साह के साथ मनाते हैं खासतौर पर शारदीय नवरात्रि का अलग ही महत्त्व है। शारदीय नवरात्रि नौ दिनों तक चलती है और दसवें दिन दशहरा का त्यौहार मनाया जाता है । इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह नौ रूप हैं – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, देवी कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।
