इसमें हैरानी की कोई बात नहीं कि ज्यादातर एसटीडी गर्भावस्था को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इनका पहले से पता लगा कर इलाज किया जा सकता है, लेकिन महिलाओं को इस विषय में जानकारी ही नहीं हो पाती इसलिए सभी गर्भवती महिलाओं की क्लामाइडिया, गोनोरिया, ट्राइकोमोनाइसिस,हेपेटाइटिस बी, एच आई वी व सिफलिस की जांच होनी चाहिए।
