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बोझिल पलकें- भाग 4

रेल का सफ़र तो अजय पूरा कर चुका था, लेकिन उसका मन कहीं अंशु के पीछे ही चला गया। उसे अपने जीवन में जिस आशा की किरण की आस है, क्या अंशु वह किरण बन पाएगी?

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