कुछ रास्ते बहुत ऊबड़ खाबड़ होते हैं, काम आसान नहीं होता और अलग सोच वालों की हमेशा जीत नहीं होती। लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अलग राह चुनी जो संकरी थी लेकिन हिम्मत, जोश, जुनून से मंजिल मिल ही गई। ऐसी ही एक मिसाल हैं सलोनी मल्होत्रा जो पेटीएम की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट हैं लेकिन इनकी बड़ी उपलब्धि है इनका पहला ग्रामीण बीपीओ जो गांव और तकनीक को एक साथ लाने का एक बेहतरीन प्रयास है।
