शिवलिंग भगवान शिव और देवी शक्ति (पार्वती) का आदि-अनादि एकल रूप है शिवलिंग मात्र की पूजा करने से ही पार्वती−परमेश्वर दोनों की पूजा हो जाती है। पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि लिंग के मूल में ब्रह्मा मध्य देश में त्रैलोक्यनाथ विष्णु और ऊपर प्राणस्वरूप महादेव स्थित हैं। वेदी महादेवी हैं और लिंग महादेव हैं। अतः एक लिंग की पूजा में सबकी पूजा हो जाती है।
