Grehlakshmi Ki Kahani: फरवरी की गुलाबी ठंड कहीं दूर रेडियो पर लता जी के प्यार भरे नगमों की मंद स्वर लहरी हवा के पंखों पर सवार होकर खिड़की से आ रही थी। खिड़की से झांकती चांदनी और सफेद चांद की रौशनी से झोपड़ी नहा उठी। शांति ने न जाने क्या सोचकर खिड़की के परदों को […]
