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Makar Rashifal 2022
Capricorn Horoscope 2022

भो, जा, जी उत्तराषाढ़ा‒3

जू, जे, जो, खा अभिजित-4

खा खी, खू, खे, खो श्रवण‒4

गा, गी धनिष्ठा‒2


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में शनि कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, बृहस्पति+मंगल मीन राशि का तृतीय भाव में, राहु+शुक्र मेष राशि का चतुर्थ भाव में, सूर्य+बुध वृषभ राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का षष्ठम भाव में, केतु तुला राशि का दशम भाव में चलायमान है।


8 जून से 15 जून तक

8 को किसी रिश्तेदार से सम्बंधित कोई अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। लापरवाही से धनहानि के योग बनते हैं। 10 व 11 को राजकीय कार्य किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से पूरे होंगे। नया काम और सकारात्मक सोच जिन्दगी का खेल जीतने में मददगार साबित होंगे। 11 व 12 को चंद्रमा केतु की युति परिश्रम व मेहनत के उपरांत सफलता दिलाएगी। आप किसी धर्म स्थल, मंदिर, मठ, मस्जिद या गुरुद्वारे में जा सकते हैं। लेखन के कार्यों में रुचि रहेगी। 13 व 14 को आर्थिक रूप से आप सक्षम व सुदृढ़ स्थिति में रहेंगे। करियर व नौकरी में महत्त्वपूर्ण पदभार सौंपा जा सकता है। कहीं से रुका हुआ व अटका हुआ रुपया प्राप्त होगा। 15 को कलह, वाद-विवाद में उलझ सकते हैं।

मकर राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2021शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी4, 5, 8, 9, 27, 28, 311, 2, 11, 12, 20, 21, 22, 29, 30
फरवरी1, 4, 5, 23, 24, 287, 8, 16, 17, 18, 26
मार्च3, 4, 5, 22, 23, 27, 28, 316, 7, 8, 16, 17, 25
अप्रैल1, 19, 20, 23, 24, 27, 283, 4, 12, 13, 14, 21, 22, 30
मई16, 17, 20, 21, 22, 24, 25, 261, 9, 10, 11, 18, 19, 27, 28, 29
जून12, 13, 17, 18, 21, 226, 7, 8, 15, 23, 24, 25
जुलाई10, 11, 14, 15, 18, 19, 203, 4, 5, 12, 13 20, 21, 22, 30, 31
अगस्त6, 7, 11, 12, 14, 15, 161, 9, 17, 18, 26, 27, 28
सितम्बर2, 3, 4, 7, 8, 11, 12, 305, 6, 13, 14, 15, 23, 24, 25
अक्टूबर1, 4, 5, 6, 8, 9, 27, 282, 3, 11, 12, 20, 21, 22, 30, 31
नवम्बर1, 2, 4, 5, 6, 23, 24, 28, 297, 8, 16, 17, 18, 26
दिसम्बर2, 3, 21, 22, 25, 26, 29, 304, 5, 6, 14, 15, 16, 23, 24

मकर राशि का वार्षिक भविष्यफल

Makar Rashifal 2022
मकर राशि

इस वर्ष मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। इस वर्ष 29 अप्रैल तक शनि आपकी राशि में गतिशील रहेंगे। शनि का यह परिभ्रमण स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव तो रखेगा, परंतु व्यापार व कामकाज में सफलता के संकेत इस दौरान मिल रहे हैं। इस वर्ष आपको मेहनत व परिश्रम पहले की अपेक्षा कुछ अधिक ही करना पड़ेगा। आप पूरी तरह से तल्लीन होकर काम में जुट जाएंगे। यह वर्ष आपके लिए काफी चुनौतियों से परिपूर्ण रहेगा। समस्याएं भी एक के बाद एक लगी रहेंगी। आप कठोर परिश्रम, बुद्धि, विवेक व होशियारी से हर समस्या, हर मुश्किल का हल खोज ही लेंगे। इस वर्ष व्यापार व कामकाज को पटरी पर लाने के लिए भरसक मेहनत, प्रयास व परिश्रम करना पड़ेगा। इन संघर्ष पूर्ण स्थितियों के बीच लाभ की भी बरसात होगी। परंतु आपको कई मामलों में बहुत सजग व होशियार रहना पड़ेगा। भागीदार पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें व ग्राहकों के साथ सीधा संवाद में रहें। इस वर्ष धन प्राप्ति की संभावनाएं प्रबल हैं। एकादश स्थान में वर्षारंभ में मंगल+चंद्रमा की युति धनदायक रहेगी, लेकिन इस वर्ष खर्च की भी प्रबल संभावनाएं हैं। धन का प्रवाह बना रहेगा, पैसा पास में टिक नहीं पाएगा।
इस वर्ष शनि आपकी राशि में तथा दूसरे भाव (कुंभ राशि) में वर्षपर्यंत परिभ्रमण करेंगे। अतः व्यापार में विस्तार की जो योजना पिछले काफी समय से लम्बित चल रही थी, उस पर काम होगा। बुध वर्षारंभ में शनि के साथ है। अतः बुद्धिमत्ता व विवेक से आप हर मुश्किल समस्या का हल निकाल ही लेंगे। यह वर्ष आपके लिए उपलब्धियों से परिपूर्ण रहेगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि वक्रस्थिति में चलायमान रहेंगे। अतः इस दौरान कभी-कभार मन में निराशाजनक व नकारात्मक विचारों की स्थिति बन सकती है। व्यापार व कार्यक्षेत्र में कुछ महत्त्वपूर्ण सूचनाएं व व्यापारिक जानकारी लीक हो सकती है। भागीदार व कर्मचारी की हर गतिविधि पर पैनी निगाह आपको बड़े से बड़े खतरे से बचा सकती है। शत्रु व विरोधी हावी होंगे, सम्पत्ति के रख-रखाव पर खर्चा होगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेंगे। पेट से सम्बंधित समस्या, जोड़ों का दर्द, दीर्घकालिक बीमारियां हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी रहेंगी। व्यापार में नए अनुबंधन व करार इस वर्ष जून के पश्चात होंगे। आपको सलाह दूंगा कि आप किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें। नौकरी में जो समस्याएं चली आ रही थीं वह समाप्त हो जाएंगी। विभागीय जांच व अन्य नौकरी से सम्बंधित जांच का निर्णय आपके पक्ष में आएगा। नौकरी से सम्बंधित परीक्षा का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू, साक्षात्कार का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा। इस वर्ष आप जो काम करने की एक बार मन में ठान लेंगे, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। इस वर्ष मनोनुकूल तबादला, पदोन्नति व वेतन वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। काम में लापरवाही नहीं करें। इस वर्ष व्यापार विस्तार को लेकर लोन ले सकते हैं। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। अतः वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से व्यवहार में पूरी सावधानी रखें। अपने अध्ययन के प्रति समर्पित रहेंगे। आत्मविश्वास व मनोबल आप में गजब का रहेगा। जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में किसी रिश्तेदार से सम्बंधित कोई अशुभ या अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। वर्ष के अंत में घर में किसी शुभ या मांगलिक प्रसंग की रूपरेखा बन सकती है।

मकर राशि कैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

मकर राशि के जातकों के लिए यह साल शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से ढीला रहेगा। इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। हालांकि, किसी गंभीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका बनी हुई है। बुरी आदतों शराब, गुटका, तम्बाकू आदि का त्याग कर दें। खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखें। इस वर्ष परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के चलते आपको अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। मौसमी बीमारियों से भी कष्टानुभूति रहेगी। नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम, खान-पान से आप हर स्वास्थ्य की समस्या का समाधान कर पाएंगे।

मकर राशि व्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

व्यापार, कारोबार की दृष्टि से यह साल 2022 कुछ चुनौतियों को देने वाला साल है। व्यापार में विस्तार की योजना जो पिछले काफी समय से रुकी हुई या अटकी हुई थी वह अल्प प्रयास से ही पूरी हो जाएगी। उत्पादन व मार्केटिंग पर आपका ज्यादा जोर रहेगा। इस वर्ष 29 अप्रैल से 12 जुलाई के मध्य व्यापार को पटरी पर लाने के लिए आप नए अनुबंधन या करार कर सकते हैं। लेकिन अनुबंधन व करार की शर्तों को अच्छी तरह से पढ़ लें। इस अनुबंधन व करार के परिणाम दूरगामी रहेंगे। रुपयों व पैसों की आवक होगी लेकिन पैसा आने से पहले फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 13 अप्रैल तक दूसरे भाव का बृहस्पति धन संचय में बाधक है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य व्यापार में कोई गलत निर्णय हो जाएगा। गलत जगह पर धन का निवेश हो जाएगा। इस दौरान आपके साथ कोई विश्वासघात या धोखा भी हो सकता है। उधार देने से बचें। अगर आप नौकरी में हैं तो इस समय आपके विरुद्ध कोई षड्यंत्र या गुप्त योजना कारित हो सकती है। व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी व प्रतिस्पर्धी भी आपके खिलाफ कोई गुप्त योजना रच सकते हैं। लेन-देन व रुपयों पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। अत्यधिक विश्वास हानि का कारण बनेगा। भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद-फरोख्त से पूर्व कागजात व दस्तावेजों की भली प्रकार जांच कर लें। भागीदार व कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखें।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष घर-परिवार का वातावरण काफी अनुकूल रहेगा। दाम्पत्य सम्बंधों में कभी-कभार हल्का-फुल्का तनाव व गलफहमियों की दीवार बन सकती है, लेकिन धीमे-धीमे गलतफहमियों का निराकरण हो जाएगा। आप यह महसूस करेंगे कि हर मुश्किल परिस्थितियों में आपका परिवार मजबूती से आपके साथ खड़ा है। हालांकि जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में परिवार के किसी वरिष्ठ व बुजुर्ग सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है, जिस कारण आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। 13 अप्रैल के बाद बृहस्पति के तीसरे स्थान में होने के कारण संतान के अध्ययन, करियर, नौकरी से सम्बंधित शुभ संदेश व समाचार प्राप्त होगा। रिश्तेदारों से कोई खास सहयोग की अपेक्षा नहीं है। संतान की शिक्षा, विषय का चयन, कॉलेज में दाखिला, शादी-विवाह से सम्बंधित चिंता का निराकरण हो जाएगा।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

13 अप्रैल को देवगुरु बृहस्पति तीसरे स्थान (मीनराशि) में प्रवेश करेंगे। अतः विद्याध्ययन में पूरी तरह से एकाग्रचित्तता बनेगी। विद्यार्थियों को परीक्षा में वांछित सफलता मिलेगी। करियर व नौकरी से सम्बंधित परीक्षा, विभागीय परीक्षा में सफलता 13 अप्रैल के बाद मिलेगी। प्रेम-प्रसंग, आलतू-फालतू कामों व सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाकर रखें। जुलाई से नवम्बर के मध्य बृहस्पति वक्री रहेंगे। अतः इस दौरान नौकरी में आपके विरुद्ध कोई शिकायत हो सकती है। आपके वरिष्ठ उच्चाधिकारी आपकी कार्यशैली से नाराज रहेंगे। नौकरी में अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से लेन-देन से बचें। हालांकि कानूनी शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों को सफलता मिल जाएगी। नौकरी में इंटरव्यू-साक्षात्कार में आत्मविश्वास में थोड़ी कमजोरी रहेगी। पढ़ाई में एकाग्रचित्तता का अभाव रहेगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

यह वर्ष प्रेम-प्रसंगों के लिहाज से अच्छा रहेगा। प्रेमी-प्रेमिका से मुलाकात होगी। हालांकि 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में प्रेम-प्रसंगों के उजागर होने का खतरा बना हुआ है।सावधान, उसका नकारात्मक प्रभाव आपके परिवारिक जीवन पर भी पड़ सकता है। मकर राशि के जातक भावुक प्रवृत्ति के होते हैं और भावुकता के आवेश में आपसे कोई गलत निर्णय हो सकता है। किसी जरूरतमंद या संकट में फंसे हुए मित्र की तरफ आप मदद का हाथ बढ़ाएंगे। मित्र भी संकट के समय किए गए कार्य को कभी नहीं भूल पाएगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

इस वर्ष वाहन से आपको परेशानी हो सकती है। शनि आपकी राशि में वर्षारंभ में स्थित है। शनि की साढ़ेसाती के कारण वाहन बार-बार खराब होगा तथा बार-बार उस पर हो रहे खर्चों से भी आप परेशान रहेंगे। वाहन चलाते समय शराब का सेवन नहीं करें। मोबाइल से भी, ड्राइव करते समय दूरी बनाकर रखें, कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अकारण व फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आपको लोन लेना पड़ सकता है। जहां तक शुभकार्य की बात है, इस वर्ष संतान के करियर व उसकी शिक्षा पर खर्च होगा। परंतु इसे शुभ खर्च ही कहा जाएगा। इसी पर भविष्य की मजबूत व सशक्त ईमारत खड़ी होगी। वर्ष के अंत में किसी शुभ व मांगलिक प्रसंग की गूंज सुनाई दे रही है।

मकर राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती के कारण व्यापार में नुकसान 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण हो सकता है। शेयर्स, लॉटरी, जुआ, सट्टा आदि से उचित दूरी बनाकर रखें, आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें। व्यापार में विस्तार, भूमि, भवन, वाहन आदि के लिए लोन की स्थिति रह सकती है। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण कोई अनहोनी हो सकती है। किसी पारिवारिक सदस्य से सम्बंधित कोई अनहोनी घटित हो सकती है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष यात्राएं कोई खास लाभप्रद नहीं रहेंगी। हालांकि छोटी-मोटी कई यात्राएं होंगी। सपरिवार यात्रा का कार्यक्रम अप्रैल से जून के मध्य बन सकता है।

कैसे बनाये मकर राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष के अधिक शुभ परिणाम प्राप्त करने हेतु कटैला युक्त शनियंत्र गले में धारण करें। “ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः श्नैश्चराय नमः” की माला नित्य नियमित करें। शनिवार को एक मुट्ठी काले उड़द अपने ऊपर से 7 बार उसार कर पक्षियों को चुगाएं शनिवार को शनि मंदिर में तिल व तेल चढ़ाएं। बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल पास में रखें।

मकर राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मकर राशि का स्वामी शनि है। शनि प्रधान व्यक्ति मेहनत से नहीं घबराते हैं। मकर राशि के जातक व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) तथा बलवान होते हैं, परंतु पैरों में कभी-कभार तकलीफ रहती है।
शनि पाप ग्रह है तथा उनका रंग काला है। इस राशि वाले व्यक्ति प्रायः काले, नाक चपटी, पैनी आंखें, शरीर से ये पतले, फुर्तीले तथा कुछ लम्बे कद के होते हैं। यह चर संज्ञक व पृथ्वी तत्त्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक भाव उच्च पदाभिलाषी प्रकृति की होती है। क्रोध इनको धीरे-धीरे आता है व शांत भी ये देरी से होते हैं। जहां ये अपना पक्ष कमजोर देखते हैं, वहां पर ये नम्र हो जाते हैं।
मकर राशि में उत्पन्न जातक शान्त तथा उदार प्रवृत्ति के होते हैं तथा अन्य जनों के प्रति उनके मन में प्रेम तथा सहानुभूति का भाव विद्यमान रहता है। इनके मुखमंडल पर विचारशीलता, शांति एवं गंभीरता सदैव बनी रहती है। ये अत्यंत ही कर्मशील एवं परिश्रमी होते हैं। फलतः सांसारिक महत्त्व के कार्यों को सम्पन्न करके उनमें सफलता अर्जित करते हैं। इनमें कार्य करने की क्षमता प्रबल होती है तथा यही इनकी सफलता का रहस्य होता है। समाज एवं देशसेवा के प्रति ये उद्यत रहते हैं। ये साहसी एवं संघर्षशील होते हैं तथापि मन में यदा-कदा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते हैं, जिससे सुख-दुःख में समान भाव की अनुभूति करते हैं। परिश्रमी एवं अध्ययनशील होने के कारण ये अनुसंधान विज्ञान या शास्त्रीय विषयों का ज्ञान अर्जित करके एक विद्वान के रूप में सामाजिक पहचान प्राप्त करते हैं। आप स्वस्थ एवं बलशाली पुरुष होंगे। आप में आदर्शवादिता का भाव होगा तथा अपने आदर्शों पर चलने के लिए आप स्वतंत्र होंगे। देश-सेवा का भाव भी आप में विद्यमान रहेगा तथा शत्रु एवं प्रतिद्वन्द्वियों से भी उदारता का व्यवहार करेंगे। फलतः वे भी आपसे प्रभावित होंगे।
आप बुद्धिमत्तापूर्वक अपने कार्यकलापों को सम्पन्न करके धनैश्वर्य, वैभव एवं सुख अर्जित करेंगे। संगीत के प्रति आपकी विशेष रुचि रहेगी तथा इस क्षेत्र में परिश्रमपूर्वक कोई विशिष्ट उपलब्धि भी अर्जित कर सकते हैं। आप श्रेष्ठ कार्यों को करने में रुचि लेंगे तथा एक चतुर व्यक्ति के रूप में जाने जाएंगे। आपकी पुत्र संतति प्रसिद्ध रहेगी तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग मिलता रहेगा।
पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण सम्मान तथा आदर की भावना होगी तथा उनकी सेवा करने में हमेशा तत्पर रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी तथा प्रचुर मात्रा में धन एवं लाभ अर्जित करके एक धनवान के रूप में सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। आप युवावस्था में संघर्षशील रहेंगे और वृद्धावस्था में सुख एवं शांति प्राप्त करेंगे।
धर्म में आस्था होने के कारण समयानुसार धार्मिक कार्यकलापों को भी सम्पन्न करेंगे। इससे आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। मित्र एवं बंधु वर्ग के आप प्रिय होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण लाभ एवं सहयोग प्राप्त होगा। आप किसी बात पर निर्णय सोच-विचार कर धीरे-धीरे लेंगे। आप ऊंची-ऊंची योजनाएं बनाने में सदा तत्पर रहते हैं। कमाते बहुत हैं पर धन पास में टिकता नहीं, हर समय द्रव्य का अभाव महसूस करते हैं। पत्नी व आपके विचारों में असमानताएं, आपके वैवाहिक सुख को कटुतर बनाने में सहायक हैं। आपकी राशि का चिह्न ‘मगरमच्छ’ है। ‘मगरमच्छ के आंसू’ वाली कहावत लोक-प्रसिद्ध है। ऐसे व्यक्ति दीन स्वरूप व दयनीय स्थिति का बोध कराते हैं, लेकिन कपटी होते हैं। ये बहुभोगी व विषयवासना में आसक्त रहने वाले व्यक्ति होते हैं। भोजन के बाद शीघ्र आराम करने की इच्छा रहती है। ये कहते कुछ हैं व करते कुछ हैं।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘उत्तराषाढ़ा नक्षत्र’ के (भो, जा, जी) चरणों में हुआ है, तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-नकुल, गण-मनुष्य, वर्ण-क्षत्रिय, हंसक-अग्नि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा है। इस नक्षत्र का द्वितीय चरण का वर्ग-मूषक, अन्य दोनों चरणों का वर्ग-सिंह है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक बहुत नम्र, बहुत मित्रों वाला, धार्मिक, कृतज्ञ, भाग्यशाली होता है। उत्तराषाढ़ा सूर्य का नक्षत्र है, जो कि चंद्रमा का मित्र है, इसलिए यह शुभ फल कहा जाता है।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘श्रवण नक्षत्र’ (जू, जे, जो, खा) में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-कपि, गण-देव, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा तथा प्रथम तीन चरण का वर्ग-सिंह एवं अन्तिम चरण का वर्ग-बिलाव है। श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोग अपने कार्यक्षेत्र में ऊंचा नाम कमाते हैं। परोपकार व धार्मिक कार्यों में धन, समय व श्रम का समुचित उपयोग करेंगे।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ के प्रथम व द्वितीय चरण (गा, गी) में हुआ है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सिंह, गण-राक्षस, हंसक-भूमि, नाड़ी-मध्य, पाया-तांबा एवं वर्ग-बिलाव है। धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति निडर व निर्भीक होता है। ये संगीत प्रेमी होते हैं और समाज में इनकी प्रतिष्ठा होती है।
मकर राशि वाले व्यक्ति प्रायः एकांतप्रिय व भीड़-भाड़ से दूर रहना पसन्द करते हैं। इनमें स्वार्थ की प्रवृत्ति कुछ विशेष रहने के कारण इनको धार्मिक व राजनैतिक क्षेत्र में सफलताएं कम मिलती हैं। ये अत्यधिक गोरे होंगे या काले। इसी प्रकार या तो ये कट्टर आस्तिक होंगे या फिर एकदम नास्तिक। आपके अनुकूल फलदायक रत्न ‘नीलम’ है।

मकर राशि वालों के लिए उपाय

आपकी राशि का अधिपति शनि है। अतः 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिलाकर पक्षियों को चुगाएं। काले कुत्ते को रोटी खिलाना भी आपके लिए लाभप्रद रहेगा। गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करें। बैंगनी रंग व नीला रंग उपयुक्त रहता है। नीलम, नीली या शनि यंत्र धारण करें। शनिवार का व्रत करें।

मकर राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ मकर
    1. राशि चिह्न ‒ मगरमच्छ
    2. राशि स्वामी ‒ शनि
    3. राशि तत्त्व ‒ पृथ्वी तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ चर
    5. राशि दिशा ‒ दक्षिण
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री, तमोगुणी
    7. राशि जाति ‒ वैश्य
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ घुटना (टखने)
    10. अनुकूल रत्न ‒ नीलम
    11. अनुकूल उपरत्न ‒ कटेला
    12. अनुकूल धातु ‒ लोहा, त्रिलोह
    13. अनुकूल रंग ‒ नीला, आसमानी, काला
    14. शुभ दिवस ‒ शनिवार
    15. अनुकूल देवता ‒ शनिदेव
    16. व्रत, उपवास ‒ शनिवार
    17. अनुकूल अंक ‒ 8
    18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 8/17/26
    19. मित्र राशियां ‒ कुंभ
    20. शत्रु राशियां ‒ सिंह
    21. व्यक्तित्व ‒ परोपकारी, दयालु, प्रशासक
    22. सकारात्मक तथ्य ‒ व्यावहारिक धरातल पर चलने वाला कठोर परिश्रमी, सही सलाह देने वाला
    23. नकारात्मक तथ्य ‒ सन्देहास्पद प्रवृत्ति, कठिनता से मानने वाला

भो, जा, जी उत्तराषाढ़ा‒3

जू, जे, जो, खा अभिजित-4

खा खी, खू, खे, खो श्रवण‒4

गा, गी धनिष्ठा‒2


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में शनि+मंगल कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, शुक्र+बृहस्पति मीन राशि का तृतीय भाव में, सूर्य+राहु+चंद्रमा मेष राशि का चतुर्थ भाव में, बुध वृषभ राशि का पंचम भाव में, केतु तुला राशि का दशम भाव में चलायमान है।


1 मई से 7 मई तक

1 मई को आप बिना बात किसी से उलझ पड़ेंगे। प्रतिस्पर्धी व प्रतिद्वंद्वी आपसे कहीं आगे निकल जाएंगे। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य डांवाडोल रहेगा। 2 से 4 मई के मध्य मेहमानों का आगमन होगा। संतान के करियर, विवाह सम्बंधी महत्त्वपूर्ण निर्णय हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय एकदम उपयुक्त है। अध्ययन, शोध, अनुसंधान आदि में प्रवृत्त होंगे। कोई रोचक व ज्ञानवर्धक साहित्य का अध्ययन करेंगे। 5 व 6 मई को शत्रु व विरोधी परास्त होंगे। कोर्ट-केस आदि में स्थितियां आपके पक्ष में बनेंगी। किसी रिश्तेदार या परिचित से सम्बंधित शुभ समाचार प्राप्त होगा। 7 को परिवार आपकी प्राथमिकता पर रहेगा। जीवन साथी का सहयोग मिलेगा। भागीदार व पार्टनर से सम्बंधों में प्रगाढ़ता आएगी।

मकर राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2021शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी4, 5, 8, 9, 27, 28, 311, 2, 11, 12, 20, 21, 22, 29, 30
फरवरी1, 4, 5, 23, 24, 287, 8, 16, 17, 18, 26
मार्च3, 4, 5, 22, 23, 27, 28, 316, 7, 8, 16, 17, 25
अप्रैल1, 19, 20, 23, 24, 27, 283, 4, 12, 13, 14, 21, 22, 30
मई16, 17, 20, 21, 22, 24, 25, 261, 9, 10, 11, 18, 19, 27, 28, 29
जून12, 13, 17, 18, 21, 226, 7, 8, 15, 23, 24, 25
जुलाई10, 11, 14, 15, 18, 19, 203, 4, 5, 12, 13 20, 21, 22, 30, 31
अगस्त6, 7, 11, 12, 14, 15, 161, 9, 17, 18, 26, 27, 28
सितम्बर2, 3, 4, 7, 8, 11, 12, 305, 6, 13, 14, 15, 23, 24, 25
अक्टूबर1, 4, 5, 6, 8, 9, 27, 282, 3, 11, 12, 20, 21, 22, 30, 31
नवम्बर1, 2, 4, 5, 6, 23, 24, 28, 297, 8, 16, 17, 18, 26
दिसम्बर2, 3, 21, 22, 25, 26, 29, 304, 5, 6, 14, 15, 16, 23, 24

मकर राशि का वार्षिक भविष्यफल

Makar Rashifal 2022
मकर राशि

इस वर्ष मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। इस वर्ष 29 अप्रैल तक शनि आपकी राशि में गतिशील रहेंगे। शनि का यह परिभ्रमण स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव तो रखेगा, परंतु व्यापार व कामकाज में सफलता के संकेत इस दौरान मिल रहे हैं। इस वर्ष आपको मेहनत व परिश्रम पहले की अपेक्षा कुछ अधिक ही करना पड़ेगा। आप पूरी तरह से तल्लीन होकर काम में जुट जाएंगे। यह वर्ष आपके लिए काफी चुनौतियों से परिपूर्ण रहेगा। समस्याएं भी एक के बाद एक लगी रहेंगी। आप कठोर परिश्रम, बुद्धि, विवेक व होशियारी से हर समस्या, हर मुश्किल का हल खोज ही लेंगे। इस वर्ष व्यापार व कामकाज को पटरी पर लाने के लिए भरसक मेहनत, प्रयास व परिश्रम करना पड़ेगा। इन संघर्ष पूर्ण स्थितियों के बीच लाभ की भी बरसात होगी। परंतु आपको कई मामलों में बहुत सजग व होशियार रहना पड़ेगा। भागीदार पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें व ग्राहकों के साथ सीधा संवाद में रहें। इस वर्ष धन प्राप्ति की संभावनाएं प्रबल हैं। एकादश स्थान में वर्षारंभ में मंगल+चंद्रमा की युति धनदायक रहेगी, लेकिन इस वर्ष खर्च की भी प्रबल संभावनाएं हैं। धन का प्रवाह बना रहेगा, पैसा पास में टिक नहीं पाएगा।
इस वर्ष शनि आपकी राशि में तथा दूसरे भाव (कुंभ राशि) में वर्षपर्यंत परिभ्रमण करेंगे। अतः व्यापार में विस्तार की जो योजना पिछले काफी समय से लम्बित चल रही थी, उस पर काम होगा। बुध वर्षारंभ में शनि के साथ है। अतः बुद्धिमत्ता व विवेक से आप हर मुश्किल समस्या का हल निकाल ही लेंगे। यह वर्ष आपके लिए उपलब्धियों से परिपूर्ण रहेगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि वक्रस्थिति में चलायमान रहेंगे। अतः इस दौरान कभी-कभार मन में निराशाजनक व नकारात्मक विचारों की स्थिति बन सकती है। व्यापार व कार्यक्षेत्र में कुछ महत्त्वपूर्ण सूचनाएं व व्यापारिक जानकारी लीक हो सकती है। भागीदार व कर्मचारी की हर गतिविधि पर पैनी निगाह आपको बड़े से बड़े खतरे से बचा सकती है। शत्रु व विरोधी हावी होंगे, सम्पत्ति के रख-रखाव पर खर्चा होगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेंगे। पेट से सम्बंधित समस्या, जोड़ों का दर्द, दीर्घकालिक बीमारियां हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी रहेंगी। व्यापार में नए अनुबंधन व करार इस वर्ष जून के पश्चात होंगे। आपको सलाह दूंगा कि आप किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें। नौकरी में जो समस्याएं चली आ रही थीं वह समाप्त हो जाएंगी। विभागीय जांच व अन्य नौकरी से सम्बंधित जांच का निर्णय आपके पक्ष में आएगा। नौकरी से सम्बंधित परीक्षा का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू, साक्षात्कार का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा। इस वर्ष आप जो काम करने की एक बार मन में ठान लेंगे, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। इस वर्ष मनोनुकूल तबादला, पदोन्नति व वेतन वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। काम में लापरवाही नहीं करें। इस वर्ष व्यापार विस्तार को लेकर लोन ले सकते हैं। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। अतः वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से व्यवहार में पूरी सावधानी रखें। अपने अध्ययन के प्रति समर्पित रहेंगे। आत्मविश्वास व मनोबल आप में गजब का रहेगा। जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में किसी रिश्तेदार से सम्बंधित कोई अशुभ या अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। वर्ष के अंत में घर में किसी शुभ या मांगलिक प्रसंग की रूपरेखा बन सकती है।

कैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

मकर राशि के जातकों के लिए यह साल शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से ढीला रहेगा। इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। हालांकि, किसी गंभीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका बनी हुई है। बुरी आदतों शराब, गुटका, तम्बाकू आदि का त्याग कर दें। खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखें। इस वर्ष परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के चलते आपको अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। मौसमी बीमारियों से भी कष्टानुभूति रहेगी। नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम, खान-पान से आप हर स्वास्थ्य की समस्या का समाधान कर पाएंगे।

व्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

व्यापार, कारोबार की दृष्टि से यह साल 2022 कुछ चुनौतियों को देने वाला साल है। व्यापार में विस्तार की योजना जो पिछले काफी समय से रुकी हुई या अटकी हुई थी वह अल्प प्रयास से ही पूरी हो जाएगी। उत्पादन व मार्केटिंग पर आपका ज्यादा जोर रहेगा। इस वर्ष 29 अप्रैल से 12 जुलाई के मध्य व्यापार को पटरी पर लाने के लिए आप नए अनुबंधन या करार कर सकते हैं। लेकिन अनुबंधन व करार की शर्तों को अच्छी तरह से पढ़ लें। इस अनुबंधन व करार के परिणाम दूरगामी रहेंगे। रुपयों व पैसों की आवक होगी लेकिन पैसा आने से पहले फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 13 अप्रैल तक दूसरे भाव का बृहस्पति धन संचय में बाधक है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य व्यापार में कोई गलत निर्णय हो जाएगा। गलत जगह पर धन का निवेश हो जाएगा। इस दौरान आपके साथ कोई विश्वासघात या धोखा भी हो सकता है। उधार देने से बचें। अगर आप नौकरी में हैं तो इस समय आपके विरुद्ध कोई षड्यंत्र या गुप्त योजना कारित हो सकती है। व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी व प्रतिस्पर्धी भी आपके खिलाफ कोई गुप्त योजना रच सकते हैं। लेन-देन व रुपयों पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। अत्यधिक विश्वास हानि का कारण बनेगा। भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद-फरोख्त से पूर्व कागजात व दस्तावेजों की भली प्रकार जांच कर लें। भागीदार व कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखें।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष घर-परिवार का वातावरण काफी अनुकूल रहेगा। दाम्पत्य सम्बंधों में कभी-कभार हल्का-फुल्का तनाव व गलफहमियों की दीवार बन सकती है, लेकिन धीमे-धीमे गलतफहमियों का निराकरण हो जाएगा। आप यह महसूस करेंगे कि हर मुश्किल परिस्थितियों में आपका परिवार मजबूती से आपके साथ खड़ा है। हालांकि जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में परिवार के किसी वरिष्ठ व बुजुर्ग सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है, जिस कारण आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। 13 अप्रैल के बाद बृहस्पति के तीसरे स्थान में होने के कारण संतान के अध्ययन, करियर, नौकरी से सम्बंधित शुभ संदेश व समाचार प्राप्त होगा। रिश्तेदारों से कोई खास सहयोग की अपेक्षा नहीं है। संतान की शिक्षा, विषय का चयन, कॉलेज में दाखिला, शादी-विवाह से सम्बंधित चिंता का निराकरण हो जाएगा।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

13 अप्रैल को देवगुरु बृहस्पति तीसरे स्थान (मीनराशि) में प्रवेश करेंगे। अतः विद्याध्ययन में पूरी तरह से एकाग्रचित्तता बनेगी। विद्यार्थियों को परीक्षा में वांछित सफलता मिलेगी। करियर व नौकरी से सम्बंधित परीक्षा, विभागीय परीक्षा में सफलता 13 अप्रैल के बाद मिलेगी। प्रेम-प्रसंग, आलतू-फालतू कामों व सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाकर रखें। जुलाई से नवम्बर के मध्य बृहस्पति वक्री रहेंगे। अतः इस दौरान नौकरी में आपके विरुद्ध कोई शिकायत हो सकती है। आपके वरिष्ठ उच्चाधिकारी आपकी कार्यशैली से नाराज रहेंगे। नौकरी में अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से लेन-देन से बचें। हालांकि कानूनी शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों को सफलता मिल जाएगी। नौकरी में इंटरव्यू-साक्षात्कार में आत्मविश्वास में थोड़ी कमजोरी रहेगी। पढ़ाई में एकाग्रचित्तता का अभाव रहेगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

यह वर्ष प्रेम-प्रसंगों के लिहाज से अच्छा रहेगा। प्रेमी-प्रेमिका से मुलाकात होगी। हालांकि 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में प्रेम-प्रसंगों के उजागर होने का खतरा बना हुआ है।सावधान, उसका नकारात्मक प्रभाव आपके परिवारिक जीवन पर भी पड़ सकता है। मकर राशि के जातक भावुक प्रवृत्ति के होते हैं और भावुकता के आवेश में आपसे कोई गलत निर्णय हो सकता है। किसी जरूरतमंद या संकट में फंसे हुए मित्र की तरफ आप मदद का हाथ बढ़ाएंगे। मित्र भी संकट के समय किए गए कार्य को कभी नहीं भूल पाएगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

इस वर्ष वाहन से आपको परेशानी हो सकती है। शनि आपकी राशि में वर्षारंभ में स्थित है। शनि की साढ़ेसाती के कारण वाहन बार-बार खराब होगा तथा बार-बार उस पर हो रहे खर्चों से भी आप परेशान रहेंगे। वाहन चलाते समय शराब का सेवन नहीं करें। मोबाइल से भी, ड्राइव करते समय दूरी बनाकर रखें, कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अकारण व फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आपको लोन लेना पड़ सकता है। जहां तक शुभकार्य की बात है, इस वर्ष संतान के करियर व उसकी शिक्षा पर खर्च होगा। परंतु इसे शुभ खर्च ही कहा जाएगा। इसी पर भविष्य की मजबूत व सशक्त ईमारत खड़ी होगी। वर्ष के अंत में किसी शुभ व मांगलिक प्रसंग की गूंज सुनाई दे रही है।

मकर राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती के कारण व्यापार में नुकसान 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण हो सकता है। शेयर्स, लॉटरी, जुआ, सट्टा आदि से उचित दूरी बनाकर रखें, आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें। व्यापार में विस्तार, भूमि, भवन, वाहन आदि के लिए लोन की स्थिति रह सकती है। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण कोई अनहोनी हो सकती है। किसी पारिवारिक सदस्य से सम्बंधित कोई अनहोनी घटित हो सकती है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष यात्राएं कोई खास लाभप्रद नहीं रहेंगी। हालांकि छोटी-मोटी कई यात्राएं होंगी। सपरिवार यात्रा का कार्यक्रम अप्रैल से जून के मध्य बन सकता है।

कैसे बनाये मेष राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष के अधिक शुभ परिणाम प्राप्त करने हेतु कटैला युक्त शनियंत्र गले में धारण करें। “ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः श्नैश्चराय नमः” की माला नित्य नियमित करें। शनिवार को एक मुट्ठी काले उड़द अपने ऊपर से 7 बार उसार कर पक्षियों को चुगाएं शनिवार को शनि मंदिर में तिल व तेल चढ़ाएं। बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल पास में रखें।

मकर राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मकर राशि का स्वामी शनि है। शनि प्रधान व्यक्ति मेहनत से नहीं घबराते हैं। मकर राशि के जातक व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) तथा बलवान होते हैं, परंतु पैरों में कभी-कभार तकलीफ रहती है।
शनि पाप ग्रह है तथा उनका रंग काला है। इस राशि वाले व्यक्ति प्रायः काले, नाक चपटी, पैनी आंखें, शरीर से ये पतले, फुर्तीले तथा कुछ लम्बे कद के होते हैं। यह चर संज्ञक व पृथ्वी तत्त्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक भाव उच्च पदाभिलाषी प्रकृति की होती है। क्रोध इनको धीरे-धीरे आता है व शांत भी ये देरी से होते हैं। जहां ये अपना पक्ष कमजोर देखते हैं, वहां पर ये नम्र हो जाते हैं।
मकर राशि में उत्पन्न जातक शान्त तथा उदार प्रवृत्ति के होते हैं तथा अन्य जनों के प्रति उनके मन में प्रेम तथा सहानुभूति का भाव विद्यमान रहता है। इनके मुखमंडल पर विचारशीलता, शांति एवं गंभीरता सदैव बनी रहती है। ये अत्यंत ही कर्मशील एवं परिश्रमी होते हैं। फलतः सांसारिक महत्त्व के कार्यों को सम्पन्न करके उनमें सफलता अर्जित करते हैं। इनमें कार्य करने की क्षमता प्रबल होती है तथा यही इनकी सफलता का रहस्य होता है। समाज एवं देशसेवा के प्रति ये उद्यत रहते हैं। ये साहसी एवं संघर्षशील होते हैं तथापि मन में यदा-कदा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते हैं, जिससे सुख-दुःख में समान भाव की अनुभूति करते हैं। परिश्रमी एवं अध्ययनशील होने के कारण ये अनुसंधान विज्ञान या शास्त्रीय विषयों का ज्ञान अर्जित करके एक विद्वान के रूप में सामाजिक पहचान प्राप्त करते हैं। आप स्वस्थ एवं बलशाली पुरुष होंगे। आप में आदर्शवादिता का भाव होगा तथा अपने आदर्शों पर चलने के लिए आप स्वतंत्र होंगे। देश-सेवा का भाव भी आप में विद्यमान रहेगा तथा शत्रु एवं प्रतिद्वन्द्वियों से भी उदारता का व्यवहार करेंगे। फलतः वे भी आपसे प्रभावित होंगे।
आप बुद्धिमत्तापूर्वक अपने कार्यकलापों को सम्पन्न करके धनैश्वर्य, वैभव एवं सुख अर्जित करेंगे। संगीत के प्रति आपकी विशेष रुचि रहेगी तथा इस क्षेत्र में परिश्रमपूर्वक कोई विशिष्ट उपलब्धि भी अर्जित कर सकते हैं। आप श्रेष्ठ कार्यों को करने में रुचि लेंगे तथा एक चतुर व्यक्ति के रूप में जाने जाएंगे। आपकी पुत्र संतति प्रसिद्ध रहेगी तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग मिलता रहेगा।
पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण सम्मान तथा आदर की भावना होगी तथा उनकी सेवा करने में हमेशा तत्पर रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी तथा प्रचुर मात्रा में धन एवं लाभ अर्जित करके एक धनवान के रूप में सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। आप युवावस्था में संघर्षशील रहेंगे और वृद्धावस्था में सुख एवं शांति प्राप्त करेंगे।
धर्म में आस्था होने के कारण समयानुसार धार्मिक कार्यकलापों को भी सम्पन्न करेंगे। इससे आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। मित्र एवं बंधु वर्ग के आप प्रिय होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण लाभ एवं सहयोग प्राप्त होगा। आप किसी बात पर निर्णय सोच-विचार कर धीरे-धीरे लेंगे। आप ऊंची-ऊंची योजनाएं बनाने में सदा तत्पर रहते हैं। कमाते बहुत हैं पर धन पास में टिकता नहीं, हर समय द्रव्य का अभाव महसूस करते हैं। पत्नी व आपके विचारों में असमानताएं, आपके वैवाहिक सुख को कटुतर बनाने में सहायक हैं। आपकी राशि का चिह्न ‘मगरमच्छ’ है। ‘मगरमच्छ के आंसू’ वाली कहावत लोक-प्रसिद्ध है। ऐसे व्यक्ति दीन स्वरूप व दयनीय स्थिति का बोध कराते हैं, लेकिन कपटी होते हैं। ये बहुभोगी व विषयवासना में आसक्त रहने वाले व्यक्ति होते हैं। भोजन के बाद शीघ्र आराम करने की इच्छा रहती है। ये कहते कुछ हैं व करते कुछ हैं।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘उत्तराषाढ़ा नक्षत्र’ के (भो, जा, जी) चरणों में हुआ है, तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-नकुल, गण-मनुष्य, वर्ण-क्षत्रिय, हंसक-अग्नि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा है। इस नक्षत्र का द्वितीय चरण का वर्ग-मूषक, अन्य दोनों चरणों का वर्ग-सिंह है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक बहुत नम्र, बहुत मित्रों वाला, धार्मिक, कृतज्ञ, भाग्यशाली होता है। उत्तराषाढ़ा सूर्य का नक्षत्र है, जो कि चंद्रमा का मित्र है, इसलिए यह शुभ फल कहा जाता है।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘श्रवण नक्षत्र’ (जू, जे, जो, खा) में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-कपि, गण-देव, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा तथा प्रथम तीन चरण का वर्ग-सिंह एवं अन्तिम चरण का वर्ग-बिलाव है। श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोग अपने कार्यक्षेत्र में ऊंचा नाम कमाते हैं। परोपकार व धार्मिक कार्यों में धन, समय व श्रम का समुचित उपयोग करेंगे।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ के प्रथम व द्वितीय चरण (गा, गी) में हुआ है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सिंह, गण-राक्षस, हंसक-भूमि, नाड़ी-मध्य, पाया-तांबा एवं वर्ग-बिलाव है। धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति निडर व निर्भीक होता है। ये संगीत प्रेमी होते हैं और समाज में इनकी प्रतिष्ठा होती है।
मकर राशि वाले व्यक्ति प्रायः एकांतप्रिय व भीड़-भाड़ से दूर रहना पसन्द करते हैं। इनमें स्वार्थ की प्रवृत्ति कुछ विशेष रहने के कारण इनको धार्मिक व राजनैतिक क्षेत्र में सफलताएं कम मिलती हैं। ये अत्यधिक गोरे होंगे या काले। इसी प्रकार या तो ये कट्टर आस्तिक होंगे या फिर एकदम नास्तिक। आपके अनुकूल फलदायक रत्न ‘नीलम’ है।

मकर राशि वालों के लिए उपाय

आपकी राशि का अधिपति शनि है। अतः 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिलाकर पक्षियों को चुगाएं। काले कुत्ते को रोटी खिलाना भी आपके लिए लाभप्रद रहेगा। गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करें। बैंगनी रंग व नीला रंग उपयुक्त रहता है। नीलम, नीली या शनि यंत्र धारण करें। शनिवार का व्रत करें।

मकर राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ मकर
    1. राशि चिह्न ‒ मगरमच्छ
    2. राशि स्वामी ‒ शनि
    3. राशि तत्त्व ‒ पृथ्वी तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ चर
    5. राशि दिशा ‒ दक्षिण
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री, तमोगुणी
    7. राशि जाति ‒ वैश्य
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ घुटना (टखने)
    10. अनुकूल रत्न ‒ नीलम
    11. अनुकूल उपरत्न ‒ कटेला
    12. अनुकूल धातु ‒ लोहा, त्रिलोह
    13. अनुकूल रंग ‒ नीला, आसमानी, काला
    14. शुभ दिवस ‒ शनिवार
    15. अनुकूल देवता ‒ शनिदेव
    16. व्रत, उपवास ‒ शनिवार
    17. अनुकूल अंक ‒ 8
    18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 8/17/26
    19. मित्र राशियां ‒ कुंभ
    20. शत्रु राशियां ‒ सिंह
    21. व्यक्तित्व ‒ परोपकारी, दयालु, प्रशासक
    22. सकारात्मक तथ्य ‒ व्यावहारिक धरातल पर चलने वाला कठोर परिश्रमी, सही सलाह देने वाला
    23. नकारात्मक तथ्य ‒ सन्देहास्पद प्रवृत्ति, कठिनता से मानने वाला

दी पूर्वाभाद्रपद-1

दू, थ, झ, ञ उत्तराभाद्रपद-4

दे, दो, चा, ची रेवती-4


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में गुरु+मंगल मीन राशि का लग्न में, राहु+शुक्र मेष राशि का द्वितीय भाव में, सूर्य+बुध वृषभ राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का चतुर्थ भाव में, केतु तुला राशि का अष्टम भाव में, शनि कुंभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।


1 जून से 7 जून तक

1, 2, 3 को आधा समय खराब रहेगा। आप किसी संकट में फंस सकते हैं। भाइयों से मतभेद हो सकता है। आप अपने अपमान का बदला लेने की सोचेंगे। आपका मन अंदर ही अंदर कचोटेगा। बनता काम बिगड़ सकता है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, दुर्घटना या अप्रिय घटना के योग हैं। 3 की शाम से 6 के मध्य समय सुखदायक आ जाएगा। जीवनसाथी से सम्मान की प्राप्ति होगी। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विज्ञापन तथा विदेशी व्यापार से जुड़े लोगों को सफलता हासिल होगी। प्यार आपके लिए ज्यादा अहमियत रखेगा। पारिवारिक सम्बंधों में गर्माहट आएगी। आप बेहद चतुराई और गतिशीलता से कार्य को गति प्रदान करेंगे। 7 को समय प्रोग्रेसिव रहेगा। अविवाहितों के विवाह के प्रस्ताव आएंगे। किसी गोपनीय मुद्दे पर गोपनीय मुलाकात या किसी से वार्ता करेंगे।

मीन राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2021शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी3, 4, 5, 8, 9, 10, 13, 14, 316, 7, 16, 17, 24, 25, 26
फरवरी1, 5, 6, 9, 10, 27, 282, 3, 12, 13, 21, 22, 23
मार्च4, 5, 8, 9, 10, 26, 27, 28, 311, 2, 11, 12, 13, 20, 21, 22, 29, 30
अप्रैल1, 2, 5, 6, 23, 24, 28, 298, 9, 16, 17, 18, 25, 26
मई2, 3, 20, 21, 25, 26, 29, 30, 315, 6, 14, 15, 23
जून16, 17, 21, 22, 25, 26, 271, 2, 3, 10, 11, 12, 19, 20, 28, 29, 30
जुलाई14, 15, 18, 19, 20, 23, 248, 9, 16, 17, 26, 27
अगस्त10, 11, 15, 16, 19, 204, 5, 6, 13, 22, 23, 31
सितम्बर7, 8, 11, 12, 15, 16, 171, 2, 9, 10, 18, 19, 20, 27, 28, 29
अक्टूबर4, 5, 9, 10, 13, 147, 16, 17, 25, 26
नवम्बर1, 5, 6, 9, 10, 27, 283, 12, 13, 21, 22, 23, 30
दिसम्बर2, 3, 6, 7, 8, 25, 26, 29, 30, 311, 9, 10, 11, 19, 20, 27, 28

मीन राशि का वार्षिक भविष्यफल

meen
मेष राशि

मीन राशि के लिए यह साल बहुत ही अच्छा रहेगा। हल्के-फुल्के कष्ट भी वर्ष के मध्य में रहेंगे, परंतु वे कष्ट व तकलीफें भी आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरक साबित होंगे। इस वर्ष शनि एकादश स्थान में स्वगृही है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह साल अच्छा है। पुराना कष्ट व रोग जो चला आ रहा था, वह समाप्त हो जाएगा। खान-पान व अपनी आदतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। व्यापार में कुछ उतार-चढ़ावों को यह साल जरूर परिलक्षित कर रहा है। व्यापार में विस्तार की योजना को कार्यक्रम में परिणित करने के लिए आप जी तोड़ मेहनत व परिश्रम करेंगे। धन लाभ की प्राप्ति होगी। नौकरी में स्थायित्व आ जाएगा, बॉस व अधिकारी आप पर मेहरबान रहेंगे। सहकर्मी आपके काम में आपका सहयोग करेंगे। आप रुपयों को कमाने के लिए नए-नए आइडियाज व विचार लायेंगे।
28 जुलाई से 23 नवम्बर के मध्य आपकी राशि स्वामी गुरु वक्र स्थिति में रहेंगे। इस दौरान मौसमी बीमारियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। यह समयावधि थोड़ी सी ढीली रहेगी। परिवार में भी वैचारिक तालमेल इतना ठीक नहीं रहेगा। इस वर्ष राहु तीसरे स्थान में स्थित है तथा देवगुरु बृहस्पति भी 13 अप्रैल से आपकी राशि में आकर रोग व शत्रु को नष्ट करेंगे। आर्थिक रूप से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। जो काम पिछले लम्बे समय से अटके हुए थे, जिनके पूरे होने की आशा भी लगभग आप छोड़ ही चुके थे, वे काम अल्प प्रयास से ही पूरे हो जाएंगे। घर में किसी मांगलिक आयोजन व शुभ प्रसंग की योजना बन सकती है। वर्षारंभ में चंद्रमा नीच का है। संतान की शिक्षा, करियर, अध्ययन, विवाह को लेकर चिंता रखेगा। विद्याध्ययन में भी परिस्थितियां मध्यम रहेंगी। मनोनुकूल शिक्षण संस्थान में दाखिले की परेशानी, इच्छित विषय को लेकर कुछ असमंजस रह सकता है। किसी विशेषज्ञ की सलाह के उपरांत वह असमंजस हट जाएगा। इस वर्ष दशमेश बृहस्पति 13 अप्रैल के बाद आपकी राशि में आ जाएंगे। अतः राजकीय मामलों, कोर्ट-केस से सम्बंधित विषयों में आपको सफलता मिलेगी। जो राजकीय काज काफी समय से लम्बित चल रहे थे, उनके पूरे होने की दिशा में काम होगा। नौकरी में आपको पदोन्नति या महत्त्वपूर्ण कार्यभार मिल सकता है।
28 जुलाई से 23 नवम्बर के मध्य आपके खिलाफ कोई शिकायत हो सकती है। बृहस्पति वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे, अतः विभागीय जांच का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में अवरोध आएंगे। आपका पेमेंट कहीं फंस सकता है या कोई महत्त्वपूर्ण ऑर्डर कैंसिल हो सकता है। इस वर्ष अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य मंगल वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे। किसी एक्सीडेंट या दुर्घटना के योग बनते हैं। व्यापार में विस्तार को लेकर, भूमि, भवन, वाहन आदि को लेकर कर्जा लेना पड़ सकता है। कर्जा धीमे- धीमे चुकता भी हो जाएगा। आपकी योग्यता व क्षमता खुलकर लोगों के सामने आएगी व लोग आपका लोहा भी मानेंगे। किसी पारिवारिक सदस्य का गिरता हुआ स्वास्थ्य आपकी चिंता का कारण बन सकता है। आप इस वर्ष खूब व्यस्त रहेंगे। एक-एक क्षण का भरपूर इस्तेमाल करेंगे। प्रेम-प्रसंगों व हास-परिहास में पड़ कर आप अपने करियर व अध्ययन के साथ खिलवाड़ नहीं करें। शत्रुओं से सावधान रहें।

कैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

शारीरिक दृष्टि से यह वर्ष उतार-चढ़ावों का द्योतक है। शनि की साढ़ेसाती आपको इस वर्ष चल रही है। आप खूब परिश्रमी होंगे। इसलिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मीन राशि के जातकों की अच्छी होती है। रोग तो रहेंगे, परंतु आपको अधिक कष्ट नहीं होगा। फिर भी 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व के कारण यदा-कदा रक्तचाप, मधुमेह, हृदय से सम्बंधित बीमारियों की समस्या उत्पन्न होगी। पेट सम्बंधी बीमारी, मूत्ररोग, कमर के नीचे के भाग में रोग की स्थिति रहेगी। इस वर्ष छोटी से छोटी लापरवाही आपके नुकसान का कारण बन सकती है। दीर्घकालिक बीमारियों में लापरवाही घातक हो सकती है।

व्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

व्यापार व व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष परिश्रम व मेहनत का है। नौकरी से जुड़े व्यक्तियों की पदोन्नति, तरक्की अथवा महत्त्वपूर्ण पोस्टिंग किसी बड़े व प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से हो सकती है। इस वर्ष शनि लाभ स्थान में है। व्यापार व व्यवसाय में किसी का सहयोग आपकी किस्मत बदलने का सामर्थ्य रखता है। आप पूरी ऊर्जा व जोश के साथ समर्पित भाव से काम में लग जाएंगे। भागीदार व पार्टनर पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें। हर प्रकार के व्यवहार को कागजों पर लें। कामकाज में नई तकनीक व हुनर का प्रयोग भी आपके भाग्योन्नति में सहायक रहेगा। 12 अप्रैल से राहु दूसरे स्थान में आकर धन संचय में बाधा उत्पन्न करेंगे। पैसों का संचय नहीं हो पाएगा। जमीन, कपड़े, लोहे, कमीशन व तेल के व्यापार से जुड़े लोगों को जबरदस्त फायदा होगा। अपनी नाकामियों व असफलताओं से भी आपको शिक्षा लेने की आवश्यकता है। आप विचार करें कि कहां चूक हुई, उस गलती को सुधारें। अतिविश्वास किसी पर भी नहीं करें। आप किसी की आर्थिक मदद करके उल्टा फंस जाएंगे। नौकरी में भी सावधान रहने की आवश्यकता है। लचीलापन व उदारवादी दृष्टिकोण व्यापार में काम का नहीं है। निवेश से पूर्व अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें। निवेश सम्बंधी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लें। किसी भी कागज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष घर-परिवार आपकी प्राथमिकता पर रहेंगे। आप काम से ज्यादा अहमियत अपने परिवार को देंगे। परिवार के किसी सदस्य का स्वास्थ्य ऊपर नीचे हो सकता है। दाम्पत्य सम्बंधों में मधुरता की स्थिति रहेगी। हालांकि, इस वर्ष आपकी राशि के अधिपति गुरु 28 जुलाई से 23 नवम्बर के मध्य वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे। इस दौरान घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है। देवरानी-जेठानी, पिता-पुत्र, ननद-भौजाई व सास-बहुओं में हल्की-फुल्की नोक-झोंक चलती रहेगी। दाम्पत्य सम्बंधों में मधुरता रहेगी। कभी-कभार छोटी-मोटी गलत फहमियां उत्पन्न होंगी, जो समय रहते हल हो जाएंगी। मीन राशि के जातक कुछ भावुक प्रवृत्ति के होते हैं। यही भावुकता आपके लिए भारी पड़ सकती हैै। रिश्तेदार व सम्बंधी लोग आपसे ईर्ष्या व जलन से वशीभूत होकर आलोचना को हथियार बना सकते हैं।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

नौकरी में आपको बेहतर जॉब का अवसर मिल सकता है। बॉस व अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी जबरदस्त प्रतिष्ठा व धाक रहेगी। यही चीज आपकी उन्नति के लिए महत्त्वपूर्ण रहेगी। 28 जुलाई से 23 नवम्बर के मध्य गुरु के वक्रत्व काल में लापरवाही के घातक परिणाम निकल सकते हैं। घर-परिवार में किसी मांगलिक आयोजन व शुभ प्रसंग की रूपरेखा के चलते आप व्यस्त रहेंगे तथा इसका सीधा प्रभाव आपके अध्ययन पर पड़ेगा। पूर्णरूप से एकाग्रचित्त होकर अध्ययन में जुट जाएं तो एक सुखद व शानदार भविष्य आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

इस वर्ष प्रेम-प्रसंगों व दाम्पत्य जीवन का आप भरपूर लुत्फ उठाएंगे। एक खास बात का ध्यान आपको रखना है कि 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य प्रेम-प्रसंग उजागर हो सकते हैं, आप गुप्त नहीं रख पाएंगे, जिसका सीधा प्रभाव आपके परिवार पर पड़ेगा। पारिवारिक शांति भंग हो सकती है। वहीं 13 अप्रैल से पूर्व बारहवें गुरु के कारण प्रेम सम्बंधों में किसी तीसरे व्यक्ति के कारण गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं। मित्रों का दायरा बढ़ेगा। नए-नए मित्र बनेंगे। परंतु अच्छे व सच्चे मित्र नहीं मिल पाएंगे। मित्रों का उद्देश्य आपके प्रभुत्व, पराक्रम व सम्पर्कों से लाभ कमाना रहेगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

29 अप्रैल के बाद तथा 12 जुलाई के मध्य शनि की साढ़ेसाती का अंशकालिक प्रभाव आपकी राशि पर रहेगा। अतः वाहन द्वारा परेशानियां इस दरम्यान रहेंगी। बार-बार वाहन खराब होना, वाहन द्वारा एक्सीडेंट होने की भी आशंका व सम्भावना है। अतः ड्रिंक एण्ड ड्राइव से बचें। अप्रैल के पश्चात् राहु दूसरे स्थान (धन भाव) में आकर खर्चों में वृद्धि करेंगे। घर की मरम्मत, रख-रखाव, रंग-रोगन इत्यादि पर खर्चा हो सकता है। वर्ष के उत्तरार्द्ध में किसी शुभ व मांगलिक प्रसंग की रूपरेखा व योजना बन सकती है। आप उसमें व्यस्त हो जाएंगे।

मीन राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

किसी रिश्तेदार व मित्र के साथ अकस्मात कोई अनहोनी हो सकती है। आपको भी कुछ मामलों में लापरवाही भारी पड़ सकती है। कर्मचारी व भागीदार पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें। 28 जुलाई से 23 नवम्बर के मध्य कोई बड़ा ऑर्डर कैंसिल हो सकता है। बृहस्पति वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे। अतः कोई बड़ी पार्टी (ग्राहक) आपके हाथों से निकल सकती है। इस वर्ष भूमि, भवन, वाहन आदि के लिए ऋण ले सकते हैं। बारहवां बृहस्पति किसी शुभ कार्य, विवाह आदि के लिए भी ऋण की स्थिति को दर्शा रहा है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष मई से पूर्व धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम सपरिवार बन सकता है। किसी रमणीय स्थल पर भी सैर सपाटे के लिए जा सकते हैं। कामकाज को लेकर की गई यात्राएं निष्फल रहेंगी।

कैसे बनाये मेष राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष की शुभता बढ़ाने के लिए “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र की जाप 1 माला नित्य करें। श्रीकृष्ण मंदिर के दर्शन करें। सुनैला युक्त गुरुयंत्र गले में धारण करें। आटे की लोई में गुड़ व चना दाल डालकर गाय को गुरुवार को दें।

मीन राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मीन राशि का अधिपति गुरु ज्ञान व बुद्धि का कारक ग्रह है। ऐसे जातकों में शासन करने की क्षमता व बुद्धिमत्ता विशेष श्रेणी की होती है। गुरु धर्म व अध्यात्म का सूचक है, गुरुता (बड़प्पन) का परिचायक है, अतः ऐसे व्यक्ति विशाल हृदय के धनी होते हैं, भावुक प्रवृत्ति के होते हैं।
आपका राशि स्वामी बृहस्पति है। बृहस्पति के प्रभाव से मीन राशि के जातक धार्मिक व आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं।
मीन राशि में उत्पन्न जातक स्वस्थ, बुद्धिमान तथा सौम्य स्वभाव के होते हैं। ये नवीन विचारों का सृजन करने में समर्थ होते हैं। इनके विचारों से लोग प्रभावित रहते हैं। भौतिक सुख-साधनों का उपभोग करने की इनमें प्रबल इच्छा रहती है। ये
धनैश्वर्य से युक्त रहते हैं एवं विभिन्न स्रोतों से धनार्जन करके आर्थिक रूप से सुदृढ़ रहते हैं। साथ ही चिंतन एवं मननशीलता का भाव भी इनमें रहता है।
प्राकृतिक दृश्यों का अवलोकन करना इन्हें अच्छा लगता है। प्रेम के क्षेत्र में सरल एवं भावुक रहते हैं, परंतु व्यवहार कुशल होते हैं। अतः सांसारिक कार्यों में उचित सफलता अर्जित करके अपने उन्नति मार्ग को प्रशस्त करने में सफल रहते हैं। इसके अतिरिक्त नवीन वस्तुओं का उत्पादन करने आदि में इनकी रुचि का योगदान रहता है।
देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से आप स्वस्थ एवं बलवान रहेंगे। आपकी बुद्धि अत्यंत ही तीक्ष्ण रहेगी। अतः विभिन्न शास्त्रीय विषयों का ज्ञानार्जन करके आप एक विद्वान के रूप में समाज में अपनी प्रतिष्ठा एवं आदर बढ़ाने में समर्थ होंगे। एक विचारक के रूप में भी आप सम्माननीय होंगे। यद्यपि ब्रह्मादि के विषय में चिंतनशील रहेंगे, परंतु भौतिकता के प्रति भी आकर्षण रहेगा।
आपका स्वरूप दर्शनीय एवं व्यक्तित्व आकर्षक होगा। साहित्य, कला एवं लेखन के प्रति आपकी रुचि होगी। अभिमान के भाव की आपमें अल्पता होगी तथा सबके साथ विनम्रता का व्यवहार होगा। आप सरकार या समाज से सम्मान प्राप्त करने में सफल होंगे। आप में दयालुता का भाव भी विद्यमान होगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनों की सेवा तथा सहायता करने में भी तत्पर होंगे। इसके अतिरिक्त साहित्य एवं कला के प्रति भी आपकी अभिरुचि रहेगी।
पिता की सेवा करने में तत्पर रहेंगे। बाल्यावस्था में आपको संघर्ष करना पड़ेगा, परंतु युवावस्था के बाद भौतिक सुख-संसाधनों को अर्जित करके सुख एवं शांतिपूर्वक अपना समय व्यतीत करेंगे। पुत्र संतति से आप युक्त रहेंगे तथा इनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग प्राप्त होगा।
ऐसे व्यक्ति गौर वर्ण, कंचन देह, मछली के समान आकर्षक व सुन्दर नेत्र वाले, ललाट चौड़ी व भरा-पूरा चेहरा, लम्बे कद के मालिक होते हैं। यह राशि दिवाबली, जलतत्व प्रधान व सत्वगुणी है। ‘पूर्वाभाद्रपद’ के अंतिम चरण में जन्मे व्यक्ति धार्मिक बुद्धि से ओत-प्रोत, मेहमानप्रिय, सामाजिक अच्छाईयों व नियमों का पालन करने वाले, बातचीत में प्रवीण होते हैं। मीन राशि वाले व्यक्ति कूटनीति, रणनीति व षड्यंत्रकारी मामलों में एक प्रतिशत भी रुचि नहीं लेते। इनका प्राकृतिक स्वभाव उत्तम, दयालु व इनमें दानशीलता होती है।
धर्म के प्रति आपके मन में श्रद्धा होगी तथा आप समय-समय पर धार्मिक कार्य-कलापों एवं अनुष्ठानों को सम्पन्न करेंगे। इससे आपको आत्मिक शांति की प्राप्ति होगी। साथ ही बंधु एवं मित्र वर्ग में भी आप प्रिय एवं आदरणीय होंगे। इनसे आपको इच्छित लाभ एवं सहयोग मिलता रहेगा। आपके असली मित्र बहुत थोड़े हैं। एक मित्र जो किसी कारणवश आपका शत्रु हो जाए, उसके द्वारा भारी आघात पहुंचाने का खतरा है, सतर्क रहें।
यदि आपका जन्म मीन राशि के ‘पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र’ (दो) के चतुर्थ चरण में हुआ है, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सिंह, गण-मनुष्य, वर्ण-विप्र, हंसक-जल, नाड़ी-आद्य, पाया-लोहा तथा वर्ग-सर्प है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक क्षुब्ध मन वाला, धनी, निरोगी, स्त्री के वश में रहने वाला तथा कंजूस होता है।
यदि आपका जन्म मीन राशि ‘उत्तराभाद्रपद नक्षत्र’
(दू, थ, झ, य) में है, तो आपका जन्म 19 वर्ष की शनि की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-गौ, गण-मनुष्य, वर्ण-विप्र, हसंक-जल, पाया-लोहा, प्रथम दो चरण का वर्ग-सर्प तथा अंतिम दो चरण का वर्ग-सिंह है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक कुशल वक्ता, परम धार्मिक, धनी व सुखी होते हैं। प्रायः जीवन में शत्रु न बनाकर मित्रों की संख्या बढ़ाने में विश्वास रखते हैं।
यदि आपका जन्म मीन राशि के ‘रेवती नक्षत्र’ (दे, दो, चा, ची) में हुआ है, तो आपका जन्म 17 वर्ष की बुध की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-गज, गण-देव, वर्ण-विप्र, हंसक-जल, नाड़ी-अत्य, पाया-सुवर्ण, प्रथम दो चरण का वर्ग-सर्प तथा अंतिम दो चरण का वर्ग-सिंह है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक प्रायः आमदनी से अधिक खर्च करता है तथा समझौते वाले दृष्टिकोण में विश्वास रखता है।
मीन राशि का चिन्ह ‘मुख-पूंछ मिलित दो मछली’ हैं। आपको जल से निकली हुई वस्तु-नमक, हीरे-जवाहरात, समुद्र पार देशों से माल मंगाने तथा भेजने से तथा नवीन वस्तुओं का उत्पादन करने से विशेष धन लाभ हो सकता है। स्त्रियों के सम्पर्क से भी आपका भाग्योदय संभव है। 32 वर्ष पश्चात् आपको पुत्र एवं नौकरी का योग बनता है। शत्रु आपसे हार जाएंगे। भाग्योदय हेतु गुरु रत्न ‘पुखराज’ को स्वर्ण मुद्रिका में धारण करें।

मीन राशि वालों के लिए उपाय

मीन राशि का स्वामी बृहस्पति है, अतः पुखराज या सुनैला रत्न धारण करें। गुरुवार को थोड़ा-सा गुड़ व चना दाल एक आटे की लोई में डालकर गाय को खिलाएं। रविवार व मंगलवार के अलावा पीपल को सींचना भी मीन राशि वालों के लिए फायदेमंद है। पीले रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें। गुरुवार को हल्दी युक्त दूध का सेवन करें।

मीन राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ मीन
    1. राशि चिह्र ‒ पूंछ और मुख मिली हुई दो मछलियां
    2. राशि स्वामी ‒ गुरु
    3. राशि तत्त्व ‒ जल तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ द्विस्वभाव
    5. राशि दिशा ‒ उत्तर
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री, सतोगुणी
    7. राशि जाति ‒ ब्राह्मण
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, कफ प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ चरण युगल
    10. अनुकूल रत्न ‒ पुखराज
    11. अनुकूल उपरत्न ‒ सुनैला, पुखराज मार्का
    12. अनुकूल धातु ‒ सोना
    13. अनुकूल रंग ‒ पीला
    14. शुभ दिवस ‒ गुरुवार/वीरवार
    15. अनुकूल देवता ‒ विष्णु
    16. व्रत, उपवास ‒ गुरुवार, रविवार
    17. अनुकूल अंक ‒ 3
    18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 3/12/21/30
    19. मित्र राशियां ‒ कर्क, वृश्चिक
    20. शत्रु राशियां ‒ मेष, सिंह, धनु
    21. व्यक्तित्व ‒ अध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील मनोवृत्ति
    22. सकारात्मक तथ्य ‒ विनम्रता, सज्जनशीलता, कल्पनाप्रिय
    23. नकारात्मक तथ्य ‒ अधैर्यशीलता, लापरवाही, अनिश्चिन्तता

भो, जा, जी उत्तराषाढ़ा‒3

जू, जे, जो, खा अभिजित-4

खा खी, खू, खे, खो श्रवण‒4

गा, गी धनिष्ठा‒2


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में शनि+मंगल कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, शुक्र+बृहस्पति मीन राशि का तृतीय भाव में, सूर्य+राहु+चंद्रमा मेष राशि का चतुर्थ भाव में, बुध वृषभ राशि का पंचम भाव में, केतु तुला राशि का दशम भाव में चलायमान है।


1 मई से 7 मई तक

1 मई को आप बिना बात किसी से उलझ पड़ेंगे। प्रतिस्पर्धी व प्रतिद्वंद्वी आपसे कहीं आगे निकल जाएंगे। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य डांवाडोल रहेगा। 2 से 4 मई के मध्य मेहमानों का आगमन होगा। संतान के करियर, विवाह सम्बंधी महत्त्वपूर्ण निर्णय हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय एकदम उपयुक्त है। अध्ययन, शोध, अनुसंधान आदि में प्रवृत्त होंगे। कोई रोचक व ज्ञानवर्धक साहित्य का अध्ययन करेंगे। 5 व 6 मई को शत्रु व विरोधी परास्त होंगे। कोर्ट-केस आदि में स्थितियां आपके पक्ष में बनेंगी। किसी रिश्तेदार या परिचित से सम्बंधित शुभ समाचार प्राप्त होगा। 7 को परिवार आपकी प्राथमिकता पर रहेगा। जीवन साथी का सहयोग मिलेगा। भागीदार व पार्टनर से सम्बंधों में प्रगाढ़ता आएगी।

मकर राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2021शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी4, 5, 8, 9, 27, 28, 311, 2, 11, 12, 20, 21, 22, 29, 30
फरवरी1, 4, 5, 23, 24, 287, 8, 16, 17, 18, 26
मार्च3, 4, 5, 22, 23, 27, 28, 316, 7, 8, 16, 17, 25
अप्रैल1, 19, 20, 23, 24, 27, 283, 4, 12, 13, 14, 21, 22, 30
मई16, 17, 20, 21, 22, 24, 25, 261, 9, 10, 11, 18, 19, 27, 28, 29
जून12, 13, 17, 18, 21, 226, 7, 8, 15, 23, 24, 25
जुलाई10, 11, 14, 15, 18, 19, 203, 4, 5, 12, 13 20, 21, 22, 30, 31
अगस्त6, 7, 11, 12, 14, 15, 161, 9, 17, 18, 26, 27, 28
सितम्बर2, 3, 4, 7, 8, 11, 12, 305, 6, 13, 14, 15, 23, 24, 25
अक्टूबर1, 4, 5, 6, 8, 9, 27, 282, 3, 11, 12, 20, 21, 22, 30, 31
नवम्बर1, 2, 4, 5, 6, 23, 24, 28, 297, 8, 16, 17, 18, 26
दिसम्बर2, 3, 21, 22, 25, 26, 29, 304, 5, 6, 14, 15, 16, 23, 24

मकर राशि का वार्षिक भविष्यफल

Makar Rashifal 2022
मकर राशि

इस वर्ष मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। इस वर्ष 29 अप्रैल तक शनि आपकी राशि में गतिशील रहेंगे। शनि का यह परिभ्रमण स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव तो रखेगा, परंतु व्यापार व कामकाज में सफलता के संकेत इस दौरान मिल रहे हैं। इस वर्ष आपको मेहनत व परिश्रम पहले की अपेक्षा कुछ अधिक ही करना पड़ेगा। आप पूरी तरह से तल्लीन होकर काम में जुट जाएंगे। यह वर्ष आपके लिए काफी चुनौतियों से परिपूर्ण रहेगा। समस्याएं भी एक के बाद एक लगी रहेंगी। आप कठोर परिश्रम, बुद्धि, विवेक व होशियारी से हर समस्या, हर मुश्किल का हल खोज ही लेंगे। इस वर्ष व्यापार व कामकाज को पटरी पर लाने के लिए भरसक मेहनत, प्रयास व परिश्रम करना पड़ेगा। इन संघर्ष पूर्ण स्थितियों के बीच लाभ की भी बरसात होगी। परंतु आपको कई मामलों में बहुत सजग व होशियार रहना पड़ेगा। भागीदार पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें व ग्राहकों के साथ सीधा संवाद में रहें। इस वर्ष धन प्राप्ति की संभावनाएं प्रबल हैं। एकादश स्थान में वर्षारंभ में मंगल+चंद्रमा की युति धनदायक रहेगी, लेकिन इस वर्ष खर्च की भी प्रबल संभावनाएं हैं। धन का प्रवाह बना रहेगा, पैसा पास में टिक नहीं पाएगा।
इस वर्ष शनि आपकी राशि में तथा दूसरे भाव (कुंभ राशि) में वर्षपर्यंत परिभ्रमण करेंगे। अतः व्यापार में विस्तार की जो योजना पिछले काफी समय से लम्बित चल रही थी, उस पर काम होगा। बुध वर्षारंभ में शनि के साथ है। अतः बुद्धिमत्ता व विवेक से आप हर मुश्किल समस्या का हल निकाल ही लेंगे। यह वर्ष आपके लिए उपलब्धियों से परिपूर्ण रहेगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि वक्रस्थिति में चलायमान रहेंगे। अतः इस दौरान कभी-कभार मन में निराशाजनक व नकारात्मक विचारों की स्थिति बन सकती है। व्यापार व कार्यक्षेत्र में कुछ महत्त्वपूर्ण सूचनाएं व व्यापारिक जानकारी लीक हो सकती है। भागीदार व कर्मचारी की हर गतिविधि पर पैनी निगाह आपको बड़े से बड़े खतरे से बचा सकती है। शत्रु व विरोधी हावी होंगे, सम्पत्ति के रख-रखाव पर खर्चा होगा। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेंगे। पेट से सम्बंधित समस्या, जोड़ों का दर्द, दीर्घकालिक बीमारियां हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी रहेंगी। व्यापार में नए अनुबंधन व करार इस वर्ष जून के पश्चात होंगे। आपको सलाह दूंगा कि आप किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें। नौकरी में जो समस्याएं चली आ रही थीं वह समाप्त हो जाएंगी। विभागीय जांच व अन्य नौकरी से सम्बंधित जांच का निर्णय आपके पक्ष में आएगा। नौकरी से सम्बंधित परीक्षा का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू, साक्षात्कार का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा। इस वर्ष आप जो काम करने की एक बार मन में ठान लेंगे, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। इस वर्ष मनोनुकूल तबादला, पदोन्नति व वेतन वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। काम में लापरवाही नहीं करें। इस वर्ष व्यापार विस्तार को लेकर लोन ले सकते हैं। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। अतः वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से व्यवहार में पूरी सावधानी रखें। अपने अध्ययन के प्रति समर्पित रहेंगे। आत्मविश्वास व मनोबल आप में गजब का रहेगा। जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में किसी रिश्तेदार से सम्बंधित कोई अशुभ या अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। वर्ष के अंत में घर में किसी शुभ या मांगलिक प्रसंग की रूपरेखा बन सकती है।

कैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

मकर राशि के जातकों के लिए यह साल शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से ढीला रहेगा। इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। हालांकि, किसी गंभीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका बनी हुई है। बुरी आदतों शराब, गुटका, तम्बाकू आदि का त्याग कर दें। खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखें। इस वर्ष परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के चलते आपको अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। मौसमी बीमारियों से भी कष्टानुभूति रहेगी। नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम, खान-पान से आप हर स्वास्थ्य की समस्या का समाधान कर पाएंगे।

व्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

व्यापार, कारोबार की दृष्टि से यह साल 2022 कुछ चुनौतियों को देने वाला साल है। व्यापार में विस्तार की योजना जो पिछले काफी समय से रुकी हुई या अटकी हुई थी वह अल्प प्रयास से ही पूरी हो जाएगी। उत्पादन व मार्केटिंग पर आपका ज्यादा जोर रहेगा। इस वर्ष 29 अप्रैल से 12 जुलाई के मध्य व्यापार को पटरी पर लाने के लिए आप नए अनुबंधन या करार कर सकते हैं। लेकिन अनुबंधन व करार की शर्तों को अच्छी तरह से पढ़ लें। इस अनुबंधन व करार के परिणाम दूरगामी रहेंगे। रुपयों व पैसों की आवक होगी लेकिन पैसा आने से पहले फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 13 अप्रैल तक दूसरे भाव का बृहस्पति धन संचय में बाधक है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य व्यापार में कोई गलत निर्णय हो जाएगा। गलत जगह पर धन का निवेश हो जाएगा। इस दौरान आपके साथ कोई विश्वासघात या धोखा भी हो सकता है। उधार देने से बचें। अगर आप नौकरी में हैं तो इस समय आपके विरुद्ध कोई षड्यंत्र या गुप्त योजना कारित हो सकती है। व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी व प्रतिस्पर्धी भी आपके खिलाफ कोई गुप्त योजना रच सकते हैं। लेन-देन व रुपयों पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। अत्यधिक विश्वास हानि का कारण बनेगा। भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद-फरोख्त से पूर्व कागजात व दस्तावेजों की भली प्रकार जांच कर लें। भागीदार व कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखें।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष घर-परिवार का वातावरण काफी अनुकूल रहेगा। दाम्पत्य सम्बंधों में कभी-कभार हल्का-फुल्का तनाव व गलफहमियों की दीवार बन सकती है, लेकिन धीमे-धीमे गलतफहमियों का निराकरण हो जाएगा। आप यह महसूस करेंगे कि हर मुश्किल परिस्थितियों में आपका परिवार मजबूती से आपके साथ खड़ा है। हालांकि जून से अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में परिवार के किसी वरिष्ठ व बुजुर्ग सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है, जिस कारण आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। 13 अप्रैल के बाद बृहस्पति के तीसरे स्थान में होने के कारण संतान के अध्ययन, करियर, नौकरी से सम्बंधित शुभ संदेश व समाचार प्राप्त होगा। रिश्तेदारों से कोई खास सहयोग की अपेक्षा नहीं है। संतान की शिक्षा, विषय का चयन, कॉलेज में दाखिला, शादी-विवाह से सम्बंधित चिंता का निराकरण हो जाएगा।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

13 अप्रैल को देवगुरु बृहस्पति तीसरे स्थान (मीनराशि) में प्रवेश करेंगे। अतः विद्याध्ययन में पूरी तरह से एकाग्रचित्तता बनेगी। विद्यार्थियों को परीक्षा में वांछित सफलता मिलेगी। करियर व नौकरी से सम्बंधित परीक्षा, विभागीय परीक्षा में सफलता 13 अप्रैल के बाद मिलेगी। प्रेम-प्रसंग, आलतू-फालतू कामों व सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाकर रखें। जुलाई से नवम्बर के मध्य बृहस्पति वक्री रहेंगे। अतः इस दौरान नौकरी में आपके विरुद्ध कोई शिकायत हो सकती है। आपके वरिष्ठ उच्चाधिकारी आपकी कार्यशैली से नाराज रहेंगे। नौकरी में अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से लेन-देन से बचें। हालांकि कानूनी शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों को सफलता मिल जाएगी। नौकरी में इंटरव्यू-साक्षात्कार में आत्मविश्वास में थोड़ी कमजोरी रहेगी। पढ़ाई में एकाग्रचित्तता का अभाव रहेगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

यह वर्ष प्रेम-प्रसंगों के लिहाज से अच्छा रहेगा। प्रेमी-प्रेमिका से मुलाकात होगी। हालांकि 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में प्रेम-प्रसंगों के उजागर होने का खतरा बना हुआ है।सावधान, उसका नकारात्मक प्रभाव आपके परिवारिक जीवन पर भी पड़ सकता है। मकर राशि के जातक भावुक प्रवृत्ति के होते हैं और भावुकता के आवेश में आपसे कोई गलत निर्णय हो सकता है। किसी जरूरतमंद या संकट में फंसे हुए मित्र की तरफ आप मदद का हाथ बढ़ाएंगे। मित्र भी संकट के समय किए गए कार्य को कभी नहीं भूल पाएगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

इस वर्ष वाहन से आपको परेशानी हो सकती है। शनि आपकी राशि में वर्षारंभ में स्थित है। शनि की साढ़ेसाती के कारण वाहन बार-बार खराब होगा तथा बार-बार उस पर हो रहे खर्चों से भी आप परेशान रहेंगे। वाहन चलाते समय शराब का सेवन नहीं करें। मोबाइल से भी, ड्राइव करते समय दूरी बनाकर रखें, कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अकारण व फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आपको लोन लेना पड़ सकता है। जहां तक शुभकार्य की बात है, इस वर्ष संतान के करियर व उसकी शिक्षा पर खर्च होगा। परंतु इसे शुभ खर्च ही कहा जाएगा। इसी पर भविष्य की मजबूत व सशक्त ईमारत खड़ी होगी। वर्ष के अंत में किसी शुभ व मांगलिक प्रसंग की गूंज सुनाई दे रही है।

मकर राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती के कारण व्यापार में नुकसान 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण हो सकता है। शेयर्स, लॉटरी, जुआ, सट्टा आदि से उचित दूरी बनाकर रखें, आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें। व्यापार में विस्तार, भूमि, भवन, वाहन आदि के लिए लोन की स्थिति रह सकती है। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य वक्री शनि के कारण कोई अनहोनी हो सकती है। किसी पारिवारिक सदस्य से सम्बंधित कोई अनहोनी घटित हो सकती है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष यात्राएं कोई खास लाभप्रद नहीं रहेंगी। हालांकि छोटी-मोटी कई यात्राएं होंगी। सपरिवार यात्रा का कार्यक्रम अप्रैल से जून के मध्य बन सकता है।

कैसे बनाये मेष राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष के अधिक शुभ परिणाम प्राप्त करने हेतु कटैला युक्त शनियंत्र गले में धारण करें। “ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः श्नैश्चराय नमः” की माला नित्य नियमित करें। शनिवार को एक मुट्ठी काले उड़द अपने ऊपर से 7 बार उसार कर पक्षियों को चुगाएं शनिवार को शनि मंदिर में तिल व तेल चढ़ाएं। बैंगनी रंग का सुगंधित रूमाल पास में रखें।

मकर राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मकर राशि का स्वामी शनि है। शनि प्रधान व्यक्ति मेहनत से नहीं घबराते हैं। मकर राशि के जातक व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) तथा बलवान होते हैं, परंतु पैरों में कभी-कभार तकलीफ रहती है।
शनि पाप ग्रह है तथा उनका रंग काला है। इस राशि वाले व्यक्ति प्रायः काले, नाक चपटी, पैनी आंखें, शरीर से ये पतले, फुर्तीले तथा कुछ लम्बे कद के होते हैं। यह चर संज्ञक व पृथ्वी तत्त्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक भाव उच्च पदाभिलाषी प्रकृति की होती है। क्रोध इनको धीरे-धीरे आता है व शांत भी ये देरी से होते हैं। जहां ये अपना पक्ष कमजोर देखते हैं, वहां पर ये नम्र हो जाते हैं।
मकर राशि में उत्पन्न जातक शान्त तथा उदार प्रवृत्ति के होते हैं तथा अन्य जनों के प्रति उनके मन में प्रेम तथा सहानुभूति का भाव विद्यमान रहता है। इनके मुखमंडल पर विचारशीलता, शांति एवं गंभीरता सदैव बनी रहती है। ये अत्यंत ही कर्मशील एवं परिश्रमी होते हैं। फलतः सांसारिक महत्त्व के कार्यों को सम्पन्न करके उनमें सफलता अर्जित करते हैं। इनमें कार्य करने की क्षमता प्रबल होती है तथा यही इनकी सफलता का रहस्य होता है। समाज एवं देशसेवा के प्रति ये उद्यत रहते हैं। ये साहसी एवं संघर्षशील होते हैं तथापि मन में यदा-कदा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते हैं, जिससे सुख-दुःख में समान भाव की अनुभूति करते हैं। परिश्रमी एवं अध्ययनशील होने के कारण ये अनुसंधान विज्ञान या शास्त्रीय विषयों का ज्ञान अर्जित करके एक विद्वान के रूप में सामाजिक पहचान प्राप्त करते हैं। आप स्वस्थ एवं बलशाली पुरुष होंगे। आप में आदर्शवादिता का भाव होगा तथा अपने आदर्शों पर चलने के लिए आप स्वतंत्र होंगे। देश-सेवा का भाव भी आप में विद्यमान रहेगा तथा शत्रु एवं प्रतिद्वन्द्वियों से भी उदारता का व्यवहार करेंगे। फलतः वे भी आपसे प्रभावित होंगे।
आप बुद्धिमत्तापूर्वक अपने कार्यकलापों को सम्पन्न करके धनैश्वर्य, वैभव एवं सुख अर्जित करेंगे। संगीत के प्रति आपकी विशेष रुचि रहेगी तथा इस क्षेत्र में परिश्रमपूर्वक कोई विशिष्ट उपलब्धि भी अर्जित कर सकते हैं। आप श्रेष्ठ कार्यों को करने में रुचि लेंगे तथा एक चतुर व्यक्ति के रूप में जाने जाएंगे। आपकी पुत्र संतति प्रसिद्ध रहेगी तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग मिलता रहेगा।
पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण सम्मान तथा आदर की भावना होगी तथा उनकी सेवा करने में हमेशा तत्पर रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी तथा प्रचुर मात्रा में धन एवं लाभ अर्जित करके एक धनवान के रूप में सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। आप युवावस्था में संघर्षशील रहेंगे और वृद्धावस्था में सुख एवं शांति प्राप्त करेंगे।
धर्म में आस्था होने के कारण समयानुसार धार्मिक कार्यकलापों को भी सम्पन्न करेंगे। इससे आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। मित्र एवं बंधु वर्ग के आप प्रिय होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण लाभ एवं सहयोग प्राप्त होगा। आप किसी बात पर निर्णय सोच-विचार कर धीरे-धीरे लेंगे। आप ऊंची-ऊंची योजनाएं बनाने में सदा तत्पर रहते हैं। कमाते बहुत हैं पर धन पास में टिकता नहीं, हर समय द्रव्य का अभाव महसूस करते हैं। पत्नी व आपके विचारों में असमानताएं, आपके वैवाहिक सुख को कटुतर बनाने में सहायक हैं। आपकी राशि का चिह्न ‘मगरमच्छ’ है। ‘मगरमच्छ के आंसू’ वाली कहावत लोक-प्रसिद्ध है। ऐसे व्यक्ति दीन स्वरूप व दयनीय स्थिति का बोध कराते हैं, लेकिन कपटी होते हैं। ये बहुभोगी व विषयवासना में आसक्त रहने वाले व्यक्ति होते हैं। भोजन के बाद शीघ्र आराम करने की इच्छा रहती है। ये कहते कुछ हैं व करते कुछ हैं।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘उत्तराषाढ़ा नक्षत्र’ के (भो, जा, जी) चरणों में हुआ है, तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-नकुल, गण-मनुष्य, वर्ण-क्षत्रिय, हंसक-अग्नि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा है। इस नक्षत्र का द्वितीय चरण का वर्ग-मूषक, अन्य दोनों चरणों का वर्ग-सिंह है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक बहुत नम्र, बहुत मित्रों वाला, धार्मिक, कृतज्ञ, भाग्यशाली होता है। उत्तराषाढ़ा सूर्य का नक्षत्र है, जो कि चंद्रमा का मित्र है, इसलिए यह शुभ फल कहा जाता है।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘श्रवण नक्षत्र’ (जू, जे, जो, खा) में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-कपि, गण-देव, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा तथा प्रथम तीन चरण का वर्ग-सिंह एवं अन्तिम चरण का वर्ग-बिलाव है। श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोग अपने कार्यक्षेत्र में ऊंचा नाम कमाते हैं। परोपकार व धार्मिक कार्यों में धन, समय व श्रम का समुचित उपयोग करेंगे।
यदि आपका जन्म मकर राशि के ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ के प्रथम व द्वितीय चरण (गा, गी) में हुआ है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सिंह, गण-राक्षस, हंसक-भूमि, नाड़ी-मध्य, पाया-तांबा एवं वर्ग-बिलाव है। धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति निडर व निर्भीक होता है। ये संगीत प्रेमी होते हैं और समाज में इनकी प्रतिष्ठा होती है।
मकर राशि वाले व्यक्ति प्रायः एकांतप्रिय व भीड़-भाड़ से दूर रहना पसन्द करते हैं। इनमें स्वार्थ की प्रवृत्ति कुछ विशेष रहने के कारण इनको धार्मिक व राजनैतिक क्षेत्र में सफलताएं कम मिलती हैं। ये अत्यधिक गोरे होंगे या काले। इसी प्रकार या तो ये कट्टर आस्तिक होंगे या फिर एकदम नास्तिक। आपके अनुकूल फलदायक रत्न ‘नीलम’ है।

मकर राशि वालों के लिए उपाय

आपकी राशि का अधिपति शनि है। अतः 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिलाकर पक्षियों को चुगाएं। काले कुत्ते को रोटी खिलाना भी आपके लिए लाभप्रद रहेगा। गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करें। बैंगनी रंग व नीला रंग उपयुक्त रहता है। नीलम, नीली या शनि यंत्र धारण करें। शनिवार का व्रत करें।

मकर राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ मकर
    1. राशि चिह्न ‒ मगरमच्छ
    2. राशि स्वामी ‒ शनि
    3. राशि तत्त्व ‒ पृथ्वी तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ चर
    5. राशि दिशा ‒ दक्षिण
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री, तमोगुणी
    7. राशि जाति ‒ वैश्य
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ घुटना (टखने)
    10. अनुकूल रत्न ‒ नीलम
    11. अनुकूल उपरत्न ‒ कटेला
    12. अनुकूल धातु ‒ लोहा, त्रिलोह
    13. अनुकूल रंग ‒ नीला, आसमानी, काला
    14. शुभ दिवस ‒ शनिवार
    15. अनुकूल देवता ‒ शनिदेव
    16. व्रत, उपवास ‒ शनिवार
    17. अनुकूल अंक ‒ 8
    18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 8/17/26
    19. मित्र राशियां ‒ कुंभ
    20. शत्रु राशियां ‒ सिंह
    21. व्यक्तित्व ‒ परोपकारी, दयालु, प्रशासक
    22. सकारात्मक तथ्य ‒ व्यावहारिक धरातल पर चलने वाला कठोर परिश्रमी, सही सलाह देने वाला
    23. नकारात्मक तथ्य ‒ सन्देहास्पद प्रवृत्ति, कठिनता से मानने वाला

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