Summary: माफ़ी की असली वजह
बार-बार माफ़ करना हमेशा प्यार नहीं होता, कई बार यह डर, मजबूरी और खोते आत्मसम्मान का संकेत होता है।
Forgiving Partner Repeatedly in Relationship: रिश्ते में प्यार के साथ-साथ छोटे-मोटे झगड़े या बहस का होना आम बात है। रिश्ते में छोटे-मोटे झगड़ों और बहस को एक-दूसरे से बात करके माफी मांगके सुलझाना एक अच्छे रिश्ते के संकेत है। लेकिन जब रिश्ते में झगड़ा अधिक बढ़ जाए, समस्या को नजरअंदाज किया जाए या माफी मांगना बर्ताव में कोई बदलाव न लाए सिर्फ आदत बनकर रह जाए, वहां फिर माफी प्यार नहीं मजबूरी बन जाता है। आईए जानते हैं रिश्ते में माफी कब मजबूरी और डर का संकेत बन जाता है।
माफी मांगना कब प्यार है

किसी भी रिश्ते में माफ करने का फैसला आपका खुद का निजी निर्णय होता है ना कि किसी तरह के दबाव में। अगर आपका साथी अपने किए बर्ताव पर शर्मिंदा है, उसे बदलने की बात कहता है या अपने बर्ताव को सही करने की कोशिश कर रहा है या फिर आपका साथी अपने किए गलत कार्य पर पछतावा दिख रहा है, आपसे प्रॉमिस कर रहा है कि फिर रिश्ते में इस तरह की गलती नहीं होगी। ऐसी स्थिति में आपका माफ करना आपके प्यार, भरोसा और समझ को दर्शाता है। लेकिन इस दौरान भी आपको एक बार रुक कर यह सोचने की जरूरत है, कहीं आपके साथी द्वारा यह पैटर्न बार-बार तो अपनाया नहीं जा रहा। अगर नहीं तो आपका माफ करना प्यार, भरोसा और समझ की सीमा में है।
संकेत, माफ करना मजबूरी बन गया है
आपका साथी बार-बार आपको भावनात्मक आहत करता है या भावनात्मक रूप से आप पर माफी देने का दबाव डालता है। आपकी माफी पाने के बाद फिर से आपके साथी द्वारा वही व्यवहार अपनाया जाता है। आपका साथी माफी तो मांगता है पर अपने उन कार्य या व्यवहार में बदलाव लाने की कोशिश नहीं करता जिनके कारण आप आहत होती है। यह स्थिति आपके साथी द्वारा बार-बार दोहराया जाता है, ऐसी स्थिति में आपको संभल जाना चाहिए। यह आपके रिश्ते में संकेत है की माफी प्यार, समझ और भरोसे से ज्यादा आपकी मजबूरी बन चुकी है।
माफ करना क्यों मजबूरी बनता है
अकेलेपन का डर: कई बार एक साथी इस डर से दूसरे की गलतियों को बार-बार माफ करता है कि कहीं वह उसे छोड़कर ना चला जाए उन्हें अकेलेपन से ना गुजरा पड़े।
आर्थिक रूप से कमजोर: जब एक साथी आर्थिक रूप से कमजोर होता है तो मजबूत आर्थिक स्थिति वाले पार्टनर की गलतियों को इग्नोर करना या माफ करना अपनी मजबूरी समझ लेता है।
आत्मविश्वास की कमी: कई बार लोगों की उम्र बढ़ती है और उन्हें सही पार्टनर की तलाश उनके आत्मविश्वास को इतना कम कर देता है कि वह अंत में बस एडजस्ट करना अपनी मजबूरी समझ लेते हैं।
इमोशनल निर्भरता: जब आप प्यार में अपनी सभी भावनात्मक जरूरतो के लिए खुद को अपने साथी पर निर्भर कर लेते हैं तो माफ करना आपके प्यार से ज्यादा मजबूरी बन जाती है।
खुद से पूछे इन सवालों को
अगर अपने रिश्ते में आप बार-बार अपने साथी को माफ कर रहे हैं तो खुद से ईमानदारी के साथ कुछ सवाल पूछे यह सवाल हैं:
क्या आपके माफ करने पर आपके साथी के व्यवहार में कोई बदलाव आ रहा है। क्या वह अपनी गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रहा है। क्या आप परिवार, बच्चों के कारण, आर्थिक स्थिति या किसी और दबाव के कारण तो माफ करने का चुनाव तो नहीं कर रही। अगर आपको अपने साथी के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव नजर आ रहे हैं तो यह प्यार है। नहीं तो माफ करना आपकी आदत और मजबूरी बन रहा है।
