Overview: दक्षिण सिनेमा में भी बिग बी का जलवा कायम
‘कल्कि 2898 AD’ के लिए पहला साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतकर अमिताभ बच्चन ने एक और सुनहरा अध्याय अपने नाम कर लिया है। फैंस उन्हें सही मायनों में “ट्रू लीजेंड” बता रहे हैं। यह सम्मान सिर्फ एक फिल्म के लिए नहीं, बल्कि उस सफर के लिए है जो दशकों से भारतीय सिनेमा को समृद्ध करता आ रहा है।
Amitabh Bachchan Wins First South Filmfare Award : सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अभिनय की कोई उम्र और कोई सीमा नहीं होती। शनिवार को केरल के कोच्चि में आयोजित 70वें फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड्स समारोह में अमिताभ बच्चन को तेलुगु फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ में अश्वत्थामा के किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (पुरुष) का सम्मान मिला। यह उनका पहला साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड है, जिससे यह उपलब्धि उनके लिए और भी खास बन गई।जीत लिया है। इस उपलब्धि के बाद फैंस से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक हर कोई बिग बी की तारीफ करते नहीं थक रहा। सोशल मीडिया पर उन्हें “ट्रू लीजेंड” कहा जा रहा है।
‘कल्कि 2898 AD’ में अमिताभ बच्चन का प्रभावशाली किरदार
‘कल्कि 2898 AD’ भले ही प्रभास, दीपिका पादुकोण और कमल हासन जैसे सितारों से सजी हो, लेकिन अमिताभ बच्चन का किरदार दर्शकों के दिलों में खास जगह बना गया। उनकी गंभीर आवाज़, संयमित अभिनय और स्क्रीन प्रेज़ेंस ने फिल्म को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया। कम स्क्रीन टाइम के बावजूद उनका असर लंबे समय तक याद रहने वाला रहा।
पहला साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड
अमिताभ बच्चन के करियर में नेशनल अवॉर्ड, कई फिल्मफेयर और अंतरराष्ट्रीय सम्मान शामिल हैं, लेकिन यह उनका पहला साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड है। इतने दशकों के करियर के बाद भी नया रिकॉर्ड बनाना बिग बी की खासियत रही है। यह सम्मान न सिर्फ उनके अभिनय का, बल्कि भारतीय सिनेमा में उनके योगदान का भी प्रतीक है।
अवॉर्ड के बाद फैंस का जबरदस्त रिएक्शन
अवॉर्ड की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस की बधाइयों की बाढ़ आ गई।
कोई लिख रहा है—“अमिताभ बच्चन सिर्फ अभिनेता नहीं, एक युग हैं।”
तो किसी ने कहा—“हिंदी हो या साउथ, बिग बी हर जगह बेस्ट हैं।”
फैंस का मानना है कि यह अवॉर्ड बहुत पहले मिल जाना चाहिए था।
साउथ सिनेमा में बिग बी की बढ़ती मौजूदगी
‘कल्कि 2898 AD’ के साथ अमिताभ बच्चन ने यह साफ कर दिया कि वह आज के दौर के सिनेमा के साथ पूरी तरह कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। साउथ इंडस्ट्री में उनकी एंट्री को दर्शकों ने खुले दिल से स्वीकार किया है। उनकी मौजूदगी ने हिंदी और साउथ सिनेमा के बीच की दूरी को और कम कर दिया है।
उम्र नहीं, टैलेंट बोलता है
80 की उम्र पार करने के बाद भी अमिताभ बच्चन का इस तरह सम्मानित होना युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा है। जहां कई कलाकार रिटायरमेंट की बात करते हैं, वहीं बिग बी हर प्रोजेक्ट में खुद को नया साबित कर रहे हैं। उनका यह अवॉर्ड इस बात का सबूत है कि सच्चा टैलेंट कभी पुराना नहीं होता।
