googlenews
Rebound Relationship
Rebound Relationship

Rebound Relationship Tips: आप रिबाउंड रिलेशनशिप में हैं? ब्रेकअप हर किसी के जीवन का एक कठिन समय होता है जिसे पार करना आसान नहीं होता है। अपने एक्स को भुलाने के लिए कुछ लोग बहुत जल्दी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में आ जाते हैं।  सोचते हैं नए व्यक्ति के होने से हमारा दिमाग पुरानी बातों को भूल जायेगा। 

धीरे-धीरे नए रिश्ते में भी वही भावनाएं जुड़नी शुरू हो जाएंगी। यह रिश्ता काफी जल्दबाजी में बनाया जाता है। इसमें न तो आप सामने वाले व्यक्ति को जानती हैं और न ही उनसे दिल से जुड़ी होती हैं। ऐसे रिश्ते को रिबाउंड रिलेशनशिप कहा जाता है। 

यह रिश्ता शुरू में आपको बहुत आरामदायक नजर आ सकता है, लेकिन यह आपकी सोच से ज्यादा कठिन हो सकता है। ऐसे रिश्ते लंबे समय तक नहीं टिकते हैं और दोनों की समझ भी एक दूसरे के प्रति काफी कच्ची होती है। तो आइए जानते हैं क्यों होते हैं ऐसे रिश्ते कठिन।

नए रिश्ते से इमोशनली जुड़ने में दिक्कत

rebound relationship
Difficulty connecting emotionally to a new relationship

आपने बेशक से नया रिश्ता बना लिया हो, लेकिन आप अभी भी अपनी एक्स की यादों से घिरी हुई हैं। आपको अभी भी उनसे प्रेम है और आप अब भी उन्हें याद कर रही हैं। इस स्थिति में आप अपने नए पार्टनर के साथ दिल से या इमोशनल रूप से नहीं जुड़ सकतीं। रिबाउंड रिलेशनशिप में भी अब काफी सारी अड़चनें और लड़ाइयां होनी शुरू हो सकती हैं, क्योंकि आप नए साथी के लिए इमोशनल रूप से उपलब्ध नहीं हैं। ये सबसे बड़ी समस्या है रिबाउंड रिलेशनशिप की।

नए पार्टनर को भी दर्द पहुंचा सकतीं हैं

rebound relationship
It can cause pain to new partner too

आपने यह रिश्ता अपने दर्द को भुलाने के लिए शुरू किया है। लेकिन हो सकता है आपको नए पार्टनर से प्यार न हो। यह भी संभव हो सकता है कि नया पार्टनर आपसे प्यार करने लगे। इस स्थिति में आप उन्हें हर्ट कर सकती हैं, क्योंकि वह आपसे इमोशनली जुड़ चुके हैं। लेकिन आप अभी भी अपने पुराने रिश्ते में ही हैं। इसलिए न आप खुद आगे बढ़ पाती हैं और न ही अपने पार्टनर को बढ़ने देती हैं। ये भी समस्या है रिबाउंड रिलेशनशिप की।

गुस्से का नए रिश्ते पर असर 

rebound relationship
Effect of anger on new relationship

आप अभी-अभी एक ब्रेकअप से गुजरी हैं। इसलिए आपको हर समय अलग-अलग फीलिंग्स देखने को मिल सकती हैं। किसी भी समय आपको गुस्सा या फ्रस्ट्रेशन महसूस हो सकता है। जिससे आप नए पार्टनर को बिना वजह अपना गुस्सा दिखा देती हैं। इस वजह से उन्हें भी आपकी वजह से संघर्ष करना पड़ता है। इस तरह आप दोनों के बीच एक गलतफहमी पैदा हो जाती है और पुराने रिश्ते के साथ-साथ नया रिश्ता भी खराब होने लगता है।

आप चाह कर भी नहीं जुड़ पायेंगी

rebound relationship
You won’t even be able to join

रिबाउंड रिलेशनशिप में आप हमेशा खुद को बीच में लटका हुआ महसूस करती हैं। न तो आप अपने नए पार्टनर के साथ जुड़ रही हैं और न ही आप अपने पुराने पार्टनर को छोड़ पा रही हैं। इसलिए आपको एक नया रिश्ता तब ही शुरू करना चाहिए जब आप अपने एक्स से रिश्ता पूरी तरह खत्म कर चुकी हों और जिंदगी में आगे बढ़ना चाहती हों। इस तरह बीच में लटकना आप को केवल पीड़ा देगा और आप खुद ही नहीं बल्कि अपने रिबाउंड पार्टनर को भी बीच में लटका रही हैं।

इमोशनल सेहत के लिए अच्छा नहीं

rebound Relationship
Not good for emotional health

यह रिश्ता एक तरह से आपके लिए टाइम पास और एक्स से उभरने का एक रास्ता होता है। इसे आप इतनी गंभीरता से नहीं लेतीं और इस रिश्ते में आप किसी भी निर्णय को बिना सोचे समझे और जल्दबाजी में ले लेती हैं। ऐसा करना इमोशनल सेहत के लिए अच्छा नहीं होता। यह काफी हानिकारक भी हो सकता है। इससे आप खुद को भविष्य के लिए भी हर्ट कर सकती हैं। क्या आप जानती हैं कि विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले तीन महीनों में 90% रिबाउंड संबंध विफल हो जाते हैं?

ब्रेकअप से बाहर आना इतना आसान नहीं होता। इसलिए आपको पहले पूरी तरह से अपने आप पर काम करना होगा। जब आप अपने पार्टनर को भूल जायें,तब ही आगे बढ़ने के लिए तैयार हों। फिर ही नया रिश्ता बनाएं।

Leave a comment