त्योहार में कोई भी मौज-मस्ती और खुशियों से दूर नहीं रहना चाहता। इस बार भी आ रहे त्योहारों के बहाने आप अपनी जिंदगी में उत्साह और उमंगकी कमी न होने दें। खुश रहें, खुश रखें और अपने हर ओर खुशियों की बौछार कर दें। त्योहार अपने साथ हर साल सकारात्मक ऊर्जा और बचपन की यादें साथ लाते हैं। चकाचौंध, रंग, धूमधड़ाका, मस्ती, खाना-पीना- सब खुद ही उत्साह और उमंग के सागर में गोते खाने लगते हैं।
हमेशा मुस्कुराते रहें

 मुस्कुराहट ऐसी वस्तु है जो मुफ्त में बहुत कुछ दे जाती है। मुस्कुराते हुए चेहरे सामने वाले को भी तरोताज़ा कर देते हैं। इसमें आपका कुछ जाता नहीं है वरन् आपको बहुत कुछ मिल सकता है, जैसे देखने वालों को खुशी, दोस्तों का साथ, परिवार का प्यार और यदि आप मार्केटिंग के पेशे में हैं तो बिज़नेस…। त्योहार के मौके पर तो मुस्कुराहट बनाए रखना और भी ज़रूरी हो जाता है, भले ही कोई भी परेशानी क्यूं न हो।
 

रिश्तों में भरें ताजगी 

त्योहार हमें आपस में जोडऩे का काम करते हैं, फिर क्यों न त्योहार के अवसर पर हम अपने रिश्तों में नई जान फूंकने का काम करें! अक्‍सर हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनों के लिए ही वक्त नहीं मिलता। त्योहार के मौके पर इस मामले में कोई कसर न छोड़ें। परिवार के साथ वक्त बिताएं और सबको महसूसकरवाएं कि वो आपकी जिंदगी में क्या मायने रखते हैं। सभी रिश्ते को तरोताजा करें। शाम को बड़े-बुजुर्गों को प्रणाम करें। उन्हें महसूस होगा कि तमाम व्यस्तताओं के बावजूद आपके पास उनके लिए वक्त है। बच्चों की इस शिकायत को दूर करने की कोशिश करें कि उनके लिए आपके पास वक्त नहीं। दोस्तों के साथ फिर जुडऩे की कोशिश करें, जिनसे व्यस्तता के कारण आप बहुत समय से मिल नहीं पाई हैं या जिनसे आपका संपर्क खत्म हो गया है। रिश्तों की यह ताजगी रिश्तों में नई ऊर्जा भर देगी।

जिंदगी में भरे खुशियों के रंग
सभी की जिंदगी में कोई न कोई परेशानी होती है। इसका अर्थ यह नहीं कि वह खुश न रहे। खुशियां अपनी जगह हैं और परेशानियां अपनी जगह।जरूरत है अपने लिए भी समय निकालने और खुशनुमा पलों को तलाशने की।त्योहार तो बिना मांगे खुशियां देते हैं। इस मौके को यूं ही न गंवाएं। अपनी सारीऊर्जा का उपयोग अपने परिवार की खुशी के लिए करें। आप अपनी जिंदगी से खुश रहेंगी तो उसका असर आप पर, पूरे परिवार और आसपास रहने वाले लोगों की जिंदगी पर भी पड़ेगा।

बनें ऊर्जा का भंडार
रौशनी के इस त्योहार को खुद को ऊर्जावान और सेहतमंद बनाने का मौका मानें। सेहतमंद खाना, हल्का-फुल्का व्यायाम और खुशमिजाज मन। आपको ऊर्जावान रखने में ये हमेशा कारगर साबित होंगी। स्वयं को इतना ऊर्जावान बनाएं ताकि दूसरे लोग आपको देखकर प्रेरणा ले सकें। उत्साह बनाए रखना मुश्किल हो सकता है, पर इसके बिना सफलता नहीं पाई जा सकती। स्वयं को पहचानें एवं सकारात्मक सोच को अपनी पहचान बनाएं।

स्वयं को करें प्रोत्साहित
प्रोत्साहन की जरूरत हर किसी को हर जगह, समय एवं परिस्थिति में होती है। यह श्रेष्ठ परिणाम पाने का मूलमंत्र है। अगर कोई और न दे तो हमें खुद को ही प्रोत्साहन देना होगा। स्वयं के श्रेष्ठ प्रोत्साहक बनें। अगर आप स्वयं ऊर्जावान और उत्साहित रहेंगे तो आपको देखकर परिवार के दूसरे लोग भी उत्साह की कमी नहीं होने देंगे। पूजा के वक्त दीपक से निकली अग्नि भी शरीर और वातावरण में एक नई उष्मा और ऊर्जा का संचार करती है।

सेहत का रखें खयाल
सेहत अमूल्य होती है और इसका खयाल रखना हमेशा ही बेहद ज़रूरी है लेकिन चूंकि त्योहारों के मौके पर समय-बेसमय उल्टा-सीधा खाना पीना होते है इसलिए सेहत का खयाल रखना और भी जरूरी हो जाता है। ऐसे में अपनी सेहत के अनुसार सोच समझ कर खाना पीना चाहिए और तबियत बिगडऩे पर तुरंत इलाज कराना चाहिए ताकि आपके साथ परिवार के दूसरे सदस्यों के चेहरों पर भी मुस्कान बनी रहे।

सकारात्मकता बनाए रखें
अपनी जिंदगी को सकारात्मक ऊर्जा और सकारात्मक विचारों से भरें और नकारात्मक ऊर्जा को अपने पास फटकने भी न दें। जिंदगी जीने का यह नया नजरिया आपकी जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा खुशनुमा बना देगा। इससे आपके अंदर एक आभा जागृह होगी और आपमें दीवाली पर जो निखार आएगा वो देखने लायक होगा।

दूसरों से अपनी तुलना न करें
बहुत से लोग इसलिए दुखी होते हैं कि उनके पास अपना घर अपने पड़ोसी जैसा सजाने के लिए पैसे नहीं हैं तो कुछ लोग इसलिए दुखी होते हैं कि उनके पास अपने बच्चों की इच्छाएं पूरी करने की सामथ्र्य नहीं है। त्योहार हमारी जिंदगी में खुशी और मौज मस्ती मनाने के लिए होते हैं न कि महंगाई और खर्च को लेकर दुखी परेशान होने के लिए इसलिए किसी के साथ अपनी तुलना करके दुखी होने से बेहतर है कि जितनी चादर हो उतने ही पैर फैलाए जाएं। जो आपके पास है, उसी में खुशी तलाशें।

सामर्थ्र्य के अनुसार करें खर्च
यह सही है कि महंगाई भरे इस जमाने में त्योहार खुशियों के साथ अनेक प्रकार के खर्च और दूसरी परेशानियां भी लाते हैं लेकिन फिर भी हमें अपनी सामथ्र्य के अनुसार ही त्योहार मनाने चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि त्योहार पर आप कितना खर्च कर सकते हैं, बस अपना त्योहार का बजट बनाएं और उसी के अनुसार सामान खरीदें।