सेक्स दो जिस्मों के बीच का एक रूमानी एहसास है जो दो दिलों को एक कर देता है। ये वो खुशनुमा पल होते हैं जिनमे डूब जाना हर कपल को ख़ुशी की अनुभूति कराता है। बेडरूम सेक्स तो सभी एन्जॉय करते हैं लेकिन जब बात हो पूल सेक्स की तो सुनकर ही एक अलग सा एहसास होता है। पूल सेक्स में एक अलग ही आकर्षण होता है। सुन कर ही दिल खिल उठता है और मन करता है कि पार्टनर के साथ पानी की भीनी -भीनी लहरों में एक दूसरे के प्यार के रंग में पूरी तरह से डूब जाओ। जब बात हो रही हो पूल सेक्स यानि कि पानी के बीच सेक्स की तो कुछ सावधानियां इस रूमानी एहसास को और ज्यादा खूबसूरत बना सकती हैं। 
 
  • पानी में सेक्स हमेशा उतना  रोमांटिक नहीं होता है जितना कि सुनने में लगता है । पूल सेक्स में सामने आती हैं 3 मुख्य चुनौतियां-
    ल्यूब्रिकेशन, इरिटेशन और इंफेक्शन ।  
     
  • सबसे पहले, पूल का खारा पानी संभवतः आपके प्राकृतिक लूब्रिकेशन को धो देगा। ल्यूब्रिकेशन कम होने की वजह से सेक्स थोड़ा असहज हो जाता है और इसका मज़ा कम हो जाता है। 
  • पूल सेक्स के बाद कई बार गंदे  पानी की वजह से जलन, रेडनेस के साथ खुजली और इरिटेशन  होने लगता है जिसकी वजह से पोस्ट सेक्स पूरा मज़ा किरकिरा हो जाता है। 
  • एक सबसे बड़ी समस्या है इंफेक्शन । यदि आप एक ऐसे पूल में हैं जिसे ठीक से क्लोरीन नहीं किया गया है, तो पानी में कीटाणुओं की वजह से यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन या फिर वेजाइनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। यूटीआई के जोखिम को कम करने के लिए सेक्स की मस्ती खत्म होने के बाद बाहर आकर यूरिन पास करना एक बेहतर ऑप्शन है। 
  • इस बात का ध्यान ज़रूर रखें कि पूल का पानी अच्छी तरह से साफ़ हो। वैसे तो बारिश में पूल सेक्स का मज़ा ही कुछ और है लेकिन बारिश के दौरान इसे अवॉयड करना चाहिए। बारिश के पानी से इंफेक्शन का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। पूल में जाने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि पूल के पानी में क्लोरीन पड़ा हो। 
  • यदि आप सेक्स कर रहे हैं तो हमेशा की तरह, कंडोम का उपयोग करना सबसे अच्छा है। पूल के इस्तेमाल करने वाले आप अकेले व्यक्ति नहीं हैं इसलिए पूल में हगिंग , किसिंग के अलावा फोरप्ले का मज़ा उठाएं और इंटरकोर्स के लिए पूल के बाहर यानि कि सूखे स्थान का प्रयोग करें।  
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