Summary: क्यों छलनी से ही देखा जाता है चाँद?

पौराणिक मान्यता के अनुसार छलनी से चाँद देखने से चंद्र दोष का असर नहीं पड़ता। यही कारण है कि करवा चौथ पर महिलाएं छलनी से चाँद और पति को देखती हैं।

Karwa Chauth Tradition: हिन्दू धर्म में महिलाओं के लिए पति, बच्चे और परिवार की मंगलकामना के लिए कई व्रत बताए गए हैं, जिनमें से एक व्रत है पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत। यह व्रत हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आता है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं दिनभर व्रत करके शाम के समय करवा माता की पूजा करके चांद निकलने के बाद चंद्रदेव की पूजा करती हैं और जल अर्घ्य देती हैं। पूजा के बाद चांद और पति को छलनी से भी देखती हैं। लेकिन करवा चौथ पर छलनी से चाँद देखने की परंपरा क्यों की जाती है, आइए जानते हैं इसके बारे में।

आपको बता दें कि इस साल करवा चौथ का व्रत शुक्रवार 10 अक्तूबर को मनाया जाएगा।

Karva Chauth puja
What is the significance of Karva Chauth fast

करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के रिश्ते के बीच प्यार, समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। पत्नी द्वारा यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए किया जाता है। इस दिन विशेष रूप से माता करवा की पूजा की जाती है। इसके अलावा भगवान शिव और माता पार्वती के साथ भगवान कर्तिक, गणेशजी और चांद की पूजा की जाती है, जिससे पति-पत्नी के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

karwa chauth puja
Why is the practice of looking at the moon through a sieve done on Karva Chauth?

छलनी में हजारों छेद होते हैं, ऐसे में यह मान्यता है कि करवा चौथ के दिन छलनी से पति को देखने से पति की आयु भी उतनी ही गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा करवा चौथ पर चांद को छलनी से देखने की एक वजह चंद्रदेव को मिले एक शाप से भी जुड़ी है। दरअसल एक पौराणिक कथा के अनुसार एक बार चंद्रदेव ने अपनी सुंदरता के अंहकार में भगवान श्री गणेश के रूप-रंग का मजाक उड़ाया था। इस बात से क्रोधित होकर भगवान गणेश ने चंद्रदेव को शाप दिया कि जो भी मनुष्य चांद को सीधे देखेगा, उस पर दोष लगेगा और उसे कंलक का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, चंद्रदेव के बहुत क्षमा मांगने के बाद गणेशजी ने इस शाप की अवधि केवल एक दिन के लिए कर दी थी। इसलिए भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को चांद देखने से कंलक लगता है, जिसे कलंक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन इसके बाद से लोगों के मन में डर बन गया इसलिए लोग करवा चौथ की रात भी चांद को सीधी आंखों से नहीं देखते हैं, चाँद देखने के लिए छलनी की सहायता लेते हैं।

fast of Karva Chauth
Why is the fast of Karva Chauth broken only after seeing the moon?

करवा चौथ के व्रत में चांद देखकर व्रत खोलने के पीछे का मुख्य कारण है कि चंद्रमा पुरुष रूपी ब्रह्मा का रूप हैं। ऐसी मान्यता है कि इसकी पूजा और उपासना करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। दरअसल चंद्रमा के पास रूप, शीतलता और प्रेम है, साथ ही इन्हें लंबी आयु का वरदान भी मिला है। इसलिए महिलाएं करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा कर यह सभी गुण अपने पति के लिए आशीर्वाद में पाने की प्रार्थना करती हैं।

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...