Vishnu Sahasranamam in Hindi: त्रिदेवों में एक नाम भगवान विष्णु का भी आता है, इसलिए श्रीहरि सनातन धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक पूजनीय है। भगवान विष्णु को इस संसार के पालनहार के रूप में जाना जाता है। श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ भगवान श्रीहरि को समर्पित है। श्री विष्णु सहस्रनाम का जाप करने से जातक को सुख—समृ द्धि, यश व वैभव की प्राप्ति होती है। विष्णुसहस्रनाम में ‘सहस्र’ का अर्थ है हजार और ‘नाम’ का अर्थ है नाम, यानी विष्णुसहस्रनाम में भगवान विष्णु के एक हजार नामों का वर्णन हैं।
ऐसे में धर्म शास्त्रों में विष्णुसहस्रनाम पाठ का जाप करना बेहद ही फलदायी माना गया है। विष्णुसहस्रनाम पाठ के प्रभाव से व्यक्ति के उन्नती के द्वार खुलते हैं। संस्कृत में लिखे विष्णु सहस्रनाम का महत्व पौराणिक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। विष्णु सहस्रनाम के रचियता ऋषि व्यास है जिन्होंने रामायण, महाभारत और भगवत गीता जैसे महाकाव्य लिखे हैं। आइये जानते हैं विष्णुसहस्रनाम पाठ करने के लाभ, विधि व संपूर्ण जानकारी।
विष्णु सहस्रनाम पाठ करने के लाभ

- भगवान विष्णु के सहस्त्र नामों का जप करना बेहद लाभकारी होता है। विष्णुसहस्रनाम पाठ पढ़ने से मनुष्य के सभी पातकों का नाश हो जाता है। जो भी जातक विष्णुसहस्रनाम पाठ करता है, उसे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और उसका कल्याण होता है।
- विष्णुसहस्रनाम पाठ करने से संपन्नता, आर्थिक उन्नती, सफलता, आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ में वह दैवीय सुख, ऐश्वर्य, संपदा के साथ-साथ संपन्नता का स्वामी बनता है।
- यदि आप अनिद्रा से पीड़ित हैं या फिर अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं तो विष्णुसहस्रनाम के स्तोत्र पढ़ने से लाभ मिलता है। वहीं, विष्णुसहस्रनाम के स्तोत्र पढ़ने से रात्रि में सोते समय बुरे सपने भी नहीं आते हैं। विष्णुसहस्रनाम पाठ करने से मन शांत रहता है।
- अगर कोई परिवार संतानहीनता की परेशानी से जूझ रहा है तो उसे नियमित रूप से विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।
- विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से व्यक्ति का मन शांत रहता है। भगवान विष्णु के हर नाम को पढ़ने से आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
- अगर किसी की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है, तो उसे विष्णुसहस्रनाम का जाप करना चाहिए। इससे सूर्य देव अपनी कृपा बरसाते हैं।
- अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है या फिर ध्यान लगाकर पढ़ाई नहीं कर पाता है तो उसे विष्णुसहस्रनाम के स्तोत्र का जाप करना चाहिए। इससे उनकी एकाग्रता शक्ति में वृद्धि होगी।
- आर्थिक परेशानियों को दूर करने में भी विष्णुसहस्रनाम का पाठ बेहद कारगर होता है। इसके जाप से आर्थिक संपन्नता में वृद्धि होती है।
कैसे करें विष्णुसहस्रनाम पाठ का जाप

जैसा कि विष्णुसहस्रनाम भगवान विष्णु के एक हजार नामों की ऐसी श्रृंखला है, जिसका जाप करने मात्र से मनुष्य के समस्त दूखों का निवारण होकर उसका कल्याण हो जाता है। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि धर्म शास्त्रों में विष्णुसहस्रनाम पाठ जपने की कोई विशेष विधि का उल्लेख नहीं मिलता है। जो भी भक्त विष्णुसहस्रनाम का पाठ जाप करना चाहे, उसके मन में भगवान विष्णु के प्रति भक्तिभाव उत्पन्न होना चाहिए।
आपको विष्णुसहस्रनाम का पाठ करते समय नारायण के प्रति पूर्ण विश्वास व प्रेम की भावना रखनी चाहिए। विष्णुसहस्रनाम पाठ जपते समय संपूर्ण ध्यान भगवान विष्णु में होना चाहिए और मन पवित्र होना चाहिए। क्योंकि, धर्म शास्त्रों में कहा गया है जिस मन के साथ आप विष्णुसहस्रनाम पाठ का जाप करते हैं, उसकी के अनुरूप आपको फल प्राप्त होता है।
विष्णु सहस्रनाम पढ़ने का सही समय और विधि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते समय कुछ विशेष बातो का ध्यान रखना चाहिए। पंडित जी बताते हैं कि सुबह स्नान करने के बाद स्तोत्र का पाठ करना सबसे अच्छा होता है। यदि आप इसे दिन में करना चाहते हैं तो सबसे अच्छा समय शाम को 5-7 बजे के बीच होता है। सोने से पहले स्तोत्र का जाप करना भी लाभकारी होता है। वहीं, विष्णु सहस्रनाम का पाठ जपते समय यूं तो किसी भी रंग के वस्त्र पहन सकते हैं, लेकिन पीले रंग का वस्त्र धारण करना श्रेष्ठ है। ऐसा माना जाता है कि पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते समय ध्यान रहे कि आप ऊनी आसन पर बैठ जाएं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विष्णु सहस्रनाम के स्तोत्र का उच्चारण करते समय अपने आप जल से भरा हुआ कलश जरूर रखें। साथ में फल, सूखे मेवे या पीले रंग की मिठाई भी रखें। पाठ पूरा होने के बाद इनका भोग लगाएं और सभी को प्रसाद के रूप में वितरित भी करें। विष्णु सहस्रनाम में 108 श्लोक हैं। अगर आपको पढ़ना मुश्किल लगता है तो इसे सुनकर भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
विष्णु सहस्रनाम पाठ का महत्व

विष्णु सहस्रनाम में भगवान विष्णु के एक हजार नाम हैं। यह ॐ विश्वस्मै नमः से प्रारंभ होता है और ॐ सर्वप्रहरणायुधाय नमः में समाप्त होता है। धर्म पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख है कि विष्णु सहस्त्रनाम के जाप से बल, यश, वैभव, ज्ञान, विजय, धन और सुख की प्राप्ति होती है। धार्मिक लोगों की धर्म में रुचि बढती है। इसके जाप से ना सिर्फ सुख—समृद्धि आती है, बल्कि सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि कुंडली में बृहस्पित के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। इससे सभी प्रकार के दोष समाप्त हो जाते हैं। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से जीवन से जुड़े कई लाभ प्राप्त होते हैं। यह आपके जीवन को खुशहाल बनाने में काफी मददगार साबित होता है।
विष्णु सहस्रनाम का प्रभावशाली मंत्र
‘नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे।
सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:।।’
अगर आप विष्णु सहस्रनाम के एक हजार नाम का जाप करने में असमर्थ है तो यह मंत्र पढ़ सकते हैं। इस एक मंत्र के जाप से भगवान विष्णु के एक हजार नाम लेने के बराबर फल प्राप्त होता है। यह मंत्र भगवान विष्णु के सबसे प्रभावशाली मंत्रों में से एक है। इसका रोजाना जाप करने से सभी प्रकार के कष्ट रोग दूर होते हैं। जीवन में आने वाली हर बाधाओं को दूर करने के लिए इस मंत्र का नियमित रूप से जाप करना चाहिए।
यह भी पढ़ें: भगवान महादेव पर क्यों नहीं चढ़ाया जाता लाल सिंदूर, जानिए वजह: Lord Shiva
FAQ | क्या आप जानते हैं
विष्णु सहस्रनाम में क्या लिखा है?
विष्णु सहस्रनाम कैसे पढ़े?
कौन सा सहस्रनाम सबसे अच्छा है?
विष्णु सहस्रनाम में कितनी पंक्तियाँ हैं?
विष्णु सहस्त्रनाम पढ़ने से क्या होता है?
विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए?
विष्णु का शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?
भगवान विष्णु को क्या प्रिय है?
विष्णु सहस्रनाम कब पढ़ना चाहिए?
ललिता सहस्रनाम का जाप कैसे करें?
विष्णु भगवान को कौन सा फल पसंद है?
विष्णु भगवान को चावल क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए?
गुरुवार के दिन विष्णु भगवान को क्या चढ़ाना चाहिए?
