चिल्का लेक- ओडिसा के पुरी जिले में स्थित है दुनिया की ये दूसरी सबसे बड़ी समुद्री झील, चिल्का लेक। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून से बैठकर पक्षियों को देखना पसंद है तो चिल्का लेक आपके लिए पर्फेक्ट जगह है। यहां पानी में रहने वाले वनस्पतियों ओर जीव जन्तुओं के साथ-साथ आपको ठंड के मौसम में कई तरह के माइग्रेटरी पक्षियों को देखने का मौका मिलता है। ये भी बता दें कि चिल्का लेक दुनिया का ऐसा पहला स्थान है जहां सबसे ज्यादा फ्लेमिंगो पक्षी प्रजनन के लिए आते हैं।    

नल सरोवर बर्ड सेंक्चुअरी– बहुत कम लोग ये जानते हैं कि नल सरोवर देश का सबसे बड़ा वॉटर वर्ड सेंक्चुअरी है। गुजरात में अहमदाबाद से लगभग साठ किलोमीटर दूर स्थित ये बर्ड सैंक्चुअरी पक्षियों से प्यार करने वालों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं क्योंकि यहां दो सौ से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियों के देखा जा सकता है।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान- पश्चिम बंगाल के दक्षिण में स्थित सुंदरवन दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा है और इसका काफी हिस्सा  बांग्लादेश में भी पहुंचता है।मैंग्रोव (सुंदरी) जंगलों से घिरा यह क्षेत्र रॉयल बंगाल टाइगर्स का संरक्षण क्षेत्र होने के साथ-साथ राष्ट्रीय उद्यान भी है और यहां भी हर साल कई तरह की माइग्रेटरी पक्षियां आती हैं। यहां नमकीन पानी में रहने वाले मगरमच्छ भी दिखते हैं। 

कुमारकोम बर्ड सैक्चुअरी, केरल- केरल के बैकवॉटर्स में स्थित यह बर्ड सैंक्चुअरी कई माइग्रेटरी पक्षियों का केंद्र है। चौदह एकड़ क्षेत्र में फैले इस क्षेत्र में अलग अलग मौसम में तरह-तरह के पक्षियों को देखा जा सकता है।

ईगलनेस्ट वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी- अरुणाचल प्रदेश में हिमालय पहाड़े के निचले हिस्से में मौजूद ईगलनेस्ट वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी एक संरक्षित क्षेत्र है और ये उन लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है जिन्हें तरह तरह के पक्षी देखने में आनंद आता है।