Shani Dosh
Shani Dosh

Shani Dosh: ज्योतिष के अनुसार, किसी भी ग्रह के अशुभ प्रभाव से पहले कुछ संकेत मिलने लगते हैं। अगर शनि ग्रह कमजोर या अशुभ होता है, तो इसका असर व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियों के रूप में दिखाई देता है। यह व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता कमजोर कर सकता है, जिससे धन हानि और मान हानि होने लगती है। घर में बेवजह लड़ाई-झगड़े बढ़ जाते हैं और व्यक्ति को लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां घेर सकती हैं। ऐसे कई संकेत होते हैं जो बताते हैं कि शनि अशुभ प्रभाव दे रहा है।

शनि के अशुभ प्रभाव के तीन प्रमुख लक्षण

  1. निर्णय-शक्ति कमजोर होना और लगातार नुकसान झेलना

जब शनि अशुभ होता है, तो व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है। सही और गलत का फर्क समझना मुश्किल हो जाता है, जिससे वह बार-बार गलत फैसले लेता है। इसके कारण धन हानि, मान-सम्मान की हानि और जीवन में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति मेहनत तो बहुत करता है, लेकिन उसे उसके अनुरूप सफलता नहीं मिलती, जिससे मानसिक तनाव बढ़ जाता है।

  1. घर में अकारण कलह और लड़ाई-झगड़ों का बढ़ना

शनि के अशुभ प्रभाव का दूसरा बड़ा संकेत यह है कि परिवार में बिना किसी कारण के विवाद होने लगते हैं। छोटे-छोटे मुद्दे बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं, जिससे घर का माहौल अशांत हो जाता है। परिवार के सदस्यों में आपसी मनमुटाव बढ़ने लगता है, और रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं। पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ सकता है, जिससे वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है।

  1. लंबी और जटिल बीमारियों से ग्रस्त होना

शनि के अशुभ प्रभाव का तीसरा प्रमुख संकेत स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। व्यक्ति को ऐसी बीमारियां घेर लेती हैं जो लंबे समय तक ठीक नहीं होतीं। कई बार डॉक्टर और दवाइयों का भी असर नहीं होता, और समस्या लगातार बनी रहती है। हड्डियों से जुड़ी परेशानियां, जोड़ों में दर्द, त्वचा रोग, डिप्रेशन और क्रॉनिक बीमारियां इस दौरान अधिक होने लगती हैं। बार-बार दुर्घटनाएं होना और शरीर में कमजोरी महसूस होना भी शनि के अशुभ प्रभाव के संकेत माने जाते हैं।

शनि के अशुभ प्रभाव के अन्य लक्षण

नौकरी और करियर में बाधा – अचानक नौकरी छूट जाना, गलत स्थानांतरण, निलंबन, चार्जशीट मिलना या गबन के आरोप लगना।

स्वास्थ्य समस्याएं – गंभीर बीमारी होना, दवाओं से आराम न मिलना, बार-बार हड्डी टूटना या पैर में चोट लगना।

रिश्तों में तनाव – बिना कारण लोगों का विरोधी बन जाना, पार्टनर या दोस्तों से धोखा मिलना, रक्षक का ही भक्षक बन जाना।

काम में अड़चनें – हर कार्य में बाधा आना, समाज में अपयश मिलना, झूठे आरोप लगना या प्रतिष्ठा पर दाग लगना।

मुकदमेबाजी और आर्थिक संकट – अचानक कानूनी मामलों में फंस जाना, आमदनी से ज्यादा खर्च होना, पैसों का न टिकना और कर्ज बढ़ना।

वैवाहिक जीवन में समस्याएं – पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े होना, तलाक की नौबत आना और घर में अशांति रहना।

क्रोध और मानसिक तनाव – बिना कारण गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन रहना, हर समय तनाव महसूस करना।

हाथों में शनि के लक्षण – हाथ का रंग काला हो जाना, हाथ की रेखाओं पर कालापन आना, शनि की उंगली का टेढ़ा और सूखा होना।

जीवन में निराशा – सब कुछ होने के बाद भी जीवन शून्य लगना, बिजनेस में अचानक घाटा होना, मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना।

शिक्षा में रुकावट – अच्छा पढ़ने वाला बच्चा अचानक पढ़ाई से मन हटा लेना और पढ़ाई छोड़ देना।

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...