वर्क फ्रॉम होम करने वाले के लिए कुछ सेल्फ केयर टिप्स: Self Care for Women
Self Care for Women

Self Care for Women: कोरोना से पहले वर्क होम का चलन भारत में उतना नहीं था। लेकिन शुक्र है कि कोरोना चला गया पर वो वर्क फ्रॉम होम का ट्रेंड दे गया। यह कॉन्सेप्ट कुछ कंपनीज को इतना भाया है कि वो अभी तक इसी तर्ज पर चल रही हैं। अगर आप भी ऐसी ही एक ह्यूमन रिसोर्स हैं जो घर से काम कर रहे हैं तो ऑफिस के काम को सही रखने के साथ अपनी केयर करना भी आपकी जिम्मेदारी है। हम यहां कुछ सेल्फ केयर टिप दे रहे हैं जो आपको और आपके काम करने के तरीके को बेहतर बनाएंगे।

ऑफिस के काम और घर के बीच बैलेंस

जब आप अपने ऑफिस में होते हैं तो शाम को 5 बजते ही या जो भी आपका काम बंद करने का समय है उसके बाद आप काम करना बंद कर देते हैं। जब आप अपने घर में होते हैं तो आपके लिए समय देखना मुश्किल हो जाता है। महिलाएं खास तौर से ऑफिस और घर के कामों के बीच झूलती रहती हैं। यहां तक कि कुछ लोगों को देर शाम तक काम करने की आदत पड़ जाती है। वहीं कुछ लोग रात के लिए काम बचाकर रख लेते हैं और देर रात तक काम करते रहते हैं। अगर आप एक हेल्दी वर्क लाइफ चाहते हैं तो कुछ बाउंड्रीज आपको सैट करनी होंगी। अपने काम करने के समय को निर्धाीरित करें।

अपना घर साफ़ रखें

अक्सर ऑफिस एकदम साफ-सुथरे और ऑर्गेनाइज्ड होते हैं। जैसे आप अपने ऑफिस में अपनी डेस्क को हमेशा साफ-सुथरा रखते हैं, आपको अपने घर को भी साफ और स्वच्छ रखना चाहिए। जब हमारे आस-पास चीजें साफ-सुथरी और ऑर्गेनाइज्ड होती हैं तो हम ज्यादा प्रोडक्टिव हो पाते हैं। खासतौर से जो आपके काम करने की जगह है उसे एकदम ऑर्गेनाइज्ड रखें। गंदी जगह आपके अटेंशन स्पैम को कम करती है। अपने घर को साफ-सुथरा रखने के बाद खुद भी नहा-धोकर रेडी बैठें। इससे आपको फील गुड होता है। बहुत लोगों को देखा है कि वो बहुत ही कैजुअल लुक में बैठे होते हैं और जब कोई विडियो मीटिंग होती है तो वो भाग-भाग कर खुद को सही कर रहे होते हैं।

छोटी-छोटी भूख का ख्याल

Self Care Tips
Self Care for Women Tips

यह समस्या महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा होती है। वो हर काम निपटा कर ही कुछ खाना पसंद करती हैं। इस स्थिति में यह भी होता है कि अपने टारगेट पूरे करने के चक्कर में दिनभर भूखी रहती हैं। यह गलती न करें। अपने फ्रिज और रसोई में ऐसे स्नैक्स और दूसरे खाने की चीजें जरुर रखें जो टेस्टी और हेल्दी हों। काम करते समय आपको हाइड्रेटेड, एक्टिव रखने के लिए मौसमी फल मेवे, हेल्दी ड्रिंक और पानी पीने का ध्यान रखें।

वर्कआउट

सुबह या शाम को वर्कआउट रूटीन में शामिल होने के लिए कुछ समय निकालने का प्रयास करें। हल्का व्यायाम भी आपको फिट और स्वस्थ रखेगा और आपको काम के लिए मोटिवेट रखेगा। कार्डियो, क्रंचेस, पुशअप्स और स्क्वैट्स जैसी एक्सरसाइज बीस मिनट करें। इससे आप अपने आपको एनर्जेटिक और पॉजिटिव फील करेंगे। अगर आपका स्क्रीन का बहुत ज्यादा काम है तो आंखों की एक्सरसाइज करना न भूलें। आंखों पर हल्के हाथों से दबाव डालें, उन्हें खोलें बंद करें जैसी एक्सरसाइज आंखों को रिलेक्स करती हैं।

कामों की लिस्ट

दिन में 24 घंटे का समय सभी के पास होता है। कुछ लोगों के पास हमेशा शिकायत होती है कि समय तो जैसे भाग रहा है। वहीं कुछ लोग बहुत कुछ करके भी फ्री ही रहते हैं। अगर आपको भी ऐसा लगता है कि आपके पास कम समय है तो अपने कामों की लिस्टिंग करें। अपनी टू डू लिस्ट तैयार करने के बाद उसे पूरा करना का समय भी लिखें। लिस्ट बनाने का काम आपको शुरु में मुश्किल लगेगा लेकिन इसका फायदा यह होगा कि आप भी ऑर्गेनाइज्ड होंगे और आपके काम भी पूरे होंगे। उन कामों पर जरुरी लिखें जिन्हें पूरा करने की इसी समय आवश्यकता है।

नींद का शेड्यूल

हम सभी की मजबूरी है कि हम चाहकर भी सुबह बहुत देर तक नहीं उठ सकते। लेकिन रात को हम अगर बिस्तर पर चले भी जाते हैं तो कुछ न कुछ ऐसा जरूर सोचने लगते हैं, जो हमारी नींद को खराब करते हैं। अपनी नींद को पूरा करने का ध्यान रखें। रात को अगर आपकी नींद पूरी नहीं होती तो आपका पूरा दिन भी आलस से भरा होता है। आपके सोने और जागने का निश्चित समय सेल्फ केयर का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए नींद से समझौता न करें। अगर किसी कारण से आपकी नींद पूरी नहीं हो पाई है तो काम के बीच से कुछ समय निकालें। आधे घंटे की पावर नैप लें। यह आपको फ्रैश और एनर्जिटिक रखने में मददगार साबित होगी।

ऑफिस का काम एक जगह पर

यह सच है कि जब आप घर पर होते हैं तो आपका ऑफिस ही आपका लैपटॉप होता है। बहुत लोगों को देखा है कि घर के ड्राइंग रुम में खाने की मेज या फिर बेड पर बैठे-बैठे ही वो ऑफिस का काम निपटा रहे होते हैं। अपने काम करने की एक जगह बनाएं। अगर आपके पास जगह की कमी है तो कमरे के एक कोने को ही अपना वर्कप्लेस बनाएं। टेबल कुर्सी पर बैठकर काम करें। इससे आपका फोकस और अटेंशन बना रहता है। आप काम के लिए भी ज्यादा कमिटेड हो पाते हैं।