Topper Tips: हम, आप, हर कोई चाहता है कि बच्चा पढ़-लिख कर ऑफिसर बने, उनका नाम रोशन करे। कम से कम स्कूल में तो पढ़ाई में टॉपर जरूर रहे जिससे की आस-पड़ोस में उनकी वाहवाही हो। वो तो अब महेंद्र सिंह धोनी, पी वी सिंधु और कई खिलाड़ियों की वजह से मां-पिताजी खेल में भी आगे बढ़ने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने लगे हैं। नहीं तो पहले तो कहावत ही चलती थी कि-
पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब।
खैर, कितने भी गरीब खिलाड़ी अपने खेल का जौहर दिखाकर अमीर बन जाएं लेकिन अब भी हर अभिभावक की शुरुआती ख्वाहिश यही रहती है कि उनका बच्चा पढ़-लिखकर नवाब ही बने। इसलिए तो दिन में दस बार उन्हें पढ़ने के लिए टोका जाता है। जबकि पढ़ाई में बच्चों को तेज होना केवल बच्चों के ऊपर निर्भर नहीं करता।
यह निर्भर इस पर भी करता है कि आप बच्चों को कैसी डाइट खिलाती हैं। इसलिए उनकी पढ़ाई पर ध्यान देने के साथ-साथ उनकी डाइट का ख्याल रखें। सिम्पल सी बात है, अगर बच्चा अच्छा खाएंगे नहीं तो बच्चे के दिमाग को जरूरी पोषण मिलेगा नहीं जिससे उनके दिमाग स्व्स्थ्य विकास नहीं होगा।
तो आज इस लेख में हम उन सुपरफूड्स के बारे में जानेंगे जिन्हें खाने से आपके बच्चे का दिमाग मजबूत होगा।
बादाम- दिमाग की खुराक

आप रोज सुबह बच्चे को पांच बजे पढ़ने के लिए उठाती होंगी। क्योंकि माना जाता है कि सुबह पढ़ी हुई चीज जिंदगी भर याद रहती है। लेकिन सुबह तो हर बच्चा उठकर पढ़ रहा है। ऐसे में अन्य बच्चों की तुलना में आपका बच्चा एक्स्ट्रा क्या करे टॉपर बनने के लिए। ये एक्स्ट्रा मेहनत आपको करनी है। तो आज से बच्चों के साथ थोड़ी मेहनत आप भी करना शुरू कर दें और रोज रात को 10 से 15 बादाम भिगा दें। फिर जब सुबह उन्हें पढ़ने के लिए उठाएं तो उन्हें खाली पेट ये भीगे बादाम खिला दें। हर इंसान को मालूम है कि दिमाग तेज बनाने के लिए बादाम एक जरूरी ड्राई फ्रूट्स है। इसे ब्रेनफुड भी कहा जाता है, जो हर इंसान को खाने चाहिए। अगर किसी के पास पैसे की कमी है तो वह कम से कम 5 से 7 बादाम ही खिलाए मगर खिलाए जरूर। क्योंकि something is better then nothing…मतलब कि कुछ ना होने से अच्छा है थोड़ा सा कुछ होना।
अगर आप इसे बच्चे को छोटी उम्र से खिलाना शुरू करती हैं तो 10 से 12 साल की उम्र आने तक बच्चे का दिमाग अपने साथी बच्चों के दिमाग की तुलना में ज्यादा तेज होगा। क्योंकि बादाम में विटामिन ई, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम और ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है जो दिमाग को तेज बनाता है।
हिदायत- हमेशा भीगे बादाम ही खिलाएं क्योंकि बादाम गर्म करते हैं। रात को सोते समय बादाम भिगाो कर रख दें और सुबह उनके छिलके उतार कर बच्चों को खिलाएं।
दूध और ओट्स- हेल्दी ब्रेकफास्ट

बेक्रफास्ट में बच्चों को हेल्दी डाइट के नाम पर हर मां अपने बच्चे को गाजर-मटर या पालक जैसी हेल्दी सब्जी के साथ परांठे देती है और टीफिन में भी यही पैक कर देती हैं। आजकल तो मैगी का जमाना है और बच्चों को खुश करने के लिए टीफिन में मैगी भी पैक हो रही है। आप स्मार्ट मॉम हैं और इसलिए इस मैगी और बिस्किट से बिल्कुल दूर रहें। साथ ही परांठे और हरी सब्जी के साथ बच्चों को एक्स्ट्रा हेल्दी दूध और ओट्स खिलाएं। अगर बच्चा दोनों चीज साथ में नहीं खा सकता है तो परांठे उनके टिफिन में पैक कर दें और स्कूल जाने के समय सुबह सात बजे एक कटोरी दूध और ओट्स खिलाएं।
जैसा की हर किसी को मालूम है कि दूध में सारे विटामिन्स होते हैं और ओट्स में काफी प्रोटीन होता है। जब आप अपने बच्चे को ओट्स वाला दूध खिलाती हैं तो उन्हें प्रचूर मात्रा में विटामिन्स, कैल्शियम और प्रोटीन मिल जाता है। यह तीनों चीज दिमाग के विकास के लिए काफी जरूरी है।
दाल, रोटी और चावल

दिन की डाइट बहुत जरूरी होती है इसलिए मार्केट फूड या प्रिजर्व्ड खिलाने की जगह दिन में एक बार संतुलित आहार दें।, दाल-रोटी और चावल खिलाएं। दाल-चावल, बच्चे की हाइट को बढ़ाने के लिए और हड्डियों के विकास के लिए बहुत जरूरी है। दाल में काफी मात्रा में प्रोटीन होती है जो शाम को खेलने के लिए उनके स्टेमिना को मजबूत बनाती है। इसके अलावा दाल में फाइबर भी होते हैं जो बच्चे को कब्ज जैसी दिक्कत नहीं होने देती। वैसे भी स्वस्थ और अच्छे दिमाग के लिए रोज सुबह पेट साफ होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा दाल में आयरन होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह बॉडी की इम्युनिटी भी बढ़ाता है जिससे बॉडी और ब्रेन दोनों स्ट्रॉन्ग बनते हैं।
पालक और पनीर

पालक के घर में आते ही अधिकतर बच्चों के पेट में दर्द देना लगता है और वे खाना स्किप करने के उपाय सोचने लगते हैं। ये हर बच्चों की आदत है। जिसके कारण आप उनके लिए आलू की कोई सब्जी या नूडल्स अलग से बना देती हैं और सोचती हैं कि आप उससे प्यार करती हैं इसलिए ऐसा कर रही हैं। जबकि आप ऐसा करके उसके साथ अनजाने में दुश्मन जैसा व्यवहार कर रही हैं। क्योंकि पालक दिमाग को स्ट्रॉन्ग और तेज बनाता है। इसलिए माना जाता है कि ठंड में थोक के भाव में मिलने वाला पालक अगर रोज बच्चों को खिलाया जाए तो वह मार्च-अप्रैल में होने वाली पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करता है। इसलिए रोज रात पालक-पनीर की सब्जी बनाएं। वैसे भी बच्चों को पनीर बहुत पसंद होता है और पालक-पनीर का कॉम्बिनेशन दिमाग के लिए फायदेमंद होता है। तो रोज बच्चे को एक रोटी के साथ सबसे पहले एक कटोरी पालक की सब्जी खिलाएं। अगर उसको फिर भी भूख लगती है तो फिर उसे और रोटी खाने दें लेकिन एक कटोरी सब्जी जरूर खिलाएं।
पालक में विटामिन ए, बी, सी, फाइबर और कैल्शियम पाया जाता है जो दिमाग के लिए फायदेमंद माना जाता है। पनीर में खनीज, कैल्शियम और फॉस्फोरस काफी मात्रा में पाए जाते हैं जो हडि्डयों को मजबूत बनाने में मददगार साबित होते हैं।
रोज रात को एक गिलास दूध

रोज रात को सोने जाने से आधे घंटे पहले बच्चों को एक गलास दूध जरूर पिलाएं। लेकिन दूध, गाय का ही हो। आजकर गाय का दूध पानी मिला हुआ ही आता है लेकिन वह ही कम से कम उसे जरूर पिलाएं। क्योंकि गाय का पानी मिला हुआ दूध पैकेट वाले दूध से ज्यादा हेल्दी माना जाता है। पैकेट वाले दूध में उतनी मात्रा में पोषक-तत्व नहीं होते जो गाय के दूध में होते हैं।
आज से ही ये ब्रेन डाइट बच्चों को खिलाना शुरू करें और बच्चे को जीनियस बनाएं।
