नपसंद पर पसंद का टैग
‘‘पहले वो खाओ, जो मैं कहती हूॅं, फिर वो मिलेगा, जो तुम चाहते हो”
जहाॅं बच्चे का मनपसंद भोजन दबाव का काम करता है मतलब पहले बच्चा पौष्टिक भोजन करेगा, फिर उसे उसका। मनपसंद खाद्य पदार्थ दिया जाएगा। यहाॅं जैम के लिए शर्त रख सकते हैं कि बच्चों को पहले पौष्टिक भोजन खाना होगा।
बच्चे के लिए प्रतिदिन आवश्यक पोषक मात्रा की गणना
इसी के आधार पर तय होगा कि पोषण के लिए कौन सा आहार दिया जाना है जैसे प्रोटीन की कमी वाले एक एनीमिक बच्चे के लिए चाहिए।
2 कटोरी दाल
2 कटोरी सब्जियाॅं
2 फल
2 प्रोटीन पूरक आहार
यह आहार लेने के बाद बच्चा मनचाहा भोजन ले सकता है।
आदर्श रूप से शर्त यह हो, ‘‘तुम आज के लिए तय आहार ले कर, कल कुछ भी खा सकते हो। ऐसी शर्त उस बच्चे के साथ लगाएॅं जो इस सिस्टम में घुल-मिल गया ही वरना वह एक दिन छोड़कर ही खाना खाएगा।
प्रभावी दबाब- आप अपने बच्चे को रिइनफोरसर जानने के लिए ध्यान दें कि चुनाव की सुविधा मिलने पर बच्चा क्या चाहता है आमतौर पर यह वही खाद्य पदार्थ होगा, जिस खाने की पाबंदी है आपकी बार-बार की ‘न’ किसी खाद्य पदार्थ को झटपट ‘मोस्ट वांटेड’ बना देती है। वैसे कुछ घरेलू व्यंजन भी दिए जा सकते हैं जैसे कुछ बच्चों को राजमा-चावल या कढ़ी चावल बड़े अच्छे लगते हैं, ‘‘अपने लंच की हरी सब्जी खत्म करो, डबल राजमा मिलेगें, या मीठा पसंद हो तो घर में बेसन से बना लड्डू दें।
सावधानी
कभी भी यह छूट न दें कि वह अपना मनपसंद आहार लेने के बाद आपका पौष्टिक पदार्थ ले सकता है। फिर तो यही सुनने को मिलेगा,” डैड मेरा पेट फटने को आ रहा है” पेट दुख रहा है या उल्टी आने को हो रही है।”
याद रखें काम पर पुरूस्कार दें काम के वादे पर पुरूस्कार न दें। फिर बच्चे को उचित खानपान के लिए प्रोत्साहित करें। बहुत सी तारीफ करें। जल्दी ही आपको स्वस्थ खानपान के लिए किसी भी दूसरे माध्यम या साधन की जरूरत नहीं रहेगी। बच्चा खुद ही सब कुछ शौक से खाएगा।
