आज की भागती-दौड़ती जीवनशैली का ध्यान रखते हुए समय प्रबंधन में दक्षता हासिल करना आज हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चों और किशोरों को भी समय के प्रभावी प्रबंधन में दक्ष होना चाहिए, जिससे वे पढ़ाई-लिखाई को समय देने के साथ ही ऐसी अच्छी आदतें भी विकसित कर सकें, जिससे भविष्य में उन्हें फायदा हो। बच्चों को समय प्रबध्ंान का कौशल सिखाते समय अभिभावकों को निम्नलिखित बिंदुओं को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए-
 
कई काम के लिए प्रोत्साहित न करें
यह एक भ्रांति है कि एक ही समय पर कई काम करने से समय की बचत होती है। बल्कि उनकी यह क्षमता विकास के प्रतिकूल है, क्योंकि ऐसा करते समय वे विभिन्न कार्यों की अदला-बदली करते हैं, जिससे गलतियां होने का जोखिम बढ़ जाता है और परिणामस्वरूप छात्रों का ज्यादातर समय गलतियां सुधारने में व्यर्थ होता है और उनकी दक्षता घटाता है। जैसा चाहते हैं, वैसा प्रदर्शन करें बच्चे देखकर सीखते हैं और इसलिए अभिभावकों के तौर पर हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि हम उनके सामने वैसा ही व्यवहार करें, जैसा हम उनके व्यक्तित्व में शामिल करना चाहते हैं। हमें आखिरी समय में ही काम करने से बचना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि हम भी प्रभावी समय प्रबंधन तकनीक अपनाएं, जिससे बच्चे भी देखकर सीख सकें।
 
रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करें
रिवार्ड सिस्टम को इस तरह लागू करें, जिससे बच्चे अपने समय का बेहतर प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित हों और जरूरी नहीं है कि ये रिवाड्र्स वस्तु ही हों, ये उन्हें खेलने के लिए अधिक समय देना भी हो सकता है। लेकिन उन्हें ये इनाम नियमित तौर पर दिए जाने चाहिए, जिससे वे समय प्रबंधन को उचित ढंग से क्रियान्वित कर सकें।
 
स्व-अनुशासन को प्रोत्साहित करें
अपने बच्चे को समय प्रबंधन सिखाने का मतलब यह नहीं है कि आप स्वयं यह तय करने लगें कि उन्हें कब क्या करना चाहिए। इसके उलट यह बेहद जरूरी है कि आप अपने बच्चे को प्रभावी और स्वतंत्र ढंग से यह कौशल हासिल करने में सक्षम बनाएं।
 
अपेक्षाओं में व्यावहारिक रहें
बनाई गई समय सारणी अक्सर इतनी ज्यादा महत्वाकांक्षी व अव्यावहारिक होती है कि उसके अनुसार चलना मुमकिन नहीं हो पाता। इसलिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आप अपने बच्चे को लक्ष्य निर्धारित करते समय व्यावहारिक होना सिखाएं और अभिभावक के तौर पर आप भी अपने बच्चे से व्यावहारिक अपेक्षाएं रखें!