New CEO of Twitter

पराग अग्रवाल, यह नाम तो आपने जरूर सुना होगा! सोमवार को जैक डोर्सी के इस्तीफा के बाद पराग अग्रवाल टि्वटर के सीईओ घोषित हुए। ऐसा नहीं है कि यह नाम अचानक ही सामने आ गया बल्कि इसके पीछे कई महीनों की कोशिश शामिल है। इस तरह की बातें चल रही थी कि ट्विटर बोर्ड जैक डोर्सी को किसी और के साथ रिप्लेस करने की कोशिश में लगा हुआ है। अंततः उनकी खोज पराग अग्रवाल पर जाकर खत्म हुई। अब तक पराग अग्रवाल ट्विटर के सीटीओ थे, जो अब New CEO of Twitter बन चुके हैं। आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे की पराग अग्रवाल कौन हैं।

कौन हैं पराग अग्रवाल?

गूगल के सुंदर पिचाई की तरह पराग भी आईआईटी से ही हैं। 37 की उम्र के पराग कुछ सालों से ट्विटर में ही काम कर रहे हैं और जैक डोर्सी द्वारा बहुत पसंद भी किए जाते हैं। शायद यह भी एक वजह रही कि वह ट्विटर के टॉप पोस्ट तक पहुंचे। अपने प्रेस नोट में ट्विटर ने कंपनी के अंदर पर परगा के करियर को लेकर कुछ डिटेल भी दिए हैं। ट्विटर ने लिखा है- “ पराग अग्रवाल ने 2011 ट्विटर को ज्वाइन किया था और अक्टूबर 2017 तक वह कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर थे। एक सीटीओ के तौर पर वह कंपनी की टेक्निकल स्ट्रेटेजी के लिए जिम्मेदार थे। सीटीओ के तौर पर काम करने से पहले पराग ट्विटर के पहले डिस्टिंग्विश्ड इंजीनियर रह चुके हैं।” इसके साथ ही ट्विटर ने पराग की पढ़ाई के बारे में अधिक जानकारी दी है। 

कहां से पढ़ाई की है पराग अग्रवाल ने?

पराग के पास स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में पीएचडी और आईआईटी, बॉम्बे से कम्प्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में बैचलर्स डिग्री है। एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल से स्कूलिंग कर चुके पराग की मां रिटायर्ड स्कूल टीचर और पिता एटॉमिक एनर्जी सेक्टर में वरिष्ठ पद पर रह चुके हैं। ट्विटर जॉइन करने से पहले वह माइक्रोसॉफ्ट, एटीएण्डटी और याहू में काम कर चुके हैं। इन सभी तीन कंपनियों में उनका काम रिसर्च आधारित ही रहा है। शुरुआत में उन्होंने टि्वटर में विज्ञापन संबंधित प्रोडक्ट्स पर काम किया है लेकिन धीरे-धीरे वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में व्यस्त होते गए। 2017 में उन्हें ट्विटर के सीटीओ की भूमिका मिली। 

पहले सीईओ रह चुके जैक डोर्सी की पहली पसंद 

पराग से पहले टि्वटर के सीईओ रह चुके जैक डोर्सी भी पराग अग्रवाल को बहुत पसंद करते हैं। सोमवार को ट्विटर के सभी कर्मचारियों को भेजे गए अपने ईमेल में डोर्सी ने लिखा, “बोर्ड ने सारे विकल्पों को ध्यान में रखते हुए पराग को इस पद के लिए चुना है। मेरी नजर में वह कुछ दिनों से था। वह कंपनी और इसकी जरूरतों को बहुत अच्छे तरीके से समझता है। इस कंपनी के हर मुश्किल निर्णय को लेने के पीछे पर पराग की अहम भूमिका रही है। वह अपने दिल और आत्मा से काम करता है। वह एक ऐसा व्यक्ति है, जिससे मैंने रोजाना कुछ ना कुछ सीखा है।” 

फेमस नहीं हैं पराग अग्रवाल 

ट्विटर में पराग कुछ सालों से लीडरशिप पोजिशन में रह चुके हैं लेकिन सुंदर पिचाई या सत्य नाडेला की तरह लोग उन्हें नहीं पहचानते हैं। यही वजह है कि पराग ने ट्विटर के कर्मचारियों को अपने द्वारा भेजे गए ईमेल में इस बारे में लिखा है। उन्होंने लिखा, “मैं जानता हूं कि आपमें से कुछ लोग मुझे अच्छी तरह से जानते हैं, कुछ कम जानते हैं और कुछ बिल्कुल भी नहीं जानते हैं। मैं जानता हूं कि आपके पास बहुत सारे सवाल होंगे और हमारे पास बात करने के लिए बहुत कुछ है। आने वाली मीटिंग में हमारे पास सवाल, जवाब और बातचीत के लिए बहुत सारा समय होगा।” 

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