Overview: बेटी को गुड और बैड टच में ऐसे सिखाएं अंतर
How to teach kids about good and bad touch: आजकल के बढ़ते आपराधिक मामलों और दुनिया में बढ़ती दरिंदगी को देखते हुए हर मां-बाप को अपने बच्चों को गुड और बैड टच के बीच का अंतर जरूर सिखाना चाहिए।
How to teach kids about good and bad touch: आजकल के बढ़ते आपराधिक मामलों और दुनिया में बढ़ती दरिंदगी को देखते हुए हर मां-बाप को अपने बच्चों को गुड और बैड टच के बीच का अंतर जरूर सिखाना चाहिए। दिन पर दिन लड़कियों और बच्चों के साथ होने वाली दरिंदगी में अजाफा होता जा रहा है। एक बच्चा पूरे दिन स्कूल में मां-बाप के बिना रहता है। इसके बाद भी बच्चे ट्यूशन, पार्क, बाजार और न जाने कहां-कहां जाते हैं। हर जगह मां-बाप बच्चों के साथ नहीं रह सकते। ऐसे में हर पेरेंट को ये चिंता रहती है कि उसका बच्चा सुरक्षित रहेगा।
ऐसे में हर बच्चे को गुड और बैड टच के बीच का फर्क समझ में आना चाहिए। आप एक माता-पिता होने के नाते अपने बच्चे को कई तरह के गलत और सही टच के बीच का फर्क बता सकते हैं। आइए जानें बच्चे को गुड और बैड टच के बारे में कैसे सिखाएं?
शरीर के अंगों की जानकारी दें
बहुत कम उम्र से ही माता-पिता को बच्चों के उनके हर शरीर के अंग के बारे में जानकारी देनी चाहिए। उन्हें शरीर के अन्य अंगों और प्राइवेट पार्ट्स के बीच के फर्क भी बताएं। उन्हें बताएं यदि कोई प्राइवेट पार्ट्स को छूने की कोशिश करे, तो ये बैड टच होता है। इसका उन्हें विरोध करना चाहिए और सीधे अपने माता-पिता को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
गलत व्यवहार के बारे में बताएं

खेल-खेल में आप बच्चे को जानकारी दे सकते हैं कि अगर कोई उन्हें गलत तरीके से छूने, गोद में उठाने या चूमने की कोशिश करे, तो उसके पास से उन्हें तुरंत भाग जाना चाहिए। अगर स्कूल में ऐसा कुछ होता है, तो उन्हें टीचर को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
न कहना सिखाएं
बच्चे बहुत ही सरल होते हैं। अगर कोई उन्हें बहलाकर खेलने कहेगा, तो वे बातों में आ सकते हैं। ऐसे में माता-पिता को उन्हें ना बोलना सिखाना चाहिए। अगर कोई उन्हें खाने, खेलने या कहीं ले जाने कहे तो उन्हें ऐसी कंडीशन में ना बोलने की आदत सिखाएं। साथ ही अनजानों से दूर रहना सिखाएं।
साथ में टाइम स्पेंड करें

कई बार पेरेंट्स इतने बिजी होते हैं कि बच्चे उनके साथ समय ही नहीं बिता पाते। ऐसे में कई बार बच्चे अपने साथ हो रही समस्याओं पर किसी से बात नहीं कर पाते। इस कंडीशन में जरूरी है कि हर मां-बाप बच्चे को वक्त दें। इसके साथ ही उनसे उनके पूरे दिन की घटनाओं पर बात करें।
बच्चे के बर्ताव पर ध्यान दें
अगर आपके बच्चे को गुड और बैड टच के बारे में नहीं पता, तो ऐसे में आप उसके बर्ताव पर ध्यान दे। अगर अचानक आपका बच्चा अकेला और बहुत चुप रहने लगा है, तो उससे बात करें। उससे प्यार से हर बात पूछें।
कहानियों के सहारे दें सीख

बच्चे से सीधे कई बार माता-पिता गुड और बैड टच के बारे में बात करने से कतराते हैं। ऐसे में आप उन्हें किसी भी तरह की कहानी के जरिए गुड और बैड टच के बीच का फर्क समझा सकते हैं। इससे बच्चे की समझ और जानकारी बढे़गी। साथ ही आपका बच्चा चाहे वो लड़का हो या लड़की दुनिया की बुरी नजर से सेफ रहेंगे।
