Summary: गर्मी का मौसम पौधों के लिए भी चुनौती भरा होता है।
नमी और छांव पसंद करने वाले पौधों के लिए तेज़ धूप और हीटवेव बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं। पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, किनारे से सूख जाती हैं और कभी-कभी पूरा पौधा मुरझा जाता है।
Protect Banana Plant: गर्मी का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पौधों के लिए भी चुनौती भरा होता है। खासतौर पर केले जैसे नमी और छांव पसंद करने वाले पौधों के लिए तेज़ धूप और हीटवेव बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं। पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, किनारे से सूख जाती हैं और कभी-कभी पूरा पौधा मुरझा जाता है। अगर आप अपने केले के पौधे को इस झुलसा देने वाली धूप से बचाना चाहते हैं तो कुछ आसान उपायों को अपनाकर उसे फिर से हरा-भरा बना सकते हैं।
1. छायादार जाल लगाएं

केले का पौधा तेज़ धूप में सीधे रहने पर अपनी नमी खो देता है और उसकी पत्तियां झुलस जाती हैं। इसलिए इसके ऊपर शेड नेट लगाना बहुत जरूरी होता है। शेड नेट एक ऐसा जाल होता है जो सूरज की गर्मी की तीव्रता को लगभग आधा या उससे अधिक कम कर देता है। आप इसे बाजार से आसानी से खरीद सकते हैं। इसे पौधे के ऊपर टेंट की तरह फैला दें ताकि पौधा छांव में रहे और सूरज की सीधी किरणें पौधे को न पहुंचें।
2. सुबह-सुबह पानी दें
गर्मी के मौसम में पौधों को पानी देना बहुत ज़रूरी होता है लेकिन समय सही होना बेहद आवश्यक है। केले के पौधे को सुबह के समय जब सूरज हल्का रहता है तब पानी देना चाहिए। सुबह पानी देने से मिट्टी में नमी अच्छी तरह से समा जाती है और दिन भर पौधे को ठंडक मिलती है। दूसरी तरफ शाम को पानी देने से मिट्टी में नमी बनी रहती है और ठंड के कारण जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
3. मिट्टी को ढकें

मल्चिंग का मतलब है मिट्टी की सतह को सूखे पत्ते, भूसा, या नारियल की छाल से ढक देना। इससे मिट्टी में पानी लंबे समय तक रहता है जिससे पौधे की जड़ों को नमी मिलती रहती है। साथ ही मल्चिंग से मिट्टी का तापमान भी नियंत्रित रहता है जो गर्मी में बहुत फायदेमंद होता है। इससे मिट्टी सूखती नहीं है, हवा और कीट भी कम आते हैं। यह प्रक्रिया आपकी मेहनत को भी बचाती है क्योंकि बार-बार पानी देने की ज़रूरत कम पड़ती है।
4. हल्का पानी छिड़कें
जब सूरज तेज़ होता है तो केले के पौधे की पत्तियां गर्म होकर जल्दी सूखने लगती हैं। ऐसी स्थिति में पत्तियों पर हल्का पानी छिड़कने से उनकी सतह ठंडी होती है और वे जलने से बचती हैं। यह तरीका पौधे को तुरंत राहत देता है और उसकी ताज़गी बढ़ाता है। ध्यान रखें कि छिड़काव सुबह जल्दी करें ताकि पानी जल्दी सूख जाए अन्यथा देर तक पानी जमा रहने से पत्तियों पर फफूंदी या बीमारी हो सकती है।
5. जैविक पोषक तत्व दें

गर्मी के मौसम में केले के पौधे की जड़ें कमजोर पड़ जाती हैं, इसलिए रासायनिक खाद का उपयोग कम से कम करना चाहिए। इसके बजाय गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या छाछ जैसे जैविक पोषक तत्व देना बेहतर रहता है। ये खाद पौधे को धीरे-धीरे पोषण देते हैं, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारते हैं और पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। महीने में एक बार ही कम मात्रा में जैविक खाद देना पर्याप्त होता है ताकि पौधे की जड़ें जलें नहीं और पौधा स्वस्थ रहे।
