A vibrant, colorful graphic collage illustrating teenage social media use. In the center, large 3D cubes featuring logos for Facebook, LinkedIn, Snapchat, Instagram, Tumblr, and the X (formerly Twitter) logo float against a bright blue background.
A vibrant, colorful graphic collage illustrating teenage social media use. In the center, large 3D cubes featuring logos for Facebook, LinkedIn, Snapchat, Instagram, Tumblr, and the X (formerly Twitter) logo float against a bright blue background.

Summary: बच्चों के लिए नया नियम! कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र वालों पर सोशल मीडिया बैन

आज के समय में सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बड़े लोगों के साथ-साथ अब बच्चे भी काफी समय मोबाइल और सोशल मीडिया पर बिताने लगे हैं। इसका असर उनकी पढ़ाई, व्यवहार और सेहत पर पड़ रहा है।

Social Media Ban: सोशल मीडिया का क्रेज अब सिर्फ बड़ों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि कम उम्र के बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है। आजकल बच्चे कम उम्र में ही मोबाइल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा समय तक सोशल मीडिया पर रहने से बच्चों की एकाग्रता कम हो सकती है और उनकी सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी चिंता को देखते हुए देश के एक राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। अब सवाल यह है कि आखिर यह राज्य कौन सा है, वहां की सरकार ने ऐसा फैसला क्यों लिया और इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने क्या कहा। आइए जानते हैं इस फैसले से जुड़ी पूरी जानकारी।

जिस राज्य में यह सोशल मीडिया बैन लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है, वह कर्नाटक है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह घोषणा उन्होंने अपना 17वां बजट पेश करते समय की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में बढ़ते मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल के कारण उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे असर को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई गई है।

सीएम ने कहा कि हाल के समय में किशोरों में बढ़ते स्क्रीन टाइम, पढ़ाई से ध्यान भटकने, व्यवहार में बदलाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को देखते हुए यह प्रस्ताव लाया गया है। सरकार का मानना है कि स्मार्टफोन की आसान और बिना किसी नियंत्रण वाली पहुंच के कारण बच्चों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। इसके चलते कई बच्चे हानिकारक कंटेंट के संपर्क में आ रहे हैं और कुछ मामलों में सोशल मीडिया की लत भी लग रही है, जो उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

इस फैसले के साथ कर्नाटक बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की घोषणा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्य सरकार ने इस बार 4,48,004 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें तकनीक के जरिए विकास को बढ़ावा देने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और पर्यावरणीय स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया गया है।

A conceptual image representing the restriction of social media for youth. The background shows a group of teenagers sitting together and looking at their phones
Social Media Ban

ऑनलाइन लत और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ रही है। इसी वजह से आंध्र प्रदेश और गोवा सरकार बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्ती करने की तैयारी कर रही हैं। राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों का भरोसा घट रहा है और बच्चे इसका जरूरत से ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। इसलिए सरकार इस मुद्दे पर कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रही है।

दुनिया के कई देशों में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर पहले से ही सख्त नियम बनाए गए हैं। ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की अनुमति नहीं होती। वहीं कुछ देशों में बच्चों के डाटा की सुरक्षा और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग कानून भी लागू किए गए हैं। ऐसे में कर्नाटक का यह प्रस्ताव भी बच्चों की सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...