केस 1:
मुंबई की नीतू शर्मा को एक कॉल आया। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टम ऑफिसर बताया। उसने कहा कि उनके नाम से एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल पकड़ा गया है, जिसमें प्रतिबंधित सामान मिला है। नीतू ने हैरानी से पूछा कि यह कैसे हो सकता है? कॉलर ने कहा कि अगर वह तुरंत 50,000 रुपये कस्टम ड्यूटी के रूप में जमा करवा दें, तो मामला रफा-दफा किया जा सकता है। घबराई नीतू ने बिना जांच किए पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्होंने कस्टम ऑफिस में संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है। यही नहीं कईयों को तो डिजिटल अरेस्ट कर और भी पैसा वसूल लिया जाता है।
केस 2
दिल्ली में रहने वाले अर्जुन वर्मा को एक टेक्स्ट मैसेज मिला जिसमें लिखा था कि उनका कैश-ऑन-डिलीवरी पार्सल तैयार है। पार्सल की कीमत 4,500 रुपये थी। अर्जुन को यह समझ नहीं आया कि उन्होंने यह ऑर्डर कब दिया। फिर भी, यह सोचकर कि हो सकता है परिवार के किसी सदस्य ने मंगवाया हो, उन्होंने पार्सल ले लिया। जब उन्होंने पैकेट खोला, तो उसमें सिर्फ कागज़ के टुकड़े निकले।
केस 3
जयपुर की रितिका को एक अनजान नंबर से कॉल आया। सामने वाले ने कहा कि उन्होंने एक बड़ी इंटरनेशनल लॉटरी जीती है। गिफ्ट को क्लेम करने के लिए 10,000 रुपये डिलीवरी चार्ज भेजने की शर्त रखी गई। लालच में आकर रितिका ने तुरंत पैसे ट्रांसफर कर दिए। गिफ्ट तो नहीं आया, लेकिन उनका बैंक बैलेंस जरूर कम हो गया।
क्या है पार्सल स्कैम?

पार्सल स्कैम एक प्रकार की धोखाधड़ी है, जिसमें स्कैमर्स पार्सल डिलीवरी, कस्टम ड्यूटी, या गिफ्ट के नाम पर लोगों को फंसाते हैं। इसमें लोगों को या तो डराकर (जैसे गैर-कानूनी सामग्री के झूठे आरोप) या लालच देकर (जैसे महंगे गिफ्ट का प्रलोभन) उनसे पैसे या निजी जानकारी ली जाती है। कुछ मामलों में डिजिटल अरेस्ट कर बड़ी रकम वसूल ली जाती है।
कैसे किया जाता है पार्सल स्कैम?
फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए डराना
स्कैमर्स खुद को कस्टम अधिकारी, डिलीवरी एजेंट, या पुलिस अधिकारी बताकर कहते हैं कि आपके नाम से कोई पार्सल पकड़ा गया है। वे आपको डराते हैं कि पार्सल में गैर-कानूनी सामान है और इसके लिए आपको भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।
लालच देकर फंसाना
गिफ्ट या लॉटरी जीतने का झांसा देकर स्कैमर्स आपसे पैसे मांगते हैं। ये कहते हैं कि आपको गिफ्ट डिलीवरी चार्ज या टैक्स भरना होगा।
कैश ऑन डिलीवरी पार्सल
आपको नकली पार्सल भेजा जाता है, जिसमें मामूली या बेकार चीजें होती हैं। जब आप पार्सल लेने के लिए पैसे देते हैं, तब तक स्कैमर्स गायब हो चुके होते हैं।
बैंक और व्यक्तिगत जानकारी चुराना
अनजान लिंक या मैसेज के जरिए स्कैमर्स आपकी बैंक डिटेल्स, ओटीपी, या पिन मांग सकते हैं।
पार्सल स्कैम से बचने के उपाय
कोई भी कॉल/मैसेज पर तुरंत विश्वास न करें
अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को सावधानी से सुनें। किसी भी कॉलर की पहचान को क्रॉस-चेक करें।
ऑर्डर की पुष्टि करें
यदि कोई पार्सल आता है, तो पहले जांचें कि आपने ऐसा कोई ऑर्डर दिया है या नहीं। यदि शंका हो, तो तुरंत संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करें।
अनजान लिंक या ईमेल से सावधान रहें
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी से बैंक डिटेल्स साझा न करें। फर्जी ईमेल के जरिए आने वाले गिफ्ट ऑफर्स को नज़रअंदाज़ करें।
गिफ्ट या लॉटरी से जुड़ी जानकारी को सावधानी से जांचें
यदि कोई गिफ्ट या लॉटरी का दावा करता है, तो इसे ठोस प्रमाण के बिना न मानें।
डिजिटल पेमेंट में सतर्कता बरतें
अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। अगर आप स्कैम के शिकार हो जाएं तो क्या करें?
तुरंत साइबर क्राइम सेल को रिपोर्ट करें
भारत में साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। नज़दीकी पुलिस स्टेशन में जाकर एफआईआर दर्ज कराएं।
अपने बैंक को सूचित करें
अगर आपने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। ट्रांजैक्शन रोकने का अनुरोध करें।
सबूत जमा करें
स्कैम से जुड़े सभी कॉल्स, मैसेज, और ट्रांजैक्शन की रसीदें संभालकर रखें।
डिजिटल सुरक्षा बढ़ाएं
अपने सभी पासवर्ड बदलें और बैंक से जुड़े नोटिफिकेशन चालू रखें।
सामाजिक जागरूकता फैलाएं
अपने अनुभव दूसरों के साथ साझा करें ताकि वे सतर्क रह सकें।
पार्सल स्कैम आज के डिजिटल युग में बढ़ते हुए साइबर अपराधों का हिस्सा है। इस धोखाधड़ी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है सतर्कता और जागरूकता। याद रखें, किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, या ईमेल पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करना बेहद जरूरी है।
