अच्छी जॉब है, पढ़ाई भी पूरी कर ली है और अब बारी है शादी करके घर बसाने की क्योंकि उम्र भी हो चली है अब। लेकिन सब कुछ ठीक होने के बाद भी शादी में कोई न कोई रुकावट आ रही है। कई बार तो बात बनते-बनते बिगड़ जाती है। अगर ऐसा ही है तो 7 मई को आने वाले अक्षय तृतीया पर आप ग्रहों को शांत करें क्योंकि शादी में देरी का सबसे बड़ा कारण ग्रह होता है। जानिए शादी में होने वाली देरी के लिए जिम्मेदार ग्रह और रुकावट के लिए आसान उपाय-

ये कारण हैं
1. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मंगल, शनि और गुरु ग्रह शादी में देरी का कारण होते हैं। व्यक्ति की जन्म कुंडली में सातवां स्थान जीवनसाथी का होता है और अगर इस जगह पर गुरु है तो उस व्यक्ति का विवाह 30 वर्ष की उम्र के बाद होता है। अगर व्यक्ति का विवाह इससे पहले होता है तो वह शादी ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल पाती।
2. जन्म कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, दसवें और बारहवें स्थान पर मंगल होने पर कुंडली मांगलिक होती है। ऐसे व्यक्तियों की शादी भी 30 वर्ष की उम्र के बाद ही होती है। विवाह के समय ध्यान रखें कि इनका विवाह भी मांगलिक से ही हो।
3. शनि की वजह से भी शादी में देरी होती है। पहले, चौथे, सातवें, दसवें और बारहवें भाव में शनि के होने के कारण कुंडली शनि ग्रस्त मानी जाती है। ऐसे व्यक्तियों के विवाह में 35 की उम्र तक अड़चनें आती हैं।

ये करें उपाय
1. अक्षय तृतीया वाले दिन हाथों में नारियल लेकर अपना नाम गौत्र बोलकर पीपल की सात परिक्रमा करके वहां पर नारियल रख दें। इससे विवाह में आ रही सभी रुकावटें दूर हो जाएंगी।
2. इस दिन शिवालय में मिट्टी की मटकी का दान करें और शिव- पार्वती का रुद्राभिषेक करें।
3. अक्षय तृतीया के दिन मंगल, शनि, गुरु का दान, पूजन और अभिषेक करना ना भूलें।
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