Summary: स्कूल में मज़ाक बनता है आपका बच्चा? पैरेंट्स अपनाएं ये स्मार्ट तरीके
कई बार बच्चे के रंग रूप को लेकर उसका आत्मविश्वास कम हो जाता है, खासतौर पर अगर बच्चे का रंग दबा हुआ है या उसका कद सामान्य से कम है या फिर अगर उसकी आवाज़ या बोलने में किसी तरह की परेशानी है यानी हकलाने या अटकने की दिक्कत है तो इस वजह से कई बार स्कूल या दूसरी जगह बच्चे उन्हें चिढ़ाते हैं। धीरे धीरे ये बातें बच्चे के मन में घर करती जाती हैं और इस वजह से उनका कॉन्फिडेंस लेवल कम हो सकता है। कई बार वो इसी वजह से दूसरों से मिलने-जुलने में हिचकने लगते हैं ऐसे में पैरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वो बच्चे को लगातार प्रोत्साहित करते रहें और उनके आत्मविश्वास को कम ना होने दें।
How to build Child Confidence: सभी पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा आत्मविश्वास से भरपूर हो और हमेशा हंसता खेलता रहे इसलिए वो उसके लिए सब कुछ करना चाहते हैं। लेकिन, कई बार बच्चे के रंग रूप को लेकर उसका आत्मविश्वास कम हो जाता है, खासतौर पर अगर बच्चे का रंग दबा हुआ है या उसका कद सामान्य से कम है या फिर अगर उसकी आवाज़ या बोलने में किसी तरह की परेशानी है यानी हकलाने या अटकने की दिक्कत है तो इस वजह से कई बार स्कूल या दूसरी जगह बच्चे उन्हें चिढ़ाते हैं। धीरे धीरे ये बातें बच्चे के मन में घर करती जाती हैं और इस वजह से उनका कॉन्फिडेंस लेवल कम हो सकता है। कई बार वो इसी वजह से दूसरों से मिलने-जुलने में हिचकने लगते हैं ऐसे में पैरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वो बच्चे को लगातार प्रोत्साहित करते रहें और उनके आत्मविश्वास को कम ना होने दें। अगर आपका बच्चा भी इस तरह की समस्या का सामना कर रहा है और आप इस बजह से परेशान हैं तो आप ये तरीके अपना सकते हैं-
सकारात्मक सोच
हमेशा बच्चे के मन में सकारत्मक विचार भरने का प्रयास करें। उसको प्रेरित करने वाली सकारात्मक कहानियां सुनाएं और उसके साथ ऐसी ही अच्छी मूवीज देखें। ऐसे व्यक्तियों के बारे में बताएं जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर सफलता का ऐसा परचम लहराया है कि लोगों के लिए उनका रूप रंग कोई मायने ही नहीं रखता है।
बच्चे की खूबियां पहचानें
रंग रूप बदलना तो किसी के हाथ में नहीं है लेकिन आप बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उसके गुणों पर काम करें। हर बच्चा अपने आप में ख़ास होता है। सभी में कोई ना कोई गुण होता ही है। आपको आपको अपने बच्चे की खूबियां पहचाननी हैं। हमेशा बच्चे को इस बारे में याद दिलाते रहिये कि उसकी ये खूबी ही उसको लोगों से बहुत आगे ले जाएगी।

प्रोत्साहित करें
बच्चे की छोटे से छोटी गतिविधियों में उसके साथी बनें। इससे न सिर्फ आप बच्चे को बेहतर समझेंगे, बल्कि उसके नजरिए से बातों को देखने लगेंगे। बच्चे के मेहनत हमेशा सराहना करें। वास्तविक परिणाम कुछ भी हो कोशिश की तारीफ होनी चाहिए ताकि बच्चा महसूस करे कि उसके काम की तारीफ हो रही है।अगर वो कोई अच्छा काम करें तो उनकी प्रशंसा करें और उन्हें रिवॉर्ड दें इससे बच्चे के साथ आपका संबंध गहरा होगा और बच्चा अधिक सुरक्षित और आश्वस्त महसूस करेगा।
ज्यादा से ज्यादा समय साथ बिताएं
बच्चों में यदि आपको आत्मविश्वास की कमी नजर आ रही है, तो उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। उनकी बातों को जानने और समझने की कोशिश करें। उनकी किसी भी बात को हास्यपद तरीके से न लें। जिस समय वे खाली बैठे हैं, उस समय उनसे प्रेरक बातें करें। उनकी अहमियत समझाएं। ध्यान दें कि किन लोगों के साथ बच्चा असुरक्षित महसूस कर रहा है क्योंकि यही चीजें बच्चे में आत्मविश्वास को घटाती और बढ़ाती हैं। असुरक्षित माहौल में कभी भी बच्चा आत्मविश्वास से लबरेज रह ही नहीं पाएगा।

रूचि का काम करने दें
बच्चे को बेकार की बातों से दूर रखने के लिए सबसे बढ़िया तरीका है उन्हें उनकी रूचि का काम करने दें। जिस काम में रूचि है वो काम करेंगे तो उनके अंदर आत्मविश्वास का संचार होगा। उन्हें अपने शौक जैसे पेंटिंग, गाना सुनना या कोई खेल में\ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने दें।
आप भी अपने बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए हमारे बताए ये तरीके अपनाकर देखिए।
