20+ अरुणाचल प्रदेश के ये हैं घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल
Famous Places in Arunachal Pradesh

20+ अरुणाचल प्रदेश के ये हैं घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल

Famous Places in Arunachal Pradesh : अरुणाचल प्रदेश काफी खूबसूरत जगह है, जहां घूमना आपके मन को शांति दे सकता है। आइए जानते हैं यहां के कुछ खूबसूरत जगहों के बारे में-

Arunachal Pradesh Mein Ghumne ki Best Jagah : अरुणाचल प्रदेश भारत के उत्तर-पूर्व कोने में स्थित है और इसकी सीमा चीन, म्यांमार और भूटान से लगती है। यह अपने अविश्वसनीय बौद्ध मठों, विभिन्न पवित्र स्थानों, आश्चर्यजनक झीलों, खूबसूरत गांवों, हरी-भरी घाटियों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करना कोई मुश्किल काम नहीं है, क्योंकि यहां परिवहन के साधन मिलना काफी कठिन होता है। अगर आप यहां जाने का प्लान कर रहे हैं, तो इसके बारे में पूरी जानकारी जरूर लें। आइए जानते हैं अरुणाचल प्रदेश में घूमने के लिए 20+ दर्शनीय स्थल कौन से हैं?

जगह किलोमीटर (शहर से दूरी)
तवांग (Tawang)438 किलोमीटर
जीरो (Ziro)103 किलोमीटर
नामदफा नेशनल पार्क (Namdapha National Park)403 किलोमीटर
सेला पास (Sela Pass)371 किलोमीटर
रोइंग (Roing)327 किलोमीटर
ईटानगर (Itanagar)1 किलोमीटर
बोमडिला (Bomdila)268 किलोमीटर
भालुकपोंग (Bhalukpong)177 किलोमीटर
अनिनी (Anini)552 किलोमीटर
पासीघाट (Pasighat)257 किलोमीटर
आलो (Aalo)297 किलोमीटर
तिराप (Tirap)296 किलोमीटर
माधुरी लेक (Madhuri Lake)476 किलोमीटर
पखुई वाइल्ड लाइफ सेंचुरी (Pakhui Wildlife Sanctuary)497 किलोमीटर
दापोरिजो (Daporijo)264 किलोमीटर
गोरिचेन पीक (Gorichen Peak)243 किलोमीटर
खोंसा (Khonsa)288 किलोमीटर
चांगलांग (Changlang)316 किलोमीटर
यिंग्कियोंग (Yingkiong)386 किलोमीटर
अंजॉ (Anjaw)492 किलोमीटर
20+ अरुणाचल प्रदेश के ये हैं घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल

अरुणाचल प्रदेश में राजसी हिमालय के बीच स्थित तवांग स्थित है, जहां की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत काफी मनोरम है। यह छठे दलाई लामा, त्सांगयांग ग्यात्सो के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। यहां की बर्फ से ढकी चोटियां, अल्पाइन घास के मैदान और प्राचीन झीलें लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। अगर आप अरुणाचल प्रदेश जा रहे हैं, तो इस खूबसूरत जगह पर जरूर जाएं। 

Arunachal Pradesh Mein Ghumne ki Best Jagah
Tawangc

तवांग अरुणाचल प्रदेश का एक जिला है, जहां आप किसी भी समय जा सकते हैं। यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है।

अरुणाचल प्रदेश में स्थित जीरो एक शांत घाटी वाला शहर है, जो अपने आश्चर्यजनक परिदृश्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जीवंत त्योहारों के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। राजधानी ईटानगर से लगभग 115 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, जीरो अपनी हरी-भरी हरियाली, विशाल चावल के खेतों और धुंध से ढकी पहाड़ियों से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। 

Ziro
Ziro

यह अरुणाचल प्रदेश का शहर है, जहां आप किसी भी समय बिना किसी शुल्क के जा सकते हैं।

नामदफा नेशनल पार्क, क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का तीसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। यह किसी भी वन्यजीव और प्रकृति प्रेमी के लिए एक रत्न के समान है। इसकी ऊंचाई 200 मीटर से 4500 मीटर के बीच होने के कारण, यह देश की सबसे जीवंत जैव-विविधताओं में से एक के साथ दुर्लभ और लुप्तप्राय जानवरों और पौधों की प्रजातियों का आश्रय स्थल है। आप यहां स्नो लेपर्ड, क्लाउडेड लेपर्ड, लेपर्ड और टाइगर जैसी प्रजातियों को देख सकते हैं। नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान असम की राजधानी यानी डिब्रूगढ़ से मात्र 160 किमी की दूरी पर स्थित है और मियाओ तक सड़कों के नेटवर्क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। 

namdapha national park
namdapha national park

इस नेशनल पार्क में प्रवेश के लिए आपको प्रत्येक व्यक्ति 10 रुपये शुल्क के रूप में देना होता है। आप यहां सुबह 10 से शाम के 5 बजे तक जा सकते हैं।

सेला पास हिमालय के सबसे लुभावने स्थानों में से एक है। अपनी भौगोलिक महत्व के अलावा सेला दर्रा एक काफी खूबसूरत जगह है, जो चारों ओर बर्फ से ढकी रहती है और पूर्वी हिमालय श्रृंखला के कुछ सुंदर दृश्य पेश करती है। चट्टानी दर्रा के बीच यहां आपको झीलें भी देखने को मिलेंगी। 

sela pass
sela pass

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप दिन में किसी भी समय यहां जा सकते हैं।

बर्फ से ढके पहाड़, गहरी घाटियां, पहाड़ियों से नीचे गिरती अशांत नदियां, कई झरने, शांत झीलें, पुरातात्विक स्थल, शांति और मौज-मस्ती पसंद करने वाले लोगों के लिए रोइंग एक खूबसूरत और शानदार जगह हो सकती है। अपनी बेहतरीन जलवायु के लिए रोइंग लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। पहाड़ों और झीलों के साथ एक प्राकृतिक स्वर्ग, यह अरुणाचल प्रदेश की सबसे रोमांचक जगहों में से एक है। यह शहर किसी को निराश नहीं करेगा। प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां कई खूबसूरत झीलें और घाटियां हैं। 

roing
roing

इस खूबसूरत शहर में प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप किसी भी वक्त यहां जा सकते हैं।

पूर्वी हिमालय की तलहटी में बसा और उपजाऊ ब्रह्मपुत्र नदी के मैदानों से घिरा ईटानगर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत का एक मनोरम मिश्रण प्रस्तुत करता है। यह शहर विरासत और जनजातीय संस्कृति की एक समृद्ध विरासत को समेटे हुए है, जिसमें 15वीं शताब्दी का ईटा-किला, पौराणिक गंगा झील और दलाई लामा द्वारा संरक्षित बुद्ध विहार जैसे आकर्षण क्षेत्र हैं।

itanagar
itanagar

यहां प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां कभी भी जा सकते हैं।

बोमडिला अरुणाचल प्रदेश का काफी खूबसूरत शहर है। यहां के खूबसूरत दृश्य आपको मंत्रमुग्ध कर सकते हैं। खूबसूरत दृश्यों के अलावा, ठंडी हवा और सुखद जलवायु के साथ घिरे हुए इस क्षेत्र में आपको मंदिरों और वन्यजीव अभयारण्यों जैसे कई स्थानों को देखने का मौका मिलेगा। यहां बौद्ध और हिंदू दोनों मंदिर पाए जाते हैं। 

bomdila
bomdila

यहां प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप किसी भी समय यहां घूम सकते हैं। 

भालुपोंग प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है। आपको वन्य जीवन और इसकी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ शांत वातावरण में रहने का मौका मिलेगा। आप यहां कई गतिविधियों का एक संपूर्ण अनुभव ले सकते हैं। इसके आसपास के जंगल में बहती कामेंग नदी इस शहर को और भी आकर्षक बनाती है। भालुकपोंग में आप ट्रैकिंग, कैंपिंग और मछली पकड़ने का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। 

Bhalukpong
Bhalukpong

इस शहर में जाने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं है। आप यहां कभी भी घूम सकते हैं। हालांकि, दिन के समय घूमना सही माना जाता है।

अनिनी वह जगह है, जहां बादल ज़मीन को चूमते हुए नीचे आते हैं। धुंध भरी हवा के पीछे से झलकती इसकी सुंदरता के साथ यह शहर काफी खूबसूरत लगता है। अगर आप अपनी बोरियत भरी जीवन से तंग आ गए हैं, तो इस प्रचीन शहर में कुछ शांति भरे पल को बिताने के लिए जरूर जाएं। 

anini
anini

इस शहर में जाने के लिए किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं है। आप यहां कभी भी खूब सकते हैं।

पासीघाट को ‘अरुणाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार’ के रूप में जाना जाता है और यह प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है। यदि आप एड्रेनालाईन रश की तलाश में हैं, तो यह आपके लिए भी एक शानदार जगह हो सकती है क्योंकि यहां आपको व्हाइट रिवर राफ्टिंग, बोटिंग और एंगलिंग (मछली पकड़ने के समान) जैसी एक्टिविटी का मौका मिलता है। यहां आपको शांति और रोमांच का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा। 

pasighat
pasighat

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी समय जा सकते हैं।

अलोंग के नाम से जाना जाने वाला आलो शहर अरुणाचल प्रदेश में पश्चिम सियांग जिले के मुख्यालय के रूप में कार्य करता है। यह कई छोटे गांवों के करीब स्थित, यह छोटा शहर सिपू और योमगो की दो नदियों के संगम पर स्थित है। घूमने के लिए सबसे खूबसूरत ऑफबीट जगहों में से एक मेचुका घाटी की यात्रा आलो से किया जा सकता है, जहां से यह सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। 

Aalo
Aalo

इस खूबसूरत शहर में प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

तिराप अपने पर्यटकों को उफनते तलाबों, हरे और जीवंत ऑर्किड और हवा में ताजगी से मंत्रमुग्ध करने के लिए जाना जाता है। यहां आने पर आपके बेचैन मन को शांति मिलती है। इस स्थान की एक और शानदार विशेषता आदिवासियों की जातीयता और उनके त्यौहार, मेले और त्रुटिहीन कलाकृतियां हैं, जो गहन समर्पण के साथ बनाई गई हैं।

Tirap
Tirap

यहां प्रवेश के लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप दिन में किसी भी समय यहां घूम सकते हैं।

हिमालय के बीच स्थित अरुणाचल प्रदेश में कई आश्चर्यजनक झीलें हैं, लेकिन कोई भी माधुरी झील जितनी मनोरम नहीं है, जिसे संगेत्सर झील या संगेस्टार त्सो के नाम से भी जाना जाता है। भारत-चीन सीमा के पास, तवांग जिले में तवांग से बुम ला दर्रा के मार्ग पर यह झील स्थित है। यह झील समुद्र तल से 3,708 मीटर (12,165 फीट) से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। 

Madhuri Lake
Madhuri Lake

यहां प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

यह शाही अभयारण्य रॉयल बंगाल टाइगर और कई प्रकार की वनस्पतियों और जीवों का घर है। पक्के टाइगर रिजर्व में कम से कम 40 स्तनपायी प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां आपको बाघ, तेंदुआ, बादल वाला तेंदुआ, जंगली बिल्ली, जंगली कुत्ता सियार, हिमालयी काला भालू, बिंटूरोंग, हाथी, गौर, सांबर, हॉग हिरण, बार्किंग हिरण, विल्बोअर, पीले गले वाले मार्टिन और कई अन्य जानवरों की प्रजातियां देखने को मिलेंगी। इसके साथ ही पक्षियों की लगभग 300 प्रजातियां देखने को मिल सकती हैं। 

Pakhui Wildlife Sanctuary
Pakhui Wildlife Sanctuary

यहां प्रवेश के लिए प्रत्येक व्यक्ति से 40 रुपये लिया जाता है। यहां आप सुबह 10 से शाम के 4 बजे तक जा सकते हैं।

दापोरिजो अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में समुद्र तल से 600 मीटर ऊपर स्थित एक सुंदर शहर है। डेपोरिजो आमतौर पर अलोंग से जीरो के रास्ते पर रुकने के लिए एक अच्छा शहर है। यह शहर अपनी विविध जातीय संस्कृतियों को एक ही स्थान पर समाहित करने के लिए जाना जाता है। सुबनसिरी नदी शहर के आसपास के क्षेत्र में बहती हुई एक मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। यह विभिन्न जनजातियों जैसे टैगिन, गैलो, हिल्मिरी आदि के लोगों का घर है, जो सबसे पुराने मिशमी में से एक है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह महाभारत काल से अस्तित्व में है। 

Daporijo
Daporijo

यहां प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

गोरीचेन पीक अरुणाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी है और यह अरुणाचल प्रदेश के तवांग और पश्चिम कामेंग जिलों के बीच स्थित है। यह समुद्र तल से 22,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह चोटी तवांग से लगभग 164 किलोमीटर दूर है। इस चोटी को स्थानीय रूप से सा-नगा फु के नाम से जाना जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ देवता का साम्राज्य है और स्थानीय मोनपा जनजाति के अनुसार इसे सभी बुराइयों से बचाने वाली पवित्र चोटियों में से एक माना जाता है।

Gorichen Peak
Gorichen Peak

इस पीक पर जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां कभी भी जा सकते हैं।

खोंसा अरुणाचल प्रदेश के तिराप जिले का मुख्यालय है और हिमालय पर्वतमाला से घिरी तिराप घाटी में स्थित है। यह स्थल नदियों, गहरी घाटियों, घने जंगल और बर्फ से ढकी पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह समुद्र तल से लगभग 1,215 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है। खोंसा चारों ओर प्राकृतिक सुंदरता के साथ एक सुंदर छोटा हिल-स्टेशन है। पूर्व में म्यांमार और दक्षिण में असम की सीमा से सटा खोंसा उत्तर-पूर्व में एक महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्र भी है। 

Khonsa
Khonsa

यहां प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

चांगलांग जिला म्यांमार की सीमा पर स्थित है। यह अपनी जैव-विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और एक अनूठी संस्कृति के लिए जाना जाता है, जो इसे आस-पास के क्षेत्रों से अलग बनाती है। यह राज्य के बाकी हिस्सों के साथ हरा-भरा वातावरण, सुखद वातावरण और सुरम्य दृश्य के लिए पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। 

Changlang
Changlang

यहां प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां कभी भी घूम सकते हैं।

यिंग्कियोंग  ऊपरी सियांग जिले का मुख्यालय है, इसका नाम सियांग नदी के नाम पर पड़ा है जो इस जिले के बगल से बहती है। यह क्षेत्र अपनी विविध और रंगीन जातीयता के लिए जाना जाता है, जहां लोग प्यार से रहते हैं और उत्साह के साथ त्योहार मनाते हैं। यहां का पोनुंग, रोजा और ब्रोह प्रसिद्ध नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से चार जनजातियां, आदि, खंबा, मिश्मिस और मेम्बा द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। 

Yingkiong
Yingkiong

इस जिले में जाने के लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

अंजॉ विशाल हरियाली, चमचमाते झरनों, खूबसूरत नदी-झरनों, देवदार के जंगलों और हजारों अन्य शानदार चीजों के बीच एक छोटा सा अनोखा शहर है। अंजॉ ज्यादा विकसित पर्यटन स्थल नहीं है, लेकिन अपने प्राकृतिक परिवेश और हरियाली के कारण यह एक ऐसी जगह है, जहां शहरों के शोर-शराबे से दूर एकांत मिल सकता है।

Anjaw
Anjaw

इस शहर में जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप किसी भी वक्त यहां जा सकते हैं।

अरुणाचल प्रदेश में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच का माना जाता है। इस समय यहां का तापमान लगभग 5°C से 25°C के बीच रहता है, ऐसे में आपके लिए इस बीच घूमना काफी अच्छा हो सकता है। 

हवाई जहाद से : असम के उत्तरी लखीमपुर जिले में लीलाबाड़ी हवाई अड्डा अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से निकटतम हवाई अड्डा है। यह 72 किमी दूर स्थित है, जिससे राजधानी तक पहुंचने में लगभग 2 घंटे लगते हैं। आप अपने शहर या फिर अपने आसपास के शहर से इस हवाई अड्डे के लिए एयर टिकट ले सकते हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के अन्य निकटतम हवाई अड्डे तेजपुर हवाई अड्डा और गुवाहाटी हवाई अड्डा है, इन हवाई अड्डों से भी आप विकल्प देख सकते हैं। 

ट्रेन से : अरुणाचल प्रदेश में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। हालाँकि, निकटतम रेलवे स्टेशन असम में हरमुती ट्रेन स्टेशन है, जो अरुणाचल प्रदेश को भारत के अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला प्राथमिक रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से सिर्फ 46 किमी दूर स्थित है। 

सड़क मार्ग से : सड़क मार्ग से आप आसानी से अरुणाचल प्रदेश पहुंच सकते हैं। सभी प्रमुख शहरों और आसपास के राज्यों से राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। अरुणाचल प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों से मेघालय (लगभग 790 किमी), असम (560 किमी) और नागालैंड (456 किमी) के लिए पर्याप्त संख्या में अंतर बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

होटल ब्लू पाइन

पता : एपीएसटी बस स्टेशन के पास गंगा मार्केट, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश

डूडा लॉज/होटल

पता : सर्किट हाउस और रिंग्या हॉल, तेजू, अरुणाचल प्रदेश

होटल आंगगोंग

पता : ओ, एस कॉम्प्लेक्स, गंगा मार्केट, सामने:- आर.के. मिशन अस्पताल, एपीएसटी एंट्री रोड, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश

FAQ | क्या आप जानते हैं

अरुणाचल प्रदेश घूमने के लिए कितना पैसा चाहिए?

अरुणाचल प्रदेश की यात्रा आमतौर पर काफी महंगी हो सकती है, क्योंकि यहां खाना, ट्रैवलिंग और भोजन की सुविधा काफी कठिन है। ऐसे में आपको यहां ट्रैवल करने के लिए लगभग 35 से 40 हजार रुपये की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, यह बजट घट या बढ़ भी सकता है। 

अरुणाचल प्रदेश घूमने के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?

अक्टूबर से फरबरी का महीना अरुणाचल में घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। 

मुझे अरुणाचल प्रदेश में कहां रहना चाहिए?

अरुणाचल में आप किसी अच्छे से होटल या फिर लॉज में रुक सकते हैं।

रात के समय अरुणाचल प्रदेश में घूमने के लिए कौन सी जगह हैं?

यह एक पहाड़ी क्षेत्र है, ऐसे में रात के समय यहां घूमना सही नहीं माना जाता है। आप कुछ नजदीकी कॉम्लेक्स या फिर मार्केट में जाकर घूम सकते हैं।

हम रात में अरुणाचल प्रदेश में क्या कर सकते हैं?

रात के समय आप अरुणाचल में शॉपिंग, बॉन फायरिंग जैसी एक्टिविटी कर सकते हैं।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...