मंदिर के मुख्य द्वार यां फिर विशेष स्थानों पर घंटी या घंटे लगाने का प्रचलन प्राचीन काल से ही चला आ रहा है। गरुड़ घंटी की आवाज और उसका नाद एक विशेष प्रकार का होता है। माना जाता है यह वातावरण की सभी नकारात्मक शक्तियों को दूर कर वातावरण को शुद्ध करता है।

गरूड़ घंटी के फायदे

घंटी एक विशेष प्रकार का नाद होता है जो आसपास के वातावरण को शुद्ध करता है। इससे वातावरण हमेशा शुद्ध और पवित्र बना रहता है। ऐसा कहते हैं कि घंटी बजाने से वातावरण में एक कंपन पैदा होता है। इस कंपन के वायुमंडल में फैलने से जीवाणु, विषाणु इस तरह के सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध हो जाता है।

घर के पूजाघर या मंदिर में प्रात और संध्या को ही आरती करते वक्त घंटी बजाने का नियम है। वह भी लयपूर्ण। इससे हमारा मन शांत होकर तनाव हट जाता है।

जिन स्थानों पर घंटी बजने की आवाज नियमित आती है वहां से नकारात्मक शक्तियां हटती है। नकारात्मकता हटने से समृद्धि के द्वारा खुलते हैं। इससे सभी तरह के वास्तुदोष भी दूर हो जाते हैं।

स्कंद पुराण के अनुसार घंटी बजाने से मानव के सौ जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

यह भी कहा जाता है कि घंटी बजाने से देवताओं के समक्ष आपकी हाजिरी लग जाती है। घंटी या घंटे को काल का प्रतीक भी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जब प्रलय काल आएगा तब भी इसी प्रकार का नाद यानि आवाज प्रकट होगी

 

कार्य में सफ़लता के लिए

अगर आपको हर काम में असफलता मिल रही है और लाख प्रयास करने के बाद भी आपका काम नहीं बन रहा है तो शनिवार या मंगलवार के दिन पीतल की घंटी किसी मंदिर में दान कर दीजिए। ऐसा करने से आपकी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी और आपके रूके काम भी बनने लगेंगे। इसके अलावा यदि आप अपने जीवन में तरक्की करना चाहते हैं तो भगवान की पूजा के बाद हर दिन आरती के समय पर घंटी बजाएं। इससे किस्मत के बंद दरवाज़े हमेशा के लिए खुल जाएंगे।

 

माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है

गरुड़ घंटी को हिंदू धर्म में बहुत अधिक पवित्र माना गया है। इसलिए जो व्यक्ति प्रतिदिन नहाने के बाद सुबह के समय इसे बजाता है तो इसका बहुत शुभ प्रभाव पड़ता है। इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न रहती है और अपनी कृपा उस घर पर हमेशा बनाए रखती है। यदि लक्ष्मी देवी किसी पर अपनी कृपा कर दे तो उस व्यक्ति का जीवन समृद्ध और खुशहाल हो जाता है। उसके घर में कभी पैसों की किल्लत नहीं आती और उसकी आय के साधन निरंतर रूप से बढ़ने लगते हैं।

 

परिवार के सदस्यों में तालमेल

गरुड़ घंटी को शास्त्रों में बहुत अधिक शुभ माना है जिन घरों में हर दिन इसको बजाया जाता है वहां पर रहने वाले सभी सदस्यों के बीच आपस में तालमेल बना रहता है। आपके घर में हर दिन किसी ना किसी बात को लेकर लड़ाई झगड़े होते रहते हैं तो नियमित रूप से पूजा के समय गरुड़ घंटी को अपने घर में बजाएं। इससे सभी सदस्यों में आपस में प्यार बढ़ेगा। इसके अलावा बहुत से ज्योतिषियों के अनुसार घंटी सृष्टि के आरंभ का प्रतीक है। इसलिए जब इसको रोज़ बजाया जाता है तो इंसान सीधा ईश्वर से जुड़ जाता है। ऐसी मान्यता है कि गरूड़ घंटी बजाने से मनुष्य की पूजा बहुत अधिक फलदायी और सफल हो जाती है।

 

मानसिक परेशानी

मानसिक रूप से बहुत परेशान रहते हैं या अकसर बहुत अधिक तनाव में रहते हैं उन लोगों के लिए गरुड़ घंटी की ध्वनि काफी सहायता करती है। इसके द्वारा उनके मन को शांति मिलती है और उनके मानसिक तनाव में भी काफी कमी आती है। इसकी आवाज में भगवान नारद के संगीत का आभास होता है जो व्यक्ति को काफ़ी प्रसन्नता तथा भगवान से जुड़े रहने का आभास कराता है।

 

घंटी बजाने के लाभ

स्कंद पुराण के अनुसार भगवान विष्णु कहते हैं कि घंटी मुझे सर्वदा प्रिय है। भगवान विष्णु कहते हैं कि मेरे पूजन के समय घंटी बजाने से 100 कोटि यज्ञ करने का फल मिलता है। और मेरी पूजा के दौरान घंटी बजाने से मोक्ष प्राप्त होता है और घंटी बजाने से सभी पापों का नाश हो जाता है।

 

घंटी कैसी होनी चाहिए

भगवान विष्णु कहते है कि घंटी के ऊपर गरुड़ का चिन्ह ही होना चाहिए। घंटी बाजार में कई प्रकार की मिलती हैं। लेकिन भगवान विष्णु की नित्यप्रति पूजा में हमें गरुड़ चिन्ह वाली घंटी ही बजानी चाहिए। भगवान विष्णु कहते हैं कि जो गरुड़ चिन्ह से युक्त घंटी.धूप हाथ में लेकर मेरी पूजा.आरती और विलेपन करता है तो वह मनुष्य 100.100 चंद्रायण व्रत करने का फल प्राप्त करता है। और उस मनुष्य के कई जन्मों के पापों का विनाश हो जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार सृष्टि की रचना में ध्वनि या नाद का विशेष योगदान रहा है। माना जाता है जब सृष्टि की रचना हुआ उस समय जो नाद उत्पन्न हुआ था वही नाद इस गरुड़ घंटी से निकलता है। ॐ के उच्चारण से भी ऐसा ही नाद उत्पन्न होता है।

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