दो पत्रकारों को बेहतरीन समाचार रिपोर्टों के लिए संयुक्त रूप से प्रथम एस्टर मीडिया पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। इनकी रिपोर्टों का जनता में जागरूकता पैदा करने और सामाजिक रूप से प्रासंगिक मुद्दों पर कार्रवाई शुरू करने में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।

हिन्दुस्तान टाइम्स (एचटी) के सहायक संपादक श्री मनोज शर्मा और बिजनेस टुडे की वरिष्ठ सहायक संपादक सुश्री सारिका मल्होत्रा हेल्थकेयर चैरिटी डीएम फाउंडेशन के द्वारा स्थापित भारतीय पत्रकारिता में सबसे बड़े पुरस्कारों में से एक एस्टर मीडिया पुरस्कार के तहत 10 लाख रुपये नकद पुरस्कार के संयुक्त विजेता हैं।
आशीष शर्मा और असद अली को पत्रकारिता में उत्कृष्टता और एचटी ब्रंच पत्रिका में प्रकाशित एक न्यूज स्टोरी के लिए गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग के लिए विशेष उल्लेख किया गया है। फाउंडेशन स्वास्थ्य उद्यमी और समाजसेवी डॉ. आजाद मूपेन की एक धर्मार्थ परियोजना है जो दुबई स्थित एस्टर डीएम हेल्थकेयर के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं। यह फाउंडेशन दुनिया भर के गरीब और वंचित पृष्ठभूमि के लोगों के लिए काम करता है। इसने भारत और खाड़ी देशों में मीडिया के वैसे लोगों को हर साल सम्मानित करने का फैसला किया है जिनके काम से समाज पर स्पट रूप से सकारात्मक प्रभाव पड़ा हो।
इस साल के विजेताओं का चयन भारत के माननीय राष्ट्रपति के प्रेस सचिव, राजनयिक और विद्वान श्री वेणु राजमणि की अध्यक्षता में ज्यूरी के द्वारा किया गया। श्री मनोज शर्मा को फुटपाथ पर पलने-बढ़ने वाले बच्चों में उम्मीद पैदा करने वाली ‘‘युवकों में क्षमता निर्माण के दीर्घकालिक प्रभाव” विशय पर आधारित समाचार रिपोर्ट के लिए पुरस्कार प्रदान करने का फैसला किया गया।
सुश्री सारिका मल्होत्रा को भारत में बाल श्रम को लेकर व्यापक जन जागरूकता पैदा करने वाली उनकी व्यापक शोध रिपोर्ट के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स में एसोसिएट एडीटर आशीष शर्मा, और कैच न्यूज के लिए वर्तमान में काम करने वाले असद अली को उत्तर प्रदेश से दो महिला निशानेबाजों पर उनकी समाचार रिपोर्ट के लिए दिया जाएगा। ज्यूरी के अनुसार इस रिपोर्ट में षिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण जैसे दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

पुरस्कार इस साल नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक समारोह में प्रदान किये जाएंगे। 2 एस्टर मीडिया पुरस्कार दो अन्य श्रेणियों में भी पत्रकारिता में उत्कृष्टता की पहचान करता है। ये श्रेणियां हैं अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से जीसीसी देशों में रिपोर्टिंग, और केरल में क्षेत्रीय रिपोर्टिंग। इन दोनों श्रेणियों में विजेताओं को क्रमषः 50,000 संयुक्त अरब अमीरात दिर्हाम (एईडी) और 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रस्तुत किये जाएंगे, जिनकी घोषणा जल्द ही की जाएगी।
डॉ. आजाद मूपेन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ये पुरस्कार समाज के विकास और जीविका पर रोशनी डालने के लिए अधिक पत्रकारों को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमें एस्टर मीडिया पुरस्कार को शुरू कर उम्मीद है कि अब अधिक से अधिक पत्रकार रिपोर्टिंग के वैसे क्षेत्रों में काम करेंगे जिनकी मदद से सामाजिक प्रभाव पैदा हो सकेंगे तथा सामाजिक- आर्थिक परिवर्तन लाने में मददगार साबित हो सकने वाली कारगर सूचना उपलब्ध हो सकेगी तथा मुद्दों को रेखांकित करने में मदद मिलेगी।”
जूरी के अध्यक्ष श्री वेणु राजमणि ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय-भारत श्रेणी में हमने गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग और लेखन की जो शैली देखी है वह उत्कृष्ट है। यह तथ्य संयुक्त विजेताओं के द्वारा प्रदर्षित किया गया है और श्रेणी में इसका विशेष उल्लेख किया गया है। हालांकि दोनों विजेताओं की स्टोरी युवाओं पर है, लेकिन दोनों के आयाम एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। सुश्री मल्होत्रा की स्टोरी बाल श्रम के बारे में जागरूकता पैदा करती है, वहीं श्री शर्मा की स्टोरी स्कूली बच्चों के सशक्तिकरण के बारे में है जो हम सभी को प्रेरित करती है। मुख्य धारा की मीडिया के द्वारा इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते देखना हमें प्रोत्साहित करती है।”
पुरस्कार जूरी में एसपी प्रोडक्शंस, दुबई की संस्थापक और बीबीसी वल्र्ड और ब्रिटेन के चैनल फोर की पूर्व पत्रकार सुश्री शहनाज पक्रवान; जियो इकोनॉमिक्स स्टडीज, गेटवे हाउस: इंडियन काउंसिल ऑन ग्लोबल रिलेशन्स के वरिष्ठ फेलो राजर्षि सिंघल; और रेडिफ्यूजन कम्युनिकेशन्स के अध्यक्ष, पूर्व पत्रकार और सार्वजनिक मामलों के विशेषज्ञ श्री राहुल शर्मा भी शामिल थे। पुरस्कार विजेता पत्रकारों के प्रोफाइल और तस्वीरें पुरस्कार विजेता पत्रकारों के प्रोफाइल और तस्वीरें प्रोफाइल और तस्वीरें भी संबद्ध हैं।
डीएम फाउंडेशन एक व्यापक निकाय है जिसके तहत एस्टर डीएम हेल्थकेयर की सीएसआर गतिविधियों, एस्टर डीएम हेल्थकेयर की सामाजिक पहल और डॉ. मूपेन के फैमिली फाउंडेशन काम कर रहे हैं। डीएम फाउंडेशन एमआईएमएस चैरिटेबल जैसे सहयोगी संगठन के साथ मिलकर काम करते हैं। डॉ. मूपेन के फाउंडेशन की गतिविधियां भारत, मध्य पूर्व, अफ्रीका, फिलीपींस, अफगानिस्तान आदि में संचालित होती हैं। फाउंडेशन के विभिन्न कार्यक्रमों को निःशुल्क पेडिएट्रिक कार्डिएक सर्जरी प्रोग्राम (सेव द लिटिल हार्ट), अर्ली डिजीजेज डिटेक्षन एंड कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर्स (ईडीडीसी), कम्युनिटी डायलिसिस सेंटर्स (सीडीसी), रेडियेषन ओंकोलाॅजी सेंटर्स, डॉक्टर्स ऑन कॉल ‘मोबाइल क्लीनिक्स’, स्वास्थ्य और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, निःशुल्क या रियायती उपचार, एमआईएलईएस विलेज एडॉशप्न – सोसियो इकोनॉमिक इंटरवेंशन आदि में श्रेणीबद्ध किया गया है।
1987 में स्थापित, एस्टर डीएम हेल्थकेयर का मध्य पूर्व और भारत भर में 290 से अधिक संस्थानों के एक नेटवर्क पर स्वामित्व है तथा उसका संचालन करता है। इस नेटवर्क के तहत क्लीनिक, अस्पताल, फार्मेसी और एक आधुनिक चिकित्सा शहर जैसे अनेक स्वास्थ्य क्षेत्र हैं। ये नेटवर्क इकाइयां एस्टर, मेडिकेयर, एक्सेस, एस्टर एमआईएमएस जैसे ब्रांडों के तहत समाहित हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं में 14 अस्पताल हैं जो 3 समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्राथमिक, माध्यमिक, तृतीयक और चतुर्धिक चिकित्सा उपलब्ध करा रहे हैं।
