एक वृद्ध दंपत्ति बड़े प्रेम से मिलकर रहते थे। कुछ दिनों से पति को लगने लगा था कि उसकी पत्नी कुछ ऊंचा सुनने लगी है। उसके ख्याल में उसकी पत्नी को सुनने की मशीन इस्तेमाल की जरूरत थी। लेकिन, यह बात वह उससे कैसे कहे। इसलिएः उसने अपने पारिवारिक डाक्टर से सलाह ली।
डॉक्टर ने उसे पत्नी की बहरापन जाँचने के लिए आसान घरेलू उपाय बताया कि वह उससे 40 फुट दूर खड़ा होकर अपनी पत्नी से ऐसे बात करे कि जैसे उसके नजदीक ही खड़ा हो, और देखे कि वह उसे सुन पा रही है या नहीं। यदि नहीं तो 30 फुट की दूरी से बात करे, फिर 20 फुट और इसी तरह पास आता जाए, जब तक कि उसे जबाव न मिले।
उसी शाम उसकी पत्नी किचन में खाना पका रही थी और वह दूसरे कमरे में था। डॉक्टर के कहे का अनुसरण करते हुए उसने पत्नी को आवाज देकर पूछा कि आज वह क्या पका रही है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। फिर वह आगे बढ़ता गया और जब दस फुट की दूरी पर आकर भी उसे कोई जवाब नहीं मिला तो फिर उसके एकदम पीछे आकर चिल्लाया कि आज क्या पका रही हो। पत्नी बोली कि तुम्हें क्या-हो गया है? मैं चार बार बता चुकी हूँ कि आज मैं भरवां आलू की सब्जी बना रही हूँ।
सारः कई बार दूसरों की कमियां देखने में हम इतना मशगूल हो जाते हैं कि अपनी कमियों पर ध्यान ही नहीं जाता।
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