angoor aur chawal bure nahi
angoor aur chawal bure nahi

Hindi Motivational Story: बहुत पुरानी बात है। प्रसिद्ध संत तिरुवल्लुवर एक बार अपने शिष्यों के साथ कहीं चले जा रहे थें रास्ते में आने-जाने वाले लोग उनके चरण स्पर्श करते हुए आगे की ओर बढ़ते जा रहे थे। तभी एक शराबी झूमता हुआ उनके सामने आया और खड़ा हो गया और संत से कहा, ‘आप लोगों से कहते हैं कि शराब ख़राब चीज़ है, मत पिया करो। क्या अंगूर ख़राब होते हैं, क्या चावल बुरी चीज़ है? अगर ये दोनों चीज़ें अच्छी हैं तो इनसे बनने वाली शराब कैसे बुरी हो गई?’ लोग शराबी की ओर हिक़ारत भरी नज़रों से देखने लगे कि संत इस पर क्या जवाब देते हैं।

संत मुस्कुराकर बोले, ‘भाई अगर तुम पर मुट्ठी भर कर कोई मिट्टी फेंके या कटोरा भर कर पानी डाल दे तो क्या इससे तुम्हें चोट लगेगी? शराबी ने ना में सिर हिलाया तो संत ने फिर कहा, लेकिन इसी मिट्टी में पानी मिलाकर उसकी ईंट बनाकर तुम पर फेंकी जाए तब? जब मिट्टी में पानी मिलाकर उसको ईंट बनाकर तुम पर फेंकी जाए तब तुम उससे घायल हो जाओगे। इसी प्रकार अंगूर और चावल भी अपने आप में बुरे नहीं है, मगर यदि इन्हें मिलाकर शराब बना कर सेवन किया जाए तो यह मनुष्य के नुकसानदेह हैं। यह स्वास्थ को भी बिगाड़ती है।

ये कहानी ‘नए दौर की प्रेरक कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएंNaye Dore ki Prerak Kahaniyan(नए दौर की प्रेरक कहानियाँ)