हेल्थ एक्सपर्ट्स उन लोगों को भी वैक्सिनेशन करवाने की सलाह दे रहे हैं जिन्हें पहले कोविड -19 हो चुका है और वह रिकवर हो चुके हैं। बहुत से लोगों का यह मानना होता है कि जिन्हें कोविड हो चुका है वह प्राकृतिक रूप से अब दुबारा कोविड होने से बच गए हैं और अब उन्हें वैक्सीन लगवाने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनके शरीर में एंटी बॉडीज बन चुकी हैं। 

अगर कोई व्यक्ति इस प्रकार की स्टेटमेंट देता है तो वह सीडीसी की गाइडलाइंस के विरुद्ध जाती है। सीडीसी ने हर 18 साल से ऊपर की उम्र के व्यक्ति को वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है चाहे उन्हें पहले कोविड ही क्यों न हो चुका हो। एक्सपर्ट्स को अभी तक इस बात का नहीं पता है कि आप कोविड से रिकवर होने के कितने दिन बाद तक सटीक तरह से सुरक्षित रह सकते हैं। सीडीसी के अनुसार अगर आप कोविड इंफेक्शन से ठीक भी हो चुके हैं तो चांस यह हैं ( बहुत कम ) कि आपको दुबारा भी इंफेक्शन हो सकता है।

अगर आप यह मानते हैं कि रिकवरी के बाद आप कोविड से सुरक्षित हैं तो आपको अपने इम्यून सिस्टम के बारे में जानकारी का अभाव है। इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह स्टेटमेंट पूरी तरह से गलत है क्योंकि पहली बार कोविड होना आपके शरीर के लिए केवल एक टेस्ट टेस्ट भी हो सकता है। अगर आपको दुबारा कोविड होगा तो हो सकता है आपका इम्यून सिस्टम इसे देख कर रेस्पोंड करे और आपको बचा ले लेकिन ऐसा कब तक होगा? कुछ दिनों बाद आपका इम्यून सिस्टम भी इस प्रकार के रेस्पॉन्स को भूलने लगेगा और इंफेक्शन का डर आपके लिए फिर बढ़ने लगेगा।।

ऐसे भी लोग हैं जिनको कोविड से रिकवर होने के कुछ दिनों बाद ही दोबारा इंफेक्शन हो गया। कुछ लोगों की इम्यूनिटी होती है मजबूत लेकिन वैक्यून लगवाने से आपकी इम्यूनिटी और अधिक मजबूत हो जायेगी जो आपको पूरी तरह से कोविड से बचा सकेगी।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोविड होने के बाद भी वैक्सीन लगवाने का सुझाव दो फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए दिया गया है : 

  • पहला, आपके शरीर में वैक्सीन लगवाने के बाद होने वाले एंटी बॉडी लेवल उन एंटी बॉडीज लेवल्स से कहीं ज्यादा होंगे जो आपको कोविड से रिकवर होने के बाद प्राकृतिक रूप से मिलती हैं।। और हाई एंटी बॉडीज लेवल्स काफी लंबे समय तक आपको बीमारी से बचाते हैं।
  • दूसरा, हाई एंटी बॉडी लेवल आपके शरीर को विभिन्न प्रकार के वेरियंट्स से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

जब लोग वैक्सिन नहीं लगवाते हैं तो क्या होता है?

मान लीजिए किसी देश की आधी आबादी को वैक्सीन लग गई है, और आधी आबादी अब भी बिना वैक्सीन के है। इसलिए वायरस को अब भी बहुत से लोग होस्ट के रूप में मिल सकते हैं जिनके अंदर वह घुस सकता है। 

अगर एक व्यक्ति के अंदर वायरस जाता है तो वह बहुत अधिक तेजी से म्यूटेट होना शुरू हो जाता है। हालांकि बहुत सी म्यूटेशन हानिकारक नहीं होती है लेकिन इनसे एक नए वेरिएंट को जन्म मिल सकता है जो हानिकारक हो सकता है। इस प्रकार वायरस म्युटेट होता रहेगा और और अधिक तेजी से फैलेगा और अब रिस्क उन लोगों का सबसे अधिक बढ़ेगा जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है।

चाहे आपको कोविड हुआ है या नहीं हुआ है, आपको वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए और फालतू की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि आपका शरीर प्राकृतिक रूप से सुरक्षित बन चुका है तो आपको वैक्सीन की जरूरत ही नहीं होगी। ऐसा नहीं होता। 

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