Sitting Cross Legged
Side Effects Of Sitting Cross Legged

Overview: आदत जो दिखे साधारण, लेकिन सेहत पर पड़े भारी

अगर आप पैर पर पैर चढ़ाकर बैठते हैं, तो इस आदत को बदल लें। सही पोस्चर अपनाएं, समय-समय पर पॉजिशन बदलते रहें और अपने शरीर को स्वस्थ बनाए रखें। क्रॉस लेग करना जितना सामान्य लगता है, उतना ही गंभीर इसका प्रभाव हो सकता है।

Side Effects of Sitting Cross Legged: हममें से कई लोग आदतन क्रॉस लेग यानी पैर पर पैर चढ़ाकर बैठते हैं, चाहे दफ्तर हो या घर। यह पोजिशन देखने में भले ही आरामदायक लगे, लेकिन लंबे समय तक ऐसा बैठना आपके शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मानें तो यह आदत धीरे-धीरे शरीर में कई तरह की परेशानियों को जन्म देती है। आइए जानते हैं क्रॉस लेग करके बैठने के 6 ऐसे साइड इफेक्ट्स जो आपकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट

Poor blood circulation
Poor blood circulation

पैरों को एक-दूसरे पर चढ़ाकर बैठने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो सकता है। इससे पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक इसी स्थिति में बैठने से नसों पर दबाव बनता है।

कमर और रीढ़ की हड्डी पर असर

क्रॉस लेग पोजिशन में लंबे समय तक बैठने से शरीर का पोस्चर बिगड़ता है, जिससे रीढ़ की हड्डी पर असमान दबाव पड़ता है। इससे कमर दर्द या पीठ में अकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

कुछ शोधों में यह पाया गया है कि क्रॉस लेग करके बैठने से रक्तचाप कुछ समय के लिए बढ़ सकता है। यह आदत हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए विशेष रूप से हानिकारक हो सकती है।

घुटनों पर दबाव बढ़ना

जब हम एक पैर को दूसरे पर रखते हैं, तो इससे घुटनों पर असंतुलित दबाव पड़ता है। यह धीरे-धीरे घुटनों की जॉइंट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है और दर्द की वजह बन सकता है।

वेरिकोज वेन्स की समस्या

क्रॉस लेग पोजिशन नसों के दबाव को बढ़ा सकती है, जिससे पैरों में वेरिकोज वेन्स (उभरी हुई नीली नसें) की संभावना बढ़ जाती है। यह स्थिति न सिर्फ देखने में खराब लगती है, बल्कि दर्द और थकावट का कारण भी बनती है।

हिप्स और पेल्विक बैलेंस में असंतुलन

एक ही दिशा में बार-बार क्रॉस लेग करने से हिप्स और पेल्विक एरिया का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे चलने और खड़े होने की मुद्रा पर असर पड़ सकता है और पेल्विक पेन की समस्या हो सकती है।

मेरा नाम वंदना है, पिछले छह वर्षों से हिंदी कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हूं। डिजिटल मीडिया में महिला स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, बच्चों की परवरिश और सामाजिक मुद्दों पर लेखन का अनुभव है। वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं और नियमित...