Silent Labor Sign: अगर आपके गर्भावस्था का नवा महीना लग चुका है तो आपको तैयार रहना चाहिए आपकी डिलीवरी का समय कभी भी नजदीक आ सकता है। नवा महीना लगने के बाद जैसे-जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे-वैसे महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं। अगर आपके अंदर यह बदलाव नजर आए तो समझ लें आपकी डिलीवरी का समय पास है तथा आपको बाद के तनाव से बचने के लिए अपना डिलीवरी बैग अब पैक कर लेना चाहिए। आइए इस लेख में जानते हैं, किन संकेतों के नजर आने पर आपको बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बच्चे का नीचे की तरफ खिसकना
आठवें महीने के आखिरी से या नवें महीने की शुरुआत से बच्चे का सिर नीचे की तरफ हो जाता है तथा शिशु गर्भाशय में नीचे की ओर सरकता है। इससे गर्भवती महिला के पेट के ऊपरी हिस्से पर दबाव कम जाता है, तथा महिला को इस हिस्से में हल्का महसूस होता है और उसे सांस लेने में आसानी होती है। शिशु का गर्भाशय में नीचे की तरफ सरकने की प्रक्रिया को लाइटनिंग या ड्रॉपिंग कहते हैं।
असली लेबरपेन कांट्रेक्शन
गर्भवती महिला के पेट तथा पीठ में दर्द का होना या दर्द का नियमित अंतराल पर होना तथा समय के साथ-साथ यह दर्द का तेज तथा ऐंठन के साथ होना असली लेबरपेन का संकेत हैं।
कई बार नकली लेबरपेन भी होता है, इस स्थिति में दर्द नियमित नहीं होता तथा इसमें असली लेबरपेन से थोड़ा कम दर्द होता है।
म्यूकस प्लग का बाहर आना
जब डिलीवरी का समय नजदीक आ जाता है तो म्यूकस प्लग जो की सर्विक्स को सील करने वाला गाढ़ा चिपचिपा पदार्थ है, बाहर निकलता है। यह डिस्चार्ज कई बार गाढ़ा खून मिश्रित या पानी जैसा पतला हो सकता है। म्यूकस प्लग का डिस्चार्ज संकेत है कि आपके डिलीवरी का समय नजदीक है।
वाटर ब्रेकिंग होना
गर्भ के अंदर बच्चा जिस तरल पदार्थ की थैली में रहता है, उसे एमनियोटिक थैली कहते हैं। इस थैली के फटने की स्थिति को वाटर ब्रेकिंग कहते हैं। इसके फटने पर योनि से तरल पदार्थ का रिसाव होता है। यह रिसाव धीरे-धीरे या फिर बहुत तेज हो सकता है। अगर गर्भवती महिला के पानी की थैली फट गई है तो उसे बिना किसी देरी के डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
पेट के निचले हिस्से में दबाव
अगर गर्भवती महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द या दबाव महसूस हो रहा है तो यह संकेत है उसके डिलीवरी समय के पास होने का।
डिलीवरी समय के नजदीक होने पर पेट के निचले हिस्से तथा कमर में लगातार दर्द बना रहता है।
बार बार टॉयलेट जाना
बहुत सी महिलाओं में गर्भावस्था के अंतिम दिनों में लूज मोशन हो सकता है। इसके अलावा महिला को बार-बार पेशाब जाना जैसी परेशानी होती है, क्योंकि अंतिम दिनों में गर्भाशय का मूत्राशय पर दबाव अधिक बढ़ जाता है। जिससे गर्भवती महिला का बार-बार पेशाब जाने की इच्छा होती है।
मेडिकल चेकअप
गर्भाशय के अंतिम दिनों में डॉक्टर आपसे हर तीसरे दिन जांच करवाने के लिए कहते हैं,ताकि वह आपके बच्चे के मूवमेंट तथा धड़कनों की जांच कर सके। इसी दौरान डॉक्टर गर्भाशय ग्रीवा की भी जांच करते हैं, वह देखते है कि क्या ग्रीवा फैलना शुरू हो चुकी है या नहीं। अगर वह फैलना शुरू हो चुकी है तो आपके डिलीवरी का समय हो चुका है।
