लॉक डाउन का समय है अपने घर के बड़ों से और बुजुर्गों से संबंधों को सुधारने का ।भागती दौड़ती लाइफ में परिवार के अन्य सदस्यों के लिए आपके पास समय नहीं बचता था। लेकिन यह गोल्डन पीरियड है कि आप थोड़ा सा वक्त अपने घर के बुजुर्गों के लिए निकलें। उन बातों का ध्यान रखें जो हमें अपने परिवार के साथ रिश्ते बेहतर तरीके से निभाने में मदद कर सकें । इसलिए मजबूत रिश्ते बनाए रखने के लिए इस अभूतपूर्व समय के दौरान झड़पों और निराशाओं से बचने की कोशिश करें।
रोज़ की भागती दौड़ती ज़िंदगी में अक्सर हम सभी सोचा करते थे कि कभी तो ऐसा समय आएगा जब चैन से अपने परिवार के साथ बैठने का मौका मिलेगा। कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन ने हमें ऐसा ही एक मौक़ा दिया है। यह समय एक अवसर लेकर आया है, जहां हम घर के बड़े बुजुर्गों के साथ बेहतर समय व्यतीत कर एक यादगार समय बिता सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से आइए जानते हैं कि कैसे लॉकडाउन में संवारें बड़े बुजुर्गों से संबंध।
बात करें – समय निकालें: घर के बड़े बुजुर्ग यानी अनुभव की खदान, यह बात सौ फ़ीसदी सच है। जीवन में आने वाले चैलेंज हों या कोई भी अन्य समस्या हमारे बड़े-बुजुर्ग अपने अनुभव से जो रास्ता बताते हैं वह बड़े काम आता है। इसलिए लॉकडाउन में अपने बड़े-बुजुर्गों के साथ बात करें, कुछ उनकी सुनें और कुछ अपनी कहें। यकीन मानिए ऐसा करने से आपके संबंध बेहद मजबूत बनेंगे।
लाइट मोमेंट्स को तरजीह दें: लॉकडाउन के चलते अधिकांश लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में घर में यदि बड़े बुजुर्ग हैं तो उन्हें हाइपर टेंशन या डिप्रेशन ना हो इसके लिए ज़रूरी है कि घर में लाइट मोमेंट्स या कह लें कि हंसी-ख़ुशी का माहौल बनाए रखें। आप चाहें तो घर के सदस्यों से जुड़े पुराने मजेदार किस्से भी बड़े-बुजुर्गों से सुन सकती हैं। इससे ना सिर्फ पुराने यादगार पलों की याद ताजा होगी बल्कि एक-दूसरे से निकटता भी बढ़ेगी।
खाने-पीने का रखें ध्यान: लॉकडाउन का समय है और घर में बड़े बुजुर्ग हैं तो ऐसे में उनके खाने-पीने का ध्यान रखना भी बेहद ज़रूरी है। लॉकडाउन में आप घर के बड़े-बुजुर्गों को उनकी पसंद का खाना बनाकर खिलाइए। ऐसा करने से ना सिर्फ आपके संबंध उनके साथ बेहतर होंगे बल्कि लॉकडाउन का समय भी बहुत अच्छे से कट जाएगा।
सेवा करें: यह सबसे ज़रूरी काम है जो आपको लॉकडाउन के समय में अपने बड़े-बुजुर्गों के लिए करना है। आपको जब भी समय मिले घर के बड़ों की सेवा ज़रूर करें।उनके पैर दबाएं, सिर की मालिश कर दें। इससे ना सिर्फ उनका आशीर्वाद मिलेगा बल्कि संबंध भी मजबूत बनेंगे। यही नहीं घर के बच्चों के लिए भी यह परंपरा बतौर सीख या कहें संस्कार के रूप में काम आएगी।
तकनीक से करवाएं दोस्ती: लॉकडाउन के दौरान बड़े-बुजुर्गों दोस्ती तकनीक से करवाएं। उन्हें यूट्यूब पर भजन सुनवा सकती हैं या उनकी पसंद की पुरानी फ़िल्में स्मार्ट फ़ोन पर कैसे देखना है यह आप उन्हें बता सकती हैं। ऐसा करने से ना सिर्फ वह लॉकडाउन में अपना मनोरंजन अच्छे से कर पाएंगे बल्कि उन्हें भी कुछ नया सीखकर बेहतर और मोटिवेटड फील होगा।
इन सब तरीकों से आप अपने परिवार के बड़ों के साथ स्मूथ और याद कर रिलेशन बना सकती हैं।
