Celebrity Yoga Tips: यह हम सब जानते हैं कि करीना कपूर को योग करना पसंद है और वह फिट रहने के लिए योग का सहारा लेती हैं। यूं तो करीना का फेवरेट योगासन चक्रासन है, लेकिन करीना इसके अलावा और भी कई योग करती हैं। आज इस आर्टिकल में हम उन 9 योगासनों के बारे में जानेंगे, जो करीना की रूटीन में शामिल हैं।
चक्रासन
इसे अंग्रेजी में व्हील पोज़ भी कहा जाता है, जो अंगों तक ब्लड फ़्लो को बढ़ाता है और शरीर में सातों चक्र को स्टिमूलेट करता है। इसे करने में शुरुआत में मुश्किल आ सकती है क्योंकि इसमें पूरे शरीर को हाथ के जरिए ही ऊपर उठाया जाता है।
वृक्षासन

इसे ट्री पोज कहा जाता है, जो पैरों को मजबूती प्रदान करने के साथ संतुलन में भी सुधार लाता है। यह दिखने में आसान लग रहा होगा लेकिन इसे करने के लिए अभ्यास की जरूरत पड़ती है।
भुजंगासन

इसे कोबरा पोज़ भी कहा जाता है, जो चेस्ट, कंधे और पेट की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने के साथ दिल को दुरुस्त और मूड को बेहतर बनाता है। यह योगासन करीना के रोजाना के रूटीन में शामिल है।
उस्ट्रासन

सेतुबंध सर्वांगासन

इसे कैमल पोज़ भी कहा जाता है, जो अस्थमा, हर्निया, सिरदर्द और पीठ के निचले हिस्से के दर्द को ठीक करने में मददगार है। साथ ही शरीर को रिलैक्स भी करता है। इसे करने से रीढ़ की हड्डी में फ्लेक्सिबिलिटी भी आती है। यह छाती, दिल, और पेल्विक मसल्स को भी मजबूत करता है।
इसे ब्रिज पोज़ भी कहा जाता है, जो एक फ्लेक्सिबल योग पोज़ है, तो मजबूती और रिलैक्सेशन के लिए किया जा सकता है। यह योग मुद्रा पीठ को मजबूत करती है, रीढ़ को लचीला बनाती है और चेस्ट को खोलती है।
वसिष्ठासन

इस आसन का नाम ऋषि वसिष्ठ के नाम पर रखा गया है, जिसे अंग्रेजी में इसे साइड प्लैंक पोज़ कहा जाता है। यह हाथ और कलाई की मजबूती के लिए जरूरी है। यह पूरे शरीर को मजबूत और संतुलित करने में मदद करता है, साथ ही यह संतुलन, शक्ति और स्थिरता को बढ़ाने में सहायक है।
नौकासन

इसे अंग्रेजी में बॉट पोज़ कहा जाता है, जिसे करने से फेफड़े, लीवर और पैनक्रियाज़ मजबूत होते हैं। इस योगासन में अपने शरीर को नाव की तरह रखने की जरूरत पड़ती है। यह शरीर को संतुलित करने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसे करने से पेट की चर्बी कम, रीढ़ की हड्डी मज़बूत और पाचन क्रिया बेहतर होती है। .
चतुरंग दण्डासन

इसे लो प्लैंक भी कहा जाता है, जो पूरे शरीर खासकर पेट कम करने के लिए बढ़िया है। यह आपके शरीर के ऊपरी हिस्से और कोर को मजबूत करती है, साथ ही शरीर की मजबूती, संतुलन और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है। इसे सूर्य नमस्कार में शामिल किया जाता है।
पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन को ‘विंड रीलिविंग पोज़’ भी कहा जाता है, जिसे करने से पेट की गैस निकलती है और पाचन बढ़िया रहता है। इससे रीढ़ की हड्डी भी मज़बूत होती है और वजन कम करने में मदद मिलती है।
