इन 3 आदतों के कारण होता है माइग्रेन का तेज़ दर्द , ऐसे सुधारें अपनी आदतें
माइग्रेन सिर के आधे हिस्से पर बहुत ज़्यादा असर डालता है। इसमें होने वाला दर्द हलके से ज़्यादा की तरफ बढ़ने में जरा भी समय नहीं लेता है।
Avoiding Migraine Triggers: मुझे माइग्रेन की परेशानी है। ऐसा कहते हुए आपने कई लोगों को सुना होगा। असल में माइग्रेन सिर दर्द का एक प्रकार है। नर्वस सिस्टम की गड़बड़ी से जुडी समस्या आजकल बढ़ती चली जा रही है। साधारण सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर करना बेहद आसान है। माइग्रेन सिर के आधे हिस्से पर बहुत ज़्यादा असर डालता है। इसमें होने वाला दर्द हलके से ज़्यादा की तरफ बढ़ने में जरा भी समय नहीं लेता है। माइग्रेन से प्रभावित व्यक्ति को तेज़ आवाज़ों, तेज़ रौशनी, तेज़ या हल्की गंध से काफी परेशानी होती है। ज़्यादा तेज़ दर्द होने पर प्रभावित व्यक्ति को उलटी, चेहरे की हड्डियों में दर्द और नाक के आस पास काफी असहज महसूस हो सकती है। इस से प्रभावित व्यक्ति को अंधेरी जगह पर कुछ समय तक रहने की सलाह दी जाती है। इस तरह माइग्रेन के दर्द में जल्द आराम आता है।
आइये जानते हैं किन कारणों की वजह से माइग्रेन का दर्द बढ़ता है।
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गलत जीवनशैली अपनाना

दौड़ती भागती और व्यस्त दिनचर्या की वजह से हम खुद पर ध्यान देना लगभग कम ही कर देते हैं। गलत जीवनशैली अपनाने के बहुत से नुक्सान में से एक है माइग्रेन। रात में देर से सोना या सुबह देर तक सोते रहना भी माइग्रेन के दर्द का एक बड़ा कारण है। हम अपनी नींद को बहुत कम महत्व देते हैं। यही हमारी सबसे बड़ी गलती है। नींद पूरी न होने की वजह से माइग्रेन का दर्द बहुत जल्द वापस आने लगता है। समय पर सोना बहुत जरुरी है। नींद ना पूरी होने की वजह से माइग्रेन के साथ साथ आँखों की परेशानी, आलस बने रहना, थकन महसूस होना, किसी काम में मन ना लगना, ऐसी कई परेशानियां होने लगती हैं।
खाने पर ध्यान

खाने पर ध्यान ना देने की वजह से भी माइग्रेन पनपने लगता है। शुरुआत में हम इसे साधारण लक्षण समझ कर नज़रअंदाज करते रहते हैं। धीरे धीरे जब ये अपनी जड़ ज़माने लगता है तब हमें किसी बड़ी परेशानी का अंदाजा होता है। खाने पीने पर विशेष ध्यान दें। घर का बना कम तेल मसाले वाला और पोषण युक्त खाना खाएं। कोशिश करें आपके एक समय के खाने में हर तरह का पौष्टिक तत्त्व मौजूद हो ताकि खाने के पोषण की कमी से आपको माइग्रेन की परेशानी ना हो।
स्क्रीन टाइम

घर या ऑफिस के काम की थकान मिटाने के लिए हम रात में सोने जाने से पहले बैड पर ना जाने कितना ही समय अपने मोबाइल पर बिताते हैं। इसी वजह से माइग्रेन की परेशानी बढ़ने लगती है। अपना मनोरंजन इस तरह करने की वजह से हम सोने से ठीक पहले काफी लम्बे समय तक स्क्रीन पर रहते हैं और इसकी ही वजह से माइग्रेन और नर्वस सिस्टम प्रभावित होते हैं। ना तो ये हमारे मानसिक स्वास्थ के लिए अच्छा है और ना ही शारीरिक स्वास्थ के लिए। दोनों ही तरह का स्वास्थ अच्छा बनाए रखने और साथ ही माइग्रेन से दूरी बनाए रखने के लिए, सोने जाने से दो घंटे पहले ही टीवी ,मोबाइल, लैपटॉप आदि देखना बंद कर दें। इसे अपनी आदत में शामिल कर लें इस तरह स्क्रीन टाइम की वजह से आपका माइग्रेन का दर्द बिलकुल बंद हो जाएगा।
