A pregnant woman gently forms a heart over her baby bump, symbolizing love and care
Ignoring own needs during pregnancy

Summary: माँ की सेहत, बच्चे की सबसे बड़ी ताकत

गर्भावस्था में सही दिनचर्या माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है। संतुलित आहार, हल्का व्यायाम, भरपूर नींद और मानसिक शांति गर्भावस्था को सुरक्षित और सुखद बनाते हैं।

Daily Routine for Pregnant Women: गर्भावस्था में दिन की शुरुआत अगर शांति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हो, तो पूरा दिन बेहतर महसूस होता है। सुबह उठते ही थोड़ी देर गहरी सांस लेने से शरीर को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है और मन भी शांत रहता है। इसके बाद हल्की स्ट्रेचिंग या डॉक्टर की सलाह से किया गया प्रेग्नेंसी योग शरीर को एक्टिव रखने में मदद करता है। इससे मांसपेशियों में लचीलापन आता है, ब्लड फ्लो तेज होने के साथ सुस्ती व थकान दूर होती है। उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पीना पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है। सुबह का नाश्ता गर्भवती महिला के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यही पूरे दिन की ऊर्जा की नींव रखता है। नाश्ते में दूध, ताजे फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर चीजें जरूर

शामिल होनी चाहिए, ताकि मां और बच्चा दोनों को पूरा पोषण मिल सके।

Growing a tiny miracle every day
Love at first heartbeat

गर्भवती महिला की दिनचर्या में सबसे जरुरी है संतुलित आहार। गर्भावस्था में हर 2–3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पौष्टिक खाना लेना चाहिए। हरी सब्ज़ियाँ, मौसमी फल, दालें, अंडा, पनीर, दही और सूखे मेवे शरीर को जरुरी पोषक तत्व देते हैं। आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड से भरपूर भोजन अत्यंत जरूरी है। साथ ही दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाव हो सके।

गर्भावस्था में न बहुत ज्यादा काम करना चाहिए और न ही पूरे दिन सुस्त रहना चाहिए। हल्के घरेलू काम, टहलने से  शरीर सक्रिय रहता हैं। दिन में 1–2 घंटे का आराम ज़रूरी होता है, खासकर दोपहर के वक़्त। इस दौरान बाईं करवट लेटकर आराम करना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इससे बच्चे तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व अच्छी तरह पहुंचते हैं।

गर्भावस्था केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक बदलाव का दौर भी होता है। हार्मोनल बदलाव की वजह से मूड स्विंग, चिंता और भावुकता बढ़ती रहती है। इसलिए दिनचर्या में खुद के लिए समय निकालना बहुत जरूरी है। ध्यान, प्राणायाम, गाने सुनना, किताब पढ़ना या मनपसंद शौक अपनाना मन को शांत करता है। सकारात्मक सोच, परिवार का सहयोग और खुलकर बात करना तनाव को दूर रखने में मदद करता है।

Take care
Let the calm of the night heal you

गर्भवती महिला के लिए पूरी नींद लेना बेहद ज़रूरी है। रात का खाना हल्का और समय पर लेना चाहिए। सोने से पहले मोबाइल या टीवी का ज़्यादा उपयोग न करें। एक गिलास गुनगुना दूध नींद लाने में मदद करता है। सोते समय गहरी सांस लेना और मन को शांत रखना अच्छा रहता है। रोज कम से कम 7–8 घंटे की अच्छी नींद मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए जरुरी है।

डॉक्टर की सलाह लेकर गर्भवती महिलाओं को रोज हल्का व्यायाम जरूर करना चाहिए। रोजाना 25–30 मिनट की हल्की वॉक, प्रेग्नेंसी योग और स्ट्रेचिंग शरीर को लचीला बनाए रखते हैं और डिलीवरी को भी आसान बनाते हैं। इससे पीठ दर्द, सूजन और थकान जैसी शिकायतें कम होती हैं। ध्यान रखें कि कोई भी भारी एक्सरसाइज़ या अचानक से झटके वाले काम न करें।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...