Overview: शरीर में सूजन और फुलाव को कहें अलविदा
वाटर रिटेंशन यानी शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होना अक्सर सूजन, भारीपन और थकान का कारण बनता है। सही डाइट अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। एंटी-इंफ़्लेमेटरी फूड्स जैसे खीरा, अदरक, हल्दी, पत्तेदार सब्ज़ियां, बेरीज़ और ओमेगा-3 से भरपूर चीज़ें शरीर में सूजन कम करने में मदद करती हैं और पानी के संतुलन को बेहतर बनाती हैं।
Anti Inflammatory Foods: शरीर में 60 से 70 फीसदी पानी पाया जाता है, जो त्वचा हड्डियों, लंग्स, ब्रेन, त्वचा और किडनी में मौजूद होता है। मगर शरीर में पानी की अत्यधिक मात्रा वॉटर रिटेंशन का कारण बनने लगती है। इसके चलते हाथों पैरों में सूजन, वज़न का बढ़ना और स्किन संबधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दरअसल, शरीर में सोडियम की बढ़ी हुई मात्रा वॉटर रिटेंशन का कारण बनती है। ऐसे में दवाओं के अलावा कुछ फूड्स ऐसे भी है, जो शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखते हैं। आइये जानते हैं वॉटर रिटेंशन को कंट्रोल करने वाले कुछ एंटी-इंफ़्लेमेटरी सूजनरोधी फूड्स-
खीरा

खीरा शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है। खीरा 95 प्रतिशत पानी से भरपूर होता है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है और सूजन कम होती है। खीरे में डायूरेटिक गुण होते हैं, जो शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी बाहर निकालते हैं। इसमें सिलिका नामक तत्व होता है, जो स्किन और मसल्स को टाइट करता है, जिससे शरीर टोंड दिखता है। इसमें लो कैलोरी और हाई फाइबर पेट साफ रखने में मदद करता है और मोटापा घटाने में सहायक है।
नींबू
नींबू में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। नींबू लिवर को डिटॉक्स करता है और शरीर से अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन्स बाहर निकालता है। शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो जाने से सूजन होती है। नींबू इस वाटर रिटेंशन को कम करता है। नींबू में मौजूद विटामिन C और साइट्रिक एसिड मेटाबॉलिज्म को तेज कर शरीर की चर्बी घटाते हैं।
नट्स
नट्स में ओमेगा-3 फैटी ऐसिड्स होते हैं, जो सूजन को कम करने और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। इसके अलावा, नट्स में प्रोटीन और फाइबर भी होते हैं, जो लंबे समय तक पेट को भरा हुआ महसूस कराते हैं और ओवरईटिंग को रोकते हैं। यह वजन कम करने में सहायक होते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि नट्स का सेवन सीमित मात्रा में करें क्योंकि इनमें कैलोरी अधिक होती है।
ग्रीन टी
ग्रीन टी शरीर की कई परेशानी को दूर करने में प्रभावी हो सकता है। यह वजन कम करने से लेकर कई अन्य समस्याओं जैसे- अल्जाइमर, हार्ट से जुड़ी समस्या इत्यादि को दूर करने में प्रभावी है। ग्रीन टी में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो शरीर के सूजन को दूर कर सकता है।
तरबूज
तरबूज के सेवन से शरीर को पोटेशियम और अमीनो एसिड की प्राप्ति होती है। इससे ब्लड वेसल्स रिलैक्स हो जाती हैं और सोडियम का लेवल नियंत्रित बना रहता है। इसे आहार में शामिल करने से शरीर में एकत्रित पानी को रिलीज़ करने में मदद मिलती है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आने लगता है। इसके अलावा अमीनो एसिड से वॉटर रिटेंशन के चलते बढ़ने वाली सूजन को भी कम किया जा सकता है।
बेरीज
फाइबर से भरपूर स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी और ब्लैकबेरी एक लो कैलोरी फूड है। इससे शरीर को डिटॉक्स रखने में मदद मिलती है। इससे यूटीआइ का जोखिम कम हो जाता है। दरअसल, बैरी मै मौजूद एंटीऑक्सीडेंटस की मात्रा शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और वॉटर रिटेंशन की समस्या हल कर देती है। बैरीज़ शरीर में नेचुरल डयूरेटिक्स के रूम में काम करती हैं।
