40 की उम्र एक ऐसा पायदान है, महिलाओं की जिंदगी का, जहां जिंदगी सामने खड़े होकर एक के बाद एक कई चुनौतियां सामने रख रही होती है और वहीं चिंताओं में घिरी महिलाएं अपना ख्ष्याल रखना भूल चुकी होती है। कारण दिनभर पति, बच्चों और घर का पूरा ख्याल रखती हैं लेकिन खुद का ख्याल रखने के लिए वक्त नहीं निकाल पाती हैं। शुरुआती दौर में तो इसका ज्यादा प्रभाव उसके स्वास्थ्य पर नहीं होता है, लेकिन 40 की आयु तक पहुंचते ही शरीर इसके दुष्प्रभावों को दिखाना शुरू हो जाते हैं। ऐसे में अचानक से बुढ़ापे का अहसास होने लगता है और कई शारीरिक समस्याएं घेर लेती हैं। इसके लिए यह बेहद जरूरी है कि 40 की उम्र में महिलाएं अपने डायट का विशेष ख्याल रखें और डायट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करें। साथ ही महिलाएं कुछ सेल्फ केयर टेक्निक अपनाकर खुद को तैयार कर सकती है, ताकि वे खुद को रिलैक्स रखकर सारी परिस्थितियों का सामना कर सकें। 

 

योग और मेडिटेशन

चालीस की उम्र तक चहुंचते पहुंचते दिनभर काम करने के बाद अक्सर छोटी- छोटी बातों पर तनाव और चिड़चिड़ापन होना स्वाभाविक सी बात है। इसके लिए योगा, व्यायाम, मेडिटेशन, संगीत को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। साथ ही वह काम करें जिसे करने में आपको आनंद आता है और जिसमें आपका मन लगता है।

 

किताबें पढ़े और भरपूर नींद लें

दिनभर चिंताओं में डूबी रहने के कारण मां कभी गहरी नींद नही सो पाती हैं। ऐसे में खुद को रिलैक्स करने और गहरी नींद लेने के लिए मोटिवेशन के लिए सोने से पहले पसंदीदा किताब पढ़ें। थकान को दूर करने व तरोताजा होने के लिए 8 घंटे की भरपूर नींद जरूरी है।

रुटीन चेकअप जरूरी  

पुरूषों से ज्यादा महिलाओं को रूटीन बाॅडी चैकअप यां स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे में महिलाओं को ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थायरॉयड, कैल्शियम, विटामिन की जांच के साथ स्तनों की जांच करानी भी जरूरी होती है।

 

कुछ देर के लिए मौन हो जाएं

हर दिन का कुछ वक्त अपने लिए बचाकर रखें जब किसी से बात नहीं करेंगे, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे एप्स पर भी नहीं। जो चाहें वह करें, लेकिन अपने आसपास किसी से कोई बातचीत नहीं। अगर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो एक काम करें। नारियल के तेल के दो चम्मच अपने मुंह में डालें और इसे लगभग 15 मिनट तक घुमाएं। यह मौन भी रखने में मदद करेगा और कुछ स्वास्थ्य लाभ भी देगा।

 

कैल्शियम और आयरन की सही खुराक लें

भारतीय महिलाओं में आयरन और कैल्शियम की कमी आमतौर पर पाई ही जाती है। इसलिए 40 की उम्र में आने पर एक बार इन दोनों का टेस्ट जरूर करा लें और अपने खानपान में ऐसी चीजें शामिल करें, जिनमें कैल्शियम और आयरन की मात्रा अधिक हो। कोशिश करें कि इन्हें प्राकृतिक स्रोतों से ही प्राप्त करें, लेकिन यदि डॉक्टर इनकी गोलियां लेने को कहें तो इनसे भी परहेज न करें।

 

ज्यादा तेल और मसालों से बचें 

बढ़ती उम्र के अनुसार आप अपने भोजन में अत्यधिक तेल व मसालों का सेवन कम कर दें और संतुलित मात्रा में ही इनका प्रयोग करें, ताकि आपकी पाचन क्रिया बेहतर रहे और शरीर के अंगों को कार्य करने में अत्यधिक मेहनत न करना पड़े।

 

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