अगर बनी रहे और शरीर पर चर्बी न चढ़े, इसके लिए एक्सरसाइज करना जरूरी है। लेकिन क्या करें? जब जिम जाते हैं तो कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है। कभी चोट लग जाती है तो कभी पैरों में इतना दर्द हो जाता है कि ऑफिस में बॉस की फटकार सुननी पड़ती है। पति भी उलाहने देने लगते हैं कि जिम में क्या करती हो, जो इतनी स्लो हो गई हो। समझ नहीं आता कि क्या किया जाए। किस तरह वर्कआउट किया जाए कि न तो चोट लगे और न ही दर्द हो। तो क्यों न आज से ही अपने वर्कआउट को इस तरह से ह्रश्वलान किया जाए कि मस्ती के साथ एक्सरसाइज भी हो जाए।

बॉलीफिट डांस प्रोग्राम की संस्थापक और लीडिंग फिटनेस इंस्ट्रक्टर रीमा सरीन ने हमें बताया कि वर्कआउट करते समय हमें किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। वर्कआउट के बाद दर्द होना इस बात का संकेत है कि आपने मजबूती से मांसपेशियों को रिपेयर करने का काम किया है। कई बार यह दर्द लगातार वर्कआउट करने से दूर भी हो जाता है। आपका शरीर इतना स्मार्ट है कि यह खुद आपको बताएगा कि कब आपकी मांसपेशियों की रिपेयरिंग का काम खत्म हो गया है। वर्कआउट के एक सप्ताह के बाद भी अगर दर्द होता रहता है तो इसको कम करने के कुछ उपाय हम यहां बता रहे हैं।

दर्द की दवा

केमिस्ट की दुकान पर मिलने वाली ओवर द काउंटर पेन किलर से आपकी मांसपेशियों में हो रहे दर्द से कुछ समय के लिए छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन इसकी डोज कम ही लेना सही रहता है। बेहतर होगा कि जब दर्द ज्यादा हो रहा
फिहै तो ब्रूफेन जैसी किसी पेन किलर की आधी गोली खाना बेहतर रहेगा।

स्ट्रेचिंग

जब मांसपेशियां रिकवरी मोड में रहती हैं तो इनमें कसाव आ जाता है और दर्द महसूस होने लगता है। इसके लिए धीरे-धीरे स्ट्रेचिंग करें। बिल्कुल हल्के-हल्के ताकि दर्द बढ़े नहीं। इससे कसाव कम होगा और दर्द भी।

हल्की मसाज

दर्द वाली मांसपेशियों में मसाज करने से कसाव भी कम होता है और रक्त संचार बढ़ता है। रक्त संचार आपकी रिकवरी में तेजी लाता है और इससे मांसपेशियों का दर्द जल्दी खत्म होता है।

गुनगुने पानी में स्नान

गुनगुने पानी में स्नान करने से कसी मांसपेशियां ढीली पड़ती हैं और रक्त संचार में तेजी आती है। बेहतर रक्त संचार का अर्थ है दर्द भरी मांसपेशियों में अधिक ऑक्सीजन और रक्त का पहुंचना। इससे दर्द से जल्दी राहत मिलती है।

गरम या ठंडा इलाज

15 मिनट के लिए उस विशेष क्षेत्र में बर्फ का पैक लगाएं, जहां दर्द हो रहा है। इसके बाद 15 मिनट के लिए गरम पैम लगाएं। ऐसा बार-बार करती रहें। गरम के बाद ठंडे से रक्त संचार में तेजी आती है और मांसपेशियां जल्दी ही खुद को मजबूत बनाने के साथ-साथ रिपेयर भी होती हैं। याद रखें कि इस दर्द का अर्थ है कि आपका शरीर मस्तिष्क को सूचना दे रहा है कि उसे आराम चाहिए।

बचाव के लिए 4 अहम बातें

  1. हमारे शरीर को वर्कआउट के दौरान दर्द न हो, इसके लिए हमें चार बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सबसे जरूरी बात, हम अपने शरीर की क्षमता और स्टैमिना की जांच करें कि हम कैसे खुद को एक्सरसाइज के लिए तैयार कर सकते हैं। वर्कआउट हम ऐसे करें कि हमें खुशी का अहसास हो।
  2. दूसरी अहम बात है पहनावे पर विशेष ध्यान देना। अच्छे जूते पहनकर ही वॉक या जॉग करें। ध्यान रखें कि आपके जूते में पैडिंग अच्छी हो ताकि घुटने और टखने सुरक्षित रह सकें। साथ ही जोड़ों और घुटनों पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। कपड़े भी हल्के और ढीले पहनें।
  3. तीसरी अहम बात है सही फिटनेस गीयर का चुनाव। एरोबिक डांस करती हैं तो नी पैड जरूर पहनें।
  4. चौथी और अंतिम महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आपकी मांसपेशियों में पहले से किसी तरह का दर्द है तो वर्कआउट शुरू करने से पहले ही अपने डॉक्टर से मिलें और पूरी तरह से स्वस्थ हो जाने के बाद ही वर्कआउट के लिए आगे बढ़ें।