कंप्यूटर विजन सिंड्रोम बढ़ा सकता है आपकी परेशानी जानिए, इसकी वजह और निदान: Computer Vision Syndrome
Computer Vision Syndrome

आंखों का रखिए ख्याल:

आंखों की सेहत हमेशा बरकरार रखना जरूरी होता है। लेकिन कंप्यूटर और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल के चलते आंखों की समस्या बढ़ती जाती है। फिर एक समय के बाद कंप्यूटर विजन सिंड्रोम जैसी समस्या घर करने लगती है।

Computer Vision Syndrome: अब हर कोई कंप्यूटर पर काम करता है। जिंदगी का यह जरूरी हिस्सा बन चुका है। लेकिन जहां कंप्यूटर जिंदगी के बहुत से कामों में मदद करता है, वहीं यह आंखों पर बुरा असर भी डालता है। यह बात हम अब जानते भी हैं लेकिन फिर भी आंखों पर असर तो होता ही है। ऐसे ही असर में से एक है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम। यह वह परेशानी है जो कंप्यूटर, मोबाइल चलाने वाले लोगों को हो ही जाती है। एक्सपर्ट मानते हैं कि इस समस्या के चलते साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करा लेनी चाहिए, चलिए कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के बारे में ज्यादा जानते हैं, आपकी आंखों की सलामती के लिए यह जरूरी है-

कौन-सी है यह परेशानी

Computer Vision Syndrome
Eye Problem

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम है क्या? सबसे पहले यह जान लेना सही रहेगा। कंप्यूटर की वजह से आंखों में होने वाली परेशानी इस सिंड्रोम में शामिल होती है। स्क्रीन के सामने लंबे समय तक रहने से यह दिक्कत हो सकती है। इसके लक्षणों में शामिल हैं-

-आंखों में दर्द और तनाव

-आंखों में रूखापन

-खुजली

-लाल आंखें

-धुंधला दिखना

-सिर दर्द

-पीठ में दर्द

कब-कब लें ब्रेक

Break Time
Break Time

विशेषज्ञ मानते हैं कि कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हुए हर 20 मिनट में ब्रेक लिया जाना चाहिए। यह ब्रेक कम से कम 2 मिनट का होना चाहिए। इन दो मिनट में जितनी दूर हो सके, उतनी दूर देखने की कोशिश करें। 20 फीट दूर देखने की कोशिश करें, इसका खूब फायदा मिलेगा।

स्क्रीन से दूरी

Screen Break
Screen Break

कोशिश करें कि लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन आपने काफी दूर हो। यह दूरी कम से कम 20 से 28 इंच होनी चाहिए। आपकी आंखों पर स्क्रीन की रेज का कम से कम असर इस तरह से पड़ेगा। जितनी स्क्रीन दूर आंखें उतनी तंदरुस्त, इसको याद रखिए।

ऊपर नीचे का संतुलन

Balance

आंखों की तुलना में स्क्रीन थोड़ी नीचे भी होनी चाहिए। स्क्रीन आंखों से कम से कम 5 इंच नीचे होने चाहिए। इससे स्क्रीन का बुरा असर सीधे आंखों पर नहीं पड़ता है।

सावधानियां

Precaution

ऊपर बताई गई सावधानियों के अलावा कुछ खास बातें भी आपको ध्यान रखनी होंगी। इसको समझ लीजिए-

-आंखों को आराम देने का एक तरीका यह भी है कि उन्हें समय-समय पर धोया जाए। यह पानी ठंडा हो तो अच्छा है ।

-पानी खूब पिएं।

-अगर आंखों का चश्मा लगा है तो उसे जरूर इस्तेमाल करें। कई बार डॉक्टर आंखों की सुरक्षा के लिए सिर्फ स्क्रीन इस्तेमाल के लिए भी चश्मा लगाने की सलाह देते हैं। इस सलाह को मानें और चश्मा जरूर पहनें।

-धूप में निकलें तो भी चश्मा जरूर पहनें, सूरज की रौशनी का गलत असर आपकी आंखों पर नहीं होगा।