Boba Tea Effects
Boba Tea Effects

Boba Tea Effects: चाय का तो हर कोई दीवाना होता है, लेकिन आजकल लोग सिंपल टी के नहीं बल्कि बोबा टी के दीवाने हैं। जी हाँ, यह बोबा टी आजकल लोगों के बीच काफ़ी पॉपुलर है। ख़ासतौर पर युवाओं में इस चाय को लेकर बहुत क्रेज़ है। लेकिन, आप शायद नहीं जानते कि टेम्प्टिंग लगने वाली अलग-अलग टॉपिंग्स और फ़्लेवर्स में मिलने वाली यह स्टाइलिश और ट्रेंडिंग बोबा टी आपकी सेहत को कितना नुक़सान पहुँचा सकती है। यह मोटापा, डायबिटीज और दूसरी कई समस्याओं की वजह बन सकती है। चलिए आज हम आपको बताते हैं क्या है ये बोबा टी और सेहत के लिए क्यों है यह अनहेल्दी ड्रिंक।

boba tea side effects
boba tea side effects

दुनिया भर में फेमस बोबा टी या बबल टी दरअसल ताइवान की लोकप्रिय ड्रिंक है। इसे पर्ल मिल्क टी, टैपिओका टी आदि नामों से भी जाना जाता है। इसका बेस चाय से तैयार किया जाता है, उसके बाद इसमें फ्लेवर के लिए फ्रूट या मिल्क का डाला जाता है। इस ड्रिंक में एडिबल पर्ल डाले जाते हैं जिन्हें बोबा कहते हैं और इसी कारण यह ड्रिंक बोबा ड्रिंक कहलाई जाती है।

कैसे तैयार करते हैं ये बोबा टी

इसे ब्लैक, व्हाइट और ग्रीन टी तीन अलग बेस से बनाया जाता है। टॉपिंग्स लोग अपने हिसाब से चुन सकते हैं। इसमें सामान्य दूध के अलावा बादाम का दूध या फलों का जूस भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस वजह से यह वीगन लोगों के बीच भी काफ़ी पॉपुलर हो रही है। इसमें साबूदाना या टैपिओका बॉल्स का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसमें पुडिंग्स, रेड बीन्स, ग्रास जेली और टैरो बॉल्स पसंद करते हैं। इसको बनाने के लिए पहले गरम पानी में टैपिओका बॉल्स डालकर उन्हें फूलने दिया जाता है। फिर एक कप चाय पत्ती वाला पानी लेकर उसमें फ्लेवर्ड मिल्क मिलाये जाते हैं। ऊपर से पसंद की टॉपिंग्स और फिर टैपिओका बॉल्स डालकर तैयार हो जाती है यह बोबा टी।

बोबा टी आपको पीने से बचना चाहिए क्योंकि यह शरीर को कई तरह से नुक़सान पहुँचा सकती है। जैसे-

चीनी की ज्यादा मात्रा

बोबा टी में चीनी की अत्यधिक मात्रा होती है। बहुत से फ्लेवर्स डाले जाने के कारण इसका  शुगर लेवल काफ़ी बढ़ जाता है। यह टी पीने से लिवर में फैट जमा होकर फैटी लिवर की समस्या पैदा करता है। इससे शुगर लेवल तेज़ी से बढ़ता है और डायबिटीज होने का ख़तरा रहता है।

वजन बढ़ा सकती है

इसमें कैलोरी की मात्रा काफ़ी ज्यादा होती है जबकि इसकी wवैल्यू काफ़ी कम होती है। इसलिए इसके पीने से आप तेज़ी से वेट गईं कर सकते हैं।

टैपिओका ग्रेन्स में कार्ब्स ज्यादा होते हैं  

बोबा चाय में इस्तेमाल किए जाने वाले टैपिओका ग्रेन्स में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है क्योंकि इन्हें टैपियोका स्टार्च को चाशनी में पकाकर तैयार किया जाता है। इसलिए ये फैट जमा करने का कारण बन सकते हैं।

तो, आप भी अगर बोबा टी के शौक़ीन हैं तो याद रखें इसका सेवन कभी-कभार ही करें। इसको अपनी डेली डाइट में शामिल नहीं करें नहीं तो यह आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...