मिलेट्स- नए और पुराने जमाने का सुपरफूड: Benefits of Millets
Benefits of Millets

Benefits of Millets: मिलेट्स हमारे लिए कोई नया भोजन नहीं है। यह लंबे समय से एशियाई संस्कृतियों का हिस्सा रहे हैं। हरित क्रांति के आगमन तक मध्य और दक्षिणी भारत की अधिकांश आबादी द्वारा प्रतिदिन मिलेट्स का सेवन किया जाता था। आमतौर पर आज, भारतीय बड़ी मात्रा में अनाज का सेवन करते हैं, जिसमें चावल, मक्का और रिफाइंड गेहूं आसानी से उपलब्ध कार्बोहाइड्रेट के रूप में होते हैं। जब यह गतिहीन जीवन शैली के साथ मिलते हैं तो जंक फूड और अन्य अनहेल्दी फूड आइटम मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

मिलेट्स को मुख्य खाद्य पदार्थों के रूप में और डाइट में विविधता लाने और लिपिड के रक्त स्तर को नियंत्रित करने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, वे मधुमेह और हाइपरलिपिडेमिया जैसे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर को प्रबंधित करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। मिलेट्स के वास्तव में कई स्वास्थ्य लाभ हैं। भारत सरकार द्वारा एक पहल के रूप में, साल 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स घोषित किया गया है।

मिलेट्स किस प्रकार के होते हैं

बाजरा कई प्रकार के साइज और शेप्स में आते हैं। मसलन-

  • फॉक्सटेल मिलेट्स
  • रागी बाजरा
  • बाजरा
  • बक्वीट
  • छोटा बाजरा
  • ज्वार
  • बरनी बाजरा

मिलेट्स शरीर को कैसे लाभ पहुंचाता है

मिलेट्स ग्लूटन फ्री, अत्यधिक पौष्टिक और हाई फाइबर फूड है, जो पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इनमें कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस सहित कई प्रकार के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं। उनके कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) के कारण, ये फूड आइटम्स चावल और गेहूं की तरह आपके ब्लड शुगर लेवल को स्पाइक करने का कारण नहीं बनते हैं। मिलेट्स डायटरी फाइबर से भी भरपूर होता है, जो वाटर को अब्जॉर्ब है और बल्क प्रदान करता है। यह इंफ्लेमेटरी बाउल डिसीज के रिस्क को भी कम करता है और एक क्लींजिंग एजेंट के रूप में कार्य करता है।

अध्ययनों से पता चला है कि मिलेट्स में कई अनाजों की तुलना में अधिक पोषण मूल्य होता है। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, डायटरी फाइबर और आवश्यक अमीनो एसिड का अच्छा स्रोत होने के साथ-साथ, वे हेल्दी फैट्स का भी एक अच्छा स्रोत हैं। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मिलेट्स क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद करता है, जो सभी बीमारियों का मूल कारण है। क्रॉनिक इंफ्लेमेशन के परिणामस्वरूप गठिया, मधुमेह, गुर्दे की बीमारी आदि जैसी क्रॉनिक कंडीशन हो सकती हैं। क्या आपको पता है कि अपने डेली रूटीन में एक सिंपल का बदलवा आपके शरीर की क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।

क्या मिलेट्स शरीर में सूजन को कम करने में मदद करता है

मिलेट्स में चोकर और रोगाणु होते हैं, जो सफेद आटे में रिफाइंड होने पर अलग हो जाते हैं। चोकर में फाइबर होता है जिसे हमारे पेट के बैक्टीरिया ब्यूटाइरेट में बदल सकते हैं, जो एक एंटी-इंफ्लेमेटरी पदार्थ है। मिलेट्स को एक रेसिस्टेंट स्टार्च के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह आपके गुड बैक्टीरिया को बढाता है यहीं से अधिकांश समस्याएं शुरू हो जाती हैं। मिलेट्स प्रोटीन और कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट का भी एक बेहतरीन स्रोत भी है और इसमें कई विटामिन, खनिज और फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो कई तरह से इंफ्लेमेशन से लड़ते हैं। यह एंटी-ऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है। साथ ही, यह लाभकारी और एंटी-इंफ्लेमेटरी अणुओं के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं। इससे कई प्रकार के कैंसर को रोकने में भी मदद मिल सकती है।

मिलेट्स को आहार में शामिल करें

मिलेट्स में आपको संतुष्टि का अहसास दिलाते हैं, जो आपको अधिक खाने से बचाने में मदद करता है। आप थोड़ा सा मिलेट्स को सलाद या चाट में मिला सकते हैं। आप खिचड़ी, पुलाव, सूप, सलाद, चाट, दलिया और यहां तक कि चिप्स और खाखरा जैसे स्नैक्स के रूप में भी इसे बना सकते हैं। आप चाहें तो इससे उपमा या पैनकेक भी बना सकते हैं। यह शरीर में सूजन को कम करने में, गठिया, गुर्दे की बीमारी, हृदय रोग, मधुमेह आदि से निपटने में भी मदद करेगा।