Summary: हाथ धोने का सही तरीका क्या है
अगर आप स्वयं को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आपको यह भली-भांति समझना होगा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए हाथ धोना कितना आवश्यक है। साफ हाथ हमें अनेक बीमारियों से बचाते हैं।
Global Handwashing Day 2025: अगर आप स्वयं को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आप भली भांति इस बात से परिचित होंगे कि हाईजीन को मेंटेन करने के लिए हाथ धोना कितना आवश्यक है। अगर आपके हाथ साफ होते हैं तो आप बहुत सी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। हाथ धोने की क्या अहमियत हैं और इसके प्रचार प्रसार के लिए ग्लोबल हैंडवॉशिंग पार्टनरशिप ने साल 2008 में ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे शुरुआत की थी।
साल 2008 से लेकर अब तक हर साल 15 अक्टूबर को ग्लोबल हैड वॉशिंग डे सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में हाथ धोने की आदत को ज्यादा से ज्यादा डवलप करना था, ताकि लोग स्वस्थ रहें। इस डे का समर्थन यूनिसेफ, वैश्विक सरकारें, स्कूल, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आदि करते हैं। हर साल इसे डे को सेलिब्रेट करने की थीम रखी जाती है। इस बार की थीम है- इट माइट भी ग्लवस, इट्स ऑलवेज हैंडहाइजीन। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि ग्लवस हाथ धोने का विकल्प नहीं है। अगर इन्हें मिसयूज किया गया तो यह बहुत नुकसानदेह होते हैं।
तो कब धोने चाहिए हाथ
जब हैंड हाइजीन की बात चल ही रही है तो आपके मन में यह सवाल आना स्वाभाविक सी बात है कि हाथ कब धोने चाहिएं? तो चलिए जानते हैं कि हम लोग खाना खाने से पहले और बाद में तो हाथ धोते ही हैं। लेकिन इसके अलावा भी बहुत ऐसी वक्त होते हैं जब हमें हाथ धोने होते हैं। जैसे कि अगर आपके घर में कोई पालतू है और आप उसे छू रहे हैं तो आपको हाथ धोने चाहिएं। इसके अलावा वॉशरुम यूज करने के बाद, वेस्ट को उठाने के बाद, खाना बनाने से पहले, किसी छोटे बच्चे को अपनी गोद में लेने से पहले, किसी मरीज से मिलते वक्त हमें हाथ धोने चाहिए। इसके अलावा अगर आप छींक और खांस रहें है या फिर आप कहीं बाहर से आएं हैं तो हाथ धोने का ध्यान रखें। समझिए इस बात को कि हम जितना हाथ धोने का ख्याल रखते हैं, हम उतना ही इंफेक्शन को रोकने में सफल रहते हैं।
क्या है हाथ धोने का सही तरीका

अगर आप हाथ धोने के प्रति अवेयर हैं तो आपके लिए इस बात को जानना भी नितांत आवश्यक है कि हाथ धोने का सही तरीका क्या है? सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इस बात को समझें कि आपको केवल हथेलियों को रगड़ कर नहीं धोना है आपको अंगुलियों के बीच की भी सफाई करनी है। हाथों को कम से कम बीस सैकंड के लिए धोएं। नाखूनों के नीचे का हिस्सा और हाथों की बैक पर भी साबुन लगाना ना भूलें। हाथ धोने के लिए आप साबुन या लिक्विड जो भी इस्तेमाल करते हैं वो करें। बस इस बात का ध्यान रखें कि आप पानी की सहायता से उसे सही से निकालें। हाथ धोने के बाद आप उन्हें सुखाएं भी, हाथ सुखाने के लिए आप टिशू ले सकते हैं।
कोरोना में समझ आई थी अहमियत

बेशक यह डे साल 2008 से सेलिब्रेट किया जा रहा है। लेकिन हाथ धोने की क्या अहमियत है , यह बात लोगों को कोरोना काल में पता चली थी। हाथ धोेने से हम बहुत से संक्रमणों को रोक सकते हैं। इसमें डायरिया और सांस से संबधित बीमारियां भी शामिल हैं। हम इस संदर्भ में जितना सचेत रहेंगे उतना ही स्वस्थ रहेंगे।
